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अवलोकन

Last Updated: Nov 06, 2019
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मनोचिकित्सा - उपचार, प्रक्रिया और साइड इफेक्ट्स | Psychotherapy in hindi

मनोचिकित्सा क्या है? मनोचिकित्सा प्रक्रियाओं के विभिन्न प्रकार क्या हैं? मनोचिकित्सा की आवश्यकता किसे होती है? कौन उपचार के लिए योग्य नहीं है? मनोचिकित्सा के दुष्प्रभाव क्या हैं? मनोचिकित्सा सत्र के बाद क्या देखभाल आवश्यक है? ठीक होने में कितना समय लगता है? भारत में मनोचिकित्सक प्रति सत्र का कितना शुल्क लेते है? क्या मनोचिकित्सा वास्तव में काम करती है? मनोचिकित्सा के क्या लाभ हैं? मनोचिकित्सा उपचार के विकल्प क्या हैं?

मनोचिकित्सा क्या है?

मनोचिकित्सा आमतौर पर मानसिक स्वास्थ्य के इलाज के लिए मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक और अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा उपयोग की जाने वाली तकनीक है. यह हमारे जीवन को नियंत्रित करने और स्वस्थ कौशल के साथ विभिन्न चुनौतीपूर्ण स्थितियों को सही करने में मदद करता है. चिकित्सा सत्र के दौरान, डॉक्टर या विशेषज्ञ रोगी की स्थिति, मनोदशा, भावनाओं, विचारों, व्यवहारों के बारे में जानने का प्रयास करता है और चिकित्सा कार्य को आगे बढ़ाता है.

अपने अनूठे दृष्टिकोण के साथ कई प्रकार की तकनीकें उपलब्ध हैं. मरीज के लिए किस तरह की चिकित्सा सही रहेगी यह उसके व्यक्तिगत स्थिति पर निर्भर करता है. इसे आमतौर पर टॉक थेरेपी, परामर्श, मनोसामाजिक चिकित्सा या सिर्फ थेरेपी के रूप में जाना जाता है. इसका उपयोग या तो अकेले या मानसिक बीमारियों के इलाज के लिए दवाओं के संयोजन में किया जाता है. यद्यपि इसे संक्षेप में "चिकित्सा" कहा जाता है, मनोचिकित्सा शब्द में कई उपचार तकनीक शामिल हैं.

मनोचिकित्सा के दौरान, मानसिक रोगी लाइसेंस प्राप्त और प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात करता है जो उसकी बीमारी को ट्रिगर करने वाले कारकों के माध्यम से उसे पहचानने और उस पर काम करने में मदद करता है. आमतौर पर यह सिफारिश तब की जाती है कि जब कोई व्यक्ति रिश्ते, काम के प्रेशर या विशिष्ट मानसिक स्वास्थ्य चिंता से जूझ रहा हो.

मनोचिकित्सा प्रक्रियाओं के विभिन्न प्रकार क्या हैं?

चिकित्सा परिवार, समूह या व्यक्ति जैसे विभिन्न स्वरूपों में की जा सकती है. थेरेपी प्रदान करने के लिए कई अलग-अलग दृष्टिकोण हैं जिसकी बात मनोचिकित्सक कर सकते हैं. विभिन्न उपचार इस तरह के हैं:

  • साइकोडायनामिक थेरेपी: यह थेरेपी इस धारणा पर निर्मित होता है कि व्यक्ति में उल्झन की वजह से भावनात्मक अशांति, आमतौर पर बेइसादतन निंद में बोलना है, जो अक्सर बचपन से उपजी होती है.
  • इंटरपर्सनल थेरेपी: यह थेरेपी उन व्यवहारों और अंतःक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करता है जो मरीज ने अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ की हैं. इस उपचार का प्रथम लक्ष्य कम समय में संचार कौशल में सुधार करना और आत्म-सम्मान में वृद्धि करना है. यह आमतौर पर तीन से चार महीने तक रहता है जो शोक, संबंध टकराव, जीवन की घटनाओं और सामाजिक अलगाव के कारण उपजे डिप्रेशन के लिए अच्छी तरह काम करता है.
  • कॉग्निटिव-बिहेवियरल थैरेपी: यह थेरेपी लोगों को मानसिक बीमारी की पहचान करने और गलत धारणाओं को बदलने में मदद करती है, जो उन्हें स्वयं और उनके आसपास के लोगों को हो सकती है. डॉक्टर रोगी को "गलत" और "सही" दोनों धारणाओं पर ध्यान केंद्रित करके सोचने के नए तरीका खोजने में मदद करता है जो वे अपने और दूसरों के बारे में बनाते हैं.

मनोचिकित्सा की आवश्यकता किसे होती है?

कुछ लोग मनोचिकित्सा की जरूरत होती है जो लंबे समय तक उदास रहते हैं, चिंतित या नाराज महसूस करते हैं. दूसरों को पुरानी बीमारी से मदद मिल सकती है जो उनके भावनात्मक या शारीरिक कल्याण के साथ हस्तक्षेप कर रही है. फिर भी, अन्य लोगों को अल्पकालिक समस्याएं भी हो सकती हैं, जिन्हें उन्हें नेविगेट करने में मदद की आवश्यकता होती है. जब किसी को उपचार करवाना हो तो कुछ सामान्य उदाहरण इस प्रकार है.

  • आप एक भारी, लंबे समय तक दुखद भावना महसूस करते हैं.
  • आपकी समस्याएं आपके सभी प्रयासों,परिवार और दोस्तों से मदद के बावजूद आपको बेहतर नहीं लगती हैं.
  • आपको अपने काम, असाइनमेंट पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता है या अन्य रोज़मर्रा की गतिविधियों को पूरा करने में मुश्किल होती है.
  • आप अत्यधिक चिंता करते हैं और सबसे खराब या लगातार बढ़त की उम्मीद करते हैं.
  • आपके कार्य, जैसे अत्यधिक शराब पीना, ड्रग्स का उपयोग करना या आक्रामक होना, आपको या दूसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं.

कौन उपचार के लिए योग्य नहीं है?

मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह निर्धारित करने के लिए सबसे व्यक्ति है कि कौन उपचार के लिए योग्य नहीं है. मानसिक बीमारी के पहले चरणों के लिए, हमेशा किसी भी चिकित्सा में सीधे नहीं जाने की सलाह दी जाती है, लेकिन दोस्तों और परिवार के साथ जुड़े रहने की सलाह दी जाती है.

मनोचिकित्सा के दुष्प्रभाव क्या हैं?

आमतौर पर मनोचिकित्सा के दौर से गुजरने का जोखिम बहुत कम होता है. लेकिन क्योंकि यह दर्दनाक भावनाओं और अनुभवों से लगता है तो व्यक्ति कई बार भावनात्मक रूप से असहज महसूस कर सकता है. हालांकि, किसी भी कुशल चिकित्सक के साथ काम करके किसी भी जोखिम को कम किया जा सकता है जो कि उनकी आवश्यकताओं के साथ चिकित्सा के प्रकार और तीव्रता से मेल खाता है. सामान्य दुष्प्रभाव सिरदर्द, माइग्रेन, नींद न आना आदि हैं. मनोचिकित्सा के दुष्प्रभावों पर शोध विभिन्न कारणों से सीमित रहा है, फिर भी लगभग 5% से 20% रोगियों में इनके होने की उम्मीद की जा सकती है.

आम समस्याओं में मौजूदा लक्षणों का बिगड़ना या नए लक्षणों का विकास, अन्य रिश्तों में टकराव और चिकित्सक पर अत्यधिक निर्भरता शामिल हैं. कुछ विधियाँ या चिकित्सक दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम उठा सकते हैं और कुछ ग्राहक विशेषताएँ उन्हें अधिक असुरक्षित बना सकती हैं. ठीक से आयोजित चिकित्सा से साइड-इफेक्ट्स को कदाचार के कारण होने वाली हानि से अलग किया जाना चाहिए.

मनोचिकित्सा सत्र के बाद क्या देखभाल आवश्यक है?

किसी रोगी को किसी भी स्थिति में समय-समय पर जांच के लिए चिकित्सक के पास जाना चाहिए और यही बात मनोचिकित्सा पर भी लागू होती है. उन्हें कुछ हफ़्ते में डॉक्टर से मिलना पड़ सकता है या चिकित्सा के समाप्त होने के एक महीने बाद यह रिपोर्ट करने के लिए कि इलाज के बाद अनुवर्ती प्रक्रिया कैसी चल रही है. यदि सब ठीक है, तो कुछ चीजों को बंद भी किया जा सकता है.

मनोचिकित्सा की शुरुआत, मध्य या अंत नहीं होता है. आपके जीवन में नई स्थिति का सामना करने से एक समस्या का समाधान हो सकता है और उपचार के अंतिम समय में उनके द्वारा सीखे गए कौशल को महसूस करना चाहिए. मनोवैज्ञानिक से फिर से संपर्क करें. आखिरकार, डॉक्टर को आपकी कहानी पहले से ही पता है. डॉक्टर को फिर से दिखने के लिए किसी संकट की प्रतीक्षा करने की जरूरत नहीं है. पिछली बार जो सीखा, उसे सुदृढ़ करने के लिए किसी को "बूस्टर" सत्र की आवश्यकता हो सकती है. थेरेपी को एक मेेंटल ट्यून-अब के रूप में माना जाना चाहिए.

ठीक होने में कितना समय लगता है?

मानसिक बीमारी की गंभीरता को देखते हुए उनके ठीक होने का समय अलग-अलग होता है. विशेषज्ञ के साथ निरंतर बातचीत मनोचिकित्सा है. इसे उपचार की तुलना में अच्छी तरह से किया जाने वाला सत्र माना जाना चाहिए.

भारत में मनोचिकित्सक प्रति सत्र का कितना शुल्क लेते है?

एक सत्र की लागत रोगी की बीमारी की गंभीरता पर निर्भर करता है. भारत में उपचार की औसत कीमत 1,000रु से 10,000रु के बीच होती है जो कि चिकित्सा के मामले और संगठन के आधार पर होती है.

क्या मनोचिकित्सा वास्तव में काम करती है?

उपचार के परिणाम स्थायी नहीं होते हैं, लेकिन यह व्यक्ति में खुद के लिए लड़ने और दुनिया के सामने नहीं झुकने के लिए आत्मविश्वास पैदा करता है. ऐसे मामले भी सामने आए हैं जहां मरीज इस थेरेपी को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद फिर से अपनी पुरानी जीवनशैली में चले जाते हैं.

मनोचिकित्सा के क्या लाभ हैं?

मनोचिकित्सा को टॉक थेरेपी भी कहा जाता है जिसने बड़ी संख्या में लोगों की मदद की है. मानसिक स्वास्थ्य एक ऐसी स्थिति है जो आसपास के किसी भी व्यक्ति को हो सकती है और पांच में से एक व्यक्ति इससे प्रभावित होता है. लेकिन इन स्थितियों को प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है क्योंकि यहां बहुत इलाज उप्लब्ध है.

  • डिप्रेशन के साथ मदद करना: मानसिक स्वास्थ्य के अंतर्गत आने वाली डिप्रेशन सबसे आम स्थिति है. यह जीवन की गुणवत्ता में पुराने दुख के अंतर्गत आता है. डिप्रेशन के कारण नींद न आने की समस्या, भूख न लगना, या यह अपराधबोध की प्रचलित भावना के साथ आता है. मनोचिकित्सा उपचार रोगी को भावनात्मक समर्थन देकर मदद करता है. चिकित्सक उदास व्यक्ति को संभावित समर्थन देकर अलग तरीके से सोचने में मदद करता है.
  • चिंता के साथ मदद करना: चिंता मानसिक स्वास्थ्य की एक सामान्य स्थिति है जो आधी आबादी को प्रभावित करती है. चिंता हर अवसर में भिन्न होती है और यह लाक्षणिक ​​चिंता एक पुराना लक्षण है. मनोचिकित्सा लोगों को अपने कम्पास को वापस जीवन में लाने में मदद करते है. उन्हें अपने डर पर काबू पाने में भी मदद मिलती है और वे अपनी भावनाओं को स्वीकार कर सकते हैं और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में आगे बढ़ सकते हैं.
  • यह उनके अतीत के दर्द पर काबू पाने में मदद करता है और भविष्य के लिए रणनीति विकसित करने में मदद करता है.
  • चिकित्सा उनके लक्ष्यों को निर्धारित करने और उनके जीवन में क्या करना है, इसके लिए एक स्पष्ट रास्ता तय करने में भी मदद करती है.
  • जो लोग थेरेपी के माध्यम से जा रहे हैं वे अपने मूड और व्यवहार का पता लगाने के लिए करते हैं.
  • लोग डॉक्टर के पास जाकर चीजों और भावनाओं की बेहतर समझ प्राप्त कर सकते हैं और जीवन के परिप्रेक्ष्य में एक नई शुरुआत भी कर सकते हैं.
  • मानसिक विकार वाले लोगों को भावनाएं व्यक्त करने में कठिनाइयाँ होती हैं, इसलिए चिकित्सक उनकी भावनाओं को बोलने में मदद करते हैं.

मनोचिकित्सा उपचार के विकल्प क्या हैं?

मनोचिकित्सा के कुछ सामान्य विकल्प हैं मेडिकेशन, ग्रुप थेरेपी, डे ट्रीटमेंट या आंशिक अस्पताल उपचार, विशिष्ट चिकित्सा, जैसे कि संज्ञानात्मक-व्यवहार थेरेपी और व्यवहार संशोधन.

मुख्य विचार:

सुरक्षा: उच्च

प्रभावशीलता: मध्यम

समयबद्धता: मध्यम

रिलेटिव रिस्क: लो

साइड इफेक्ट्स: कम

रिकवरी समय: उच्च

मूल्य सीमा: 1000 रुपए से 10,000 रुपए

लोकप्रिय प्रश्न और उत्तर

This is too much… I have been diagnosed with the following mental disorders by psychiatrists from bangalore. 1) I am having 2 mood disorders (major affective depressive disorder, single episode and bipolar 1 disorder, most recent episode) 2) I am having psychotic disorder (grandiose delusional disorder) 3) I am having obsessive compulsive disorder (mild trichotillomania) 4) I am having adjustment disorder with mixed anxiety and depressed mood. 5) I am having personality disorder (moderate cluster b traits, schizotypal personality disorder, premorbid personality disorder) 6) I am having anxiety disorder in conditions classified elsewhere. From december 2020 to june 2021. I had undergone 10 psychotherapy sessions (via phone). Meanwhile, I also contacted various suicide prevention helplines via gmail and phone. And as per the instructions given by psychiatrist. I had completed the medications ,[ antidepressant (escitalopram) and antipsychotic (olanzapine) ] treatment for 46 days (january 2, 2021 to february 18, 2021). And then I stopped the medications by the permission of the psychiatrist. And then the psychiatrist told me to do cbt therapy. I completed 8 weeks of cbt (cognitive behavioural therapy) sessions on 20th may 2021. But the doctor said medications cannot alter the behaviour and even lots of cognitive behavioural therapy sessions will not give the desired result. You only tell…then why is the doctor told to start medications and therapy if they only are saying afterwards that there is no approved cure for the above mental disorders? Why did they play with my life so politely? Then the clinical psychologist from nimhans told me to watch comedy shows like tom and jerry to eliminate negative/suicidal thoughts. Then for almost 1 week I used to watch tom and jerry and my life was smooth….then I came across to the last emotional episode of tom and jerry in which both of them commits suicide by sitting down in the middle of railway track because of love-failure. Their love-interest married to someone else. So, now should I avoid watching tom and jerry for safety reasons? And, the clinical psychologist also advised me not to do meditation right now because…i think she may have told me because if I get obsessed with meditation then I might perform mahāsamādhi yoga. It’s a natural process where people have left their body consciously. It is the peak of yoga.

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Post Graduate Diploma In Counselling Psychology,Masters of Counselling Psychology,CE in Cognitive Behavior Therapy
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