कोलकाता में मेनिसकस सर्जरी की लागत
कोलकाता में मेनिसकस सर्जरी के बेस्ट डॉक्टर
कोलकाता में मेनिस्कस टियर सर्जरी की लागत कितनी है?
मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी घुटने के जोड़ के बीच मौजूद एक लिगामेंट को ठीक करने या फिर निकाले की सर्जरी है। ये लिगामेंट, यानी मेनिस्कस, घुटने की गतिशीलता को बनाए रखने में मदद करता है। इसको मेनिससेक्टॉमी के नाम से भी जाना जाता है। मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी की लागत ₹60000 से लेकर ₹80000 तक हो सकती है। इसकी औसत लगात ₹70000 होती है।
मेनिस्कस जब किसी वजह से टूट या फट जाता है, तो घुटने की गतिशीलता सीमित हो जाती है। इससे घुटनों को मोड़ने और चलने में दर्द होता है। आमतौर पर मेनिस्कस टियर खेल में लगने वाली चोट, पुराने ऑस्टियोआर्थराइटिस, अचानक गिर जाने आदि के कारण होता है। कई बार कमजोर हड्डियों, पोषण की कमी और ओस्टिओमायलाइटिस भी इसका कारण हो सकते हैं।
सर्जरी का पहला चरण तब होता है जब एक एनेस्थेटिस्ट एनेस्थीसिया देते हैं। जब प्रभावित क्षेत्र सुन्न हो जाता है तो आर्थोपेडिक सर्जन मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी के लिए कुछ छोटे कट लगाते हैं। सर्जिकल उपकरणों का उपयोग करके सर्जन इन छोटे चीरों के माध्यम से मेनिस्कस टियर को सिलने या प्रभावित घुटने के जोड़ से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मेनिस्कस को हटाने का काम करते हैं। सर्जरी के बाद, ड्रेसिंग कर दी जाती है।
कोलकाता में विभिन्न प्रकार के मेनिस्कस सर्जरी की लागत
ट्रीटमेंट के प्रकार | औसत कीमत | न्यूनतम कीमत | अधिकतम कीमत |
---|---|---|---|
पार्शियल मेनिससेक्टोमी | ₹66,500 | ₹55,000 | ₹78,000 |
मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी | ₹70,000 | ₹60,000 | ₹80,000 |
ओपन मेनिस्कस सर्जरी | ₹60,000 | ₹45,000 | ₹75,000 |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोलकाता में मेनिस्कस टियर सर्जरी से पहले होने वाली जांच की लागत कितनी है?
कोलकातामें मिनिस्कस टियर सर्जरी से पहले कुछ जांचे जरुरी हैं। सर्जन आपरेशन करने से पहले रोगी के कुछ टेस्ट करवाते हैं। आइए जानते हैं कि ये टेस्ट कौन से हैं और कोलकाता में इनकी लागत क्या हैै -
- एक्स रे :यह प्राथमिक जांच है इसकी लागत ₹800 से ₹1200 तक होती है।
- एमआरआई स्कैन :कई बार टियर की साफ स्थिति और चित्र के लि एमआरआई स्कैन की जरुरत पड़ती है। इसकी लागत₹1000 से ₹1500 तक का खर्च आता है।
मरीज के हिसाब से मेनिस्कस टियर सर्जरी की लागत में अंतर क्यों होता है?
मेनिस्कस टियर की सर्जरी की लागत हर रोग के हिसाब से बदल जाती है। यह लागत मरीज की उम्र, उनकी स्थिति, चोट की गंभीरता, उनकी चिकित्सकीय स्थिति जैसे कारकों पर निर्भर करती है।
- रोगी की उम्र : रोगी की उम्र मेनिस्कस टियर सर्जरी की लागत को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। यदि रोगी की उम्र ज्यादा है तो उनका आपरेशन जटिल हो सकता है। इससे आपरेशन की लागत भी बढ़ती है।
- स्थिति की गंभीरता : रोगी को मेनिस्कस किस तरह हुआ है या फिर वो कितना गंभीर है इससे भी लागत पर असर पड़ता है। कुछ मामलों में रोगी की चोट को तुरंत सर्जरी की आवश्यकता होती है। ऐसे में इस प्रक्रिया को करने की लागत अधिक हो सकती है।
- मरीज की अन्य चिकित्सा स्थितियां : सर्जरी से पहले ये सुनिश्चित किया जाता है कि रोगी को कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्या तो नहीं है। डायबटीज, ब्लड प्रेशर या फिर ब्लीडिंग विकार आदि होने पर पहले रोगी की बाकी बीमारी को दूर किया जाता है जिससे सर्जरी में कोई बाधा ना आए।
कोलकाता में मेनिस्कस टियर सर्जरी की लागत पर कौन सी चीजें प्रभाव डालती हैं?
- चिकित्सक का चयन :मेनिस्कस टियर सर्जरी एक दक्ष और अनुभवी सर्जन ही कर सकते हैं। यह एक जटिल प्रक्रिया है ऐसे में अनुभवी डाक्टर, उनकी अप्वाइंटमेंट, और उनकी फीस सर्जरी की लागत को बढ़ा देती हैं।
- अस्पताल का चयन :मेनिस्कस टियर सर्जरी एक कॉस्मेटिक प्रक्रिया है जिसे अधिकांश रोगी किसी सुपर स्पेश्यैलिटी अस्पताल में ही करवाते हैं। ऐसे में वहां का भर्ती शुल्क और अन्य सुविधाओं का खर्च अधिक होता है।
- सर्जरी का प्रकार : मेनिस्कस टियर सर्जरी को करने की विधि यानी सर्जरी का प्रकार लागत पर सीधे तौर पर असर डालता है।
- अतिरिक्त सर्जरी : कई बार ऐसा होता है कि मेनिस्कस सर्जरी के साथ ही कुछ अतिरिक्त सर्जरी की आवश्यकता होती है ऐसे में कुल उपचार का खर्च बढ़ जाता है।
- प्री और पोस्ट ऑपरेटिव केयर : कई बार शल्य चिकित्सा के पहले बहुत सी जांचें और उसके बाद की देखभाल और फिजियोथेरेपी की आवश्यकता लागत पर सीधे तौर पर असर डालती है।
- यदि आप हमारे माध्यम से सर्जरी कराते हैं तो आपको बेस्ट सर्जन तो मिलेंगे साथ ही आपको फ्री फालोअप, 24 घंटे परामर्श, अस्पताल में कम रुकना, कम कागजी कार्यवाही, जैसी सुविधाएं मिलेगीं। इसके अलावा टेस्ट के लिए आपको अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा ये पैकेज का हिस्सा होता है।
कोलकाता में मेनिस्कस टियर सर्जरी के विभिन्न घटकों की लागत कितनी है?
कोलकाता में मेनिस्कस रिपेयर आपरेशन की लागत आपरेशन की तकनीक और उसके घटकों के हिसाब से बदल जाती है। इन प्रक्रियाओं में शामिल हैं -
- ओपन सर्जरी : ओपन मेनिस्कसेक्टोमी यानी पारंपरिक ओपन सर्जरी के दौरान आपके घुटने के ऊपर एक बड़ा चीरा लगाया जाता है जिससे पूरे घुटने का जोड़ खुल जाता है। इस जोड़ की जांच कर टीयर की पहचान की जाती है। यानी यह पता लगाया जाता है कि चोट या मेनिस्कस की क्षति किस भाग में हुई है। मेनिस्कस के क्षतिग्रस्त भाग या पूरे मेनिस्कस को ही हटा दिया जाता है। इसके बाद सर्जरी की जगह को टांका लगाकर बंद कर दिया जाता ह या फिर स्टेपल विधि से बंद कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में ₹60,000 से ₹70000 तक का खर्च आता है।
- मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी (आंशिक या टोटल) : इस प्रक्रिया के लिए सामन्यतःआपके घुटने के हर तरफ तीन छोटे चीरे लगाए जाते हैं। एक चीरे के जरिए कैमरे के साथ एक ट्यूब डाला जाता है और दूसरे कट से सर्जरी के उपकरण डाले जाते हैं। कैमरे का इस्तेमाल मेनिस्कस की चोट की चांज के लिए किया जाता है। जरुरत के हिसाब से एक छोटा सा टुकड़ा (आंशिक मेनिस्कसेक्टोमी) या संपूर्ण (टोटल मेनिस्कसेक्टोमी) मेनिस्कस को टियर समेत निकाल दिया जाता है। इसके बाद उपकरण और कैमरा कट के जरिए हटा दिए जाते हैं, और चीरों को सर्जिकल टेप स्ट्रिप्स के साथ इन कट्स को बंद कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में ₹70,000 से ₹80000 तक का खर्च आता है।
क्या कोलकाता में मेनिस्कस टियर सर्जरी के लिए बीमा कवर मिलता है?
आम तौर पर, अधिकांश बीमा कंपनियां मेनिस्कस टीयर यानी मेनिस्कस सर्जरी के लिए पूरा कवर देती है। लेकिन इसमें कुछ कंपनियां सर्जरी के बाद की फिजियोथेरेपी के खर्च को कवर नहीं करती हैं। ऐसे में बीमा क्लेम से पहले एजेंंट की मदद लें। यदि आप हमारे माध्यम से सर्जरी करवातेे हैं तो आपको हमारी खास बीमा टीम की मदद मिलेगी। जिससे आपको क्लेम हासिल करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा नो कॉस्ट ईएमआई भुगतान की भी सुविधा मिलेगी।
सारांश
घुटनों में अगर मेनिस्कस किसी कारण से फट जाता है, तो घुटने की गति सीमित हो जाती है। मेनिससेक्टॉमी भी मेनिस्कस रिपेयर सर्जरी का ही एक और नाम है। दरअसलमेनिस्कस घुटने के जोड़ के बीच मौजूद एक लिगामेंट है जो घुटने को गतिशील बनाए रखता है। इसकी लागत पर कई चीजेंं प्रभाव डालती हैं। इस सर्जरी को आम तौर पर पूरा बीमा कवर मिलता है पर कुछ मामलों में पोस्ट आपरेटिव फिजियोथेरैपी को कवर नहीं करती हैं।