गुडगाँव में एसीएल टियर का इलाज
एसीएल टियर खेल खेलते समय घुटने की मोड़ने से होने वाली चोट है जो घुटने की महत्वपूर्ण संरचना ACL को नुकसान पहुंचाती है। यह चोट खेल जैसे फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी आदि में अधि...read more
गुडगांव में एसीएल टियर के लिए 204+ बेस्ट डॉक्टर
Dr. Anurag Awasthi
Manipal Hospitals
W Pratiksha Hospital
Dr. Om Prakash Gupta
Dr. Sandeep Chauhan
Dr. Rakesh Arya
Dr. Kshitij Srivastava
Dr. Kulgaurav Kaushik
Dr. Ratnav Ratan
Dr. Sharandeep Singh Saluja
गुडगांव में एसीएल टियर के लिए बेस्ट डॉक्टर
| डॉक्टर का नाम | अस्पताल की फीस | लायब्रेट रेटिंग |
|---|---|---|
| Anurag Awasthi | ₹ 800 | 86 |
| Manipal Hospitals | ₹ 900 | 92 |
| W Pratiksha Hospital | ₹ 1,500 | 93 |
| Om Prakash Gupta | ₹ 800 | NA |
| Sandeep Chauhan | ₹ 600 | 88 |
| Rakesh Arya | ₹ 1,000 | NA |
| Kshitij Srivastava | ₹ 500 | 90 |
| Kulgaurav Kaushik | ₹ 600 | NA |
| Ratnav Ratan | ₹ 950 | NA |
| Sharandeep Singh Saluja | ₹ 600 | NA |
गुडगाँव में एसीएल टियर का इलाज पर रोगियों की प्रतिक्रिया
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एसीएल टियर उपचार के लिए कौन सा डॉक्टर सबसे अच्छा होता है?
एसीएल टियर उपचारके लिए ओर्थोपेडिक के पास जाना चाहिए। हड्डियों, जोड़ों, स्नायुबंधन, कण्डरा और मांसपेशियों से संबंधित विकारों का उपचार ओर्थोपेडिक सर्जन ही ठीक से कर सकता है। अपने उपचार के लिए आप किसी अनुभवी ओर्थोपेडिक सर्जन का चुनाव करें।
गुडगाँव में एसीएल टियर उपचार के लिए सबसे अच्छे डॉक्टर कैसे ढूंढें?
गुडगाँव में एसीएल टियर उपचार के लिए सर्जन की योग्यता और उसकी शिक्षा को ध्यान में रखें। आप अपने सर्जन का चुनाव करते हुए अपनी जान पहचान के लोगों से किसी सर्जन के बारे में उनका अनुभव पूछ सकते हैं। आप अपने आस पास या अपने शहर में ऐसे अस्पताल या संसथान ढूंढें जहां आपको अच्छे ओर्थोपेडिक सर्जन मिल सकें। या फिर आप विभिन्न वेबसाइटों और ऑनलाइन डायरेक्टरी के जरिए भी एक अच्छा सर्जन चुन सकते हैं। इसके अलावा आप सीधेwww.lybrate.comपर जाकर अपना अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं।
एसीएल टियर का मुख्य कारण क्या है?
लिगामेंट्स ऊतक के मजबूत बैंड को कहते हैं जो एक हड्डी को दूसरे से जोड़ते हैं। एसीएल,दो लिगामेंट में से एक है जो घुटने के बीच से होते हुए जांघ की हड्डी को शिनबोन से जोड़ता है। और ये घुटने के जोड़ को स्थिर करने में मदद करता है।
कई बार इसमें चोट लग जाती है। चोट लगने का मुख्य कारण खेल कूद और शारीरिक - -गतिविधियाँ हो सकती है। इसके आलवा:
- खेल और फिटनेस गतिविधियों के दौरान घुटने पर तनाव बढ़ता है
- अचानक धीमा होना और दिशा बदलने से भी चोट लग जाती है
- टूटी-फूटी सड़क पर चलते समय पैर मुड़ने की वजह से
- तेज चलते समय अचानक से रुकना से
- दिशा बदलना घुटने पर सीधा झटका लगना या टक्कर होना
- या फिर किसी दुर्घटना के दौरान भी चोट लग सकती है।
क्या एसीएल टियर गंभीर होता है?
अगर चोट लगने एक बाद सही से इलाज नहीं कराया जाए तो निम्न समस्याएं हो सकती है :
- घुटने के जोड़ की अस्थिरता: फटे हुए या क्षत्तिग्रस्त एसीएल जोड़ कोई भी वजन सहन करने में सक्षम नहीं होता वह अस्थिर हो जाता।
- दर्द: धीरे धीरे इसकी चोट का दर्द बढ़ता जाता है और असहनीय हो सकता है। मरीज को हिलने-डुलने में भी दिक्कत होने लगती है।
- विकलांगता: अगर समय पर उचित इलाज न किया जाए तो चोट गंभीर रूप धारण कर लेती है जिससे स्थायी विकलांगता हो जाती है। इसलिए चोट लगते ही किसी चिकित्सक से संपर्क करें।
गुडगाँव में एसीएल टियर के उपचार का सबसे तेज़ तरीका क्या है?
एसीएल में हल्की-फुल्की चोट या खरोंच लगने पर चिकित्सक दवाओं से उसका इलाज करता है।लेकिन अगर लिगामेंट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया हो तो सर्जरी ही इसका सबसे बढ़िया इलाज है। सर्जन मरीज के परीक्षण द्वारा देखता है कि लिगामेंट को कैसे ठेके किया जा सकता है।एसीएल टियर की सर्जरी एंडोस्कोपिक के जरिए की जाती है।
गुडगाँव में एसीएल टियर उपचार के लिए डॉक्टर से कब संपर्क करना चाहिए?
एसीएलका कोई भी लक्षण जो आपके दिनचर्या को प्रभावित करता हो, जैसे, घुटने में दर्द, सूजन, चलने-फिरने में दिक्कत हो रही तो तुरंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए।
अगर मैं एसीएल टियर से पीड़ित हूं तो मुझे अपने डॉक्टर से क्या सवाल पूछना चाहिए?
सर्जन के पास जाते आपको अपनी चोट को जल्दी ठीक करने में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में पूछना चाहिए। अगर वह सर्जरी के लिए कहता है तो उससे सर्जरी के लिए सबसे अच्छे अस्पताल और उसमे आने वाली लागत के बारे में पूछना चाहिए। सर्जरी के दौरान और बाद में आने वाली जटिलताओं के बारे में भी उनसे पूछ लेना चाहिए। और ये भी पूछना चाहिए की सर्जरी के कितने दिनों बाद अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं।
क्या एसीएल टियर सर्जरी दर्दनाक होता है?
एसीएल सर्जरी के बाद मरीज के घुटने के अंदर और आसपास हल्का दर्द हो सकता है। इसके लिए सर्जन दर्द निवारक दवा देते हैं धीरे-धीरे यह दर्द ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मरीजों में यह दर्द असहनीय हो सकता है।
क्या एसीएल टियर सर्जरी सुरक्षित होता है?
एसीएल टियर सर्जरी एक सुरक्षित प्रक्रिया होती है। लेकिन कभी-कभी कुछ मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जैसे, ग्राफ्ट का सही न लगना, दर्द, संक्रमण। कभी-कभी ये सर्जरी दोबारा भी करनी पड़ सकती है। यदि मरीज के मन में अपनी सर्जरी और सुरक्षा को लेकर कोई भी सवाल हो, तो अपने सर्जन से परामर्श करना चाहिए।
क्या लेजर एसीएल टियर उपचार स्थायी है?
लेजर आधुनिक प्रक्रियाओं में से एक है।कई प्रक्रियाओं में इसका उपयोग किया जाता है लेकिनएसीएल टियर सर्जरी इसका स्थाई इलाज नहीं है। इसके द्वारा घुटने की सूजन कम की जा सकती है साथ ही लिगामेंट्स में आई हल्की-फुल्की दरार को रिपेयर किया जा सकता है।लेकिन घुटने को पूरी तरह से बदला नहीं जा सकता है। इसके लिए एंडोस्कोपिक प्रक्रिया से की जाने वाली सर्जरी बेस्ट है।
गुडगाँव में एसीएल टियर के उपचार की लागत क्या है?
एसीएल टियर सर्जरी की लागत गुडगाँव में विभिन्न कारकों पर निर्भर कर सकती है, जैसे कि घुटने की चोट की गंभीरता, मरीज की आवश्यकता, अस्पताल का चुनाव, सर्जन की प्रतिष्ठा, लैब टेस्ट आदि कारण सर्जरी की लागत को प्रभावित कर सकते हैं।अगर एसीएल टियर सर्जरी की अनुमानित लागत की बात करें तो 70,000 रु. से लेकर 2,00,000रुपए तक हो सकती है।सर्जरी की लागत एक मरीज से दूसरे मरीज में बदल सकती है।
अगर एसीएल टियर का उपचार न कराया जाए तो क्या होता है?
अगर एसीएल टियर सर्जरी की आवश्यकता होने के बावजूद मरीज सर्जरी नहीं कराता तो मरीज के घुटने के लिगामेंट्स और अधिक प्रभावित हो सकते हैं। जिसकी वजह से मरीज को चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है और दर्द असहनीय हो सकता है। इसलिए चोट लगते ही सर्जन के पास जाना चाहिए और जरुरत पड़ने पर सर्जरी तुरंत करा लेनी चाहिए।
