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Symptoms of Lung Cancer In Hindi - फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  9 years experience
Symptoms of Lung Cancer In Hindi - फेफड़ों के कैंसर के लक्षण

फेफड़ों का कैंसर का कारण फेफड़ों की कोशिकाओं का अनियंत्रित रूप से बढ़ना है. इन कोशिकाओं की संख्या धीरे-धीरे बढ़कर एक ट्यूमर का रूप ले लेती है. कैंसर के ज्यदातर खतरनाक मामले जिनमें मौत होने की संभावना होती है उन सभी में मृत्यु के लिए मृत्यु के लिए फेफड़े का कैंसर ज़िम्मेदार है. फेफड़ों के कैंसर को मुख्य रूप से दो भागो में बाँटा गया है – स्मॉल सेल लंग कैंसर (एससीएलसी) और नॉन-स्माल सेल लंग कैंसर (एनएससीएलसी). एससीएलसी, नॉन-स्माल सेल लंग कैंसर की तुलना में ज़्यादा आक्रामक होता है. एनएससीएलसी फेफड़ों के कैंसर का अधिक सामान्य रूप है - 80-85% लंग कैंसर के मामलों एनएससीएलसी के होते हैं. फेफड़ों में होने वाले कैंसर का सबसे सामान्य लक्षण खाँसी है, जो धीरे धीरे गंभीर रूप ले तेती है. इसके ठीक होने में लम्बा समय भी लग सकता है. इसके अन्य लक्षणों में निमोनिया या ब्रांगकाइटिस है जो बार-बार होता रहता है, वज़न कम होना, भूख में कमी होना, थकान, सांस लेने में तकलीफ, आवाज़ का बदलना भी इसके अन्य लक्षणों में शामिल हैं. आइए फेफड़ों के कैंसर की गंभीरता को देखते हुए इसके लक्षणों को एक-एक करके समझने की कोशिश करें.

1. पेरानियोप्लास्टिक लक्षण
जाहिर है प्रत्येक बीमारी अपने साथ कुछ लक्षणों को भी लाती है जिसके आधार पर हम उसकी पहचान करते हैं. फेफड़े के कैंसर अक्सर लक्षणों के साथ होते हैं, जो ट्यूमर कोशिकाओं द्वारा हार्मोन जैसे पदार्थों के उत्पन्न होने से विकसित होते हैं. ये पेरानियोप्लास्टिक लक्षण सबसे ज़्यादा एससीएलसी में पाए जाते हैं, लेकिन किसी ट्यूमर के प्रकार के साथ भी देखे जा सकते हैं.
2. कैंसर से संबंधित लक्षण
फेफड़े और उसके आसपास के ऊतकों पर होने वाले कैंसर के आक्रमण से श्वसन प्रक्रिया में समस्या उत्पन्न हो सकती है. इसमें खाँसी, सांस की तकलीफ, ज़ोर ज़ोर से सांस लेना, सीने में दर्द और खाँसी के साथ रक्त निकलना (हेमोप्टेसिस) जैसे लक्षण हो सकते हैं. यदि कैंसर तंत्रिकाओं पर हमला करता है, तो कंधे में भयंकर दर्द होता है. यह दर्द कंधे से लेकर बांह को प्रभावित करता है या इसके कारण स्वरतंत्री भी पैरालाइज हो सकती हैं. कैंसर से प्रभावित भोजन नली द्वारा निगलने में कठिनाई हो सकती है.
3. गैरविशिष्ट लक्षण
फेफड़ों के कैंसर के कुछ लक्षण ऐसे भी होते हैं जो गैरविशिष्ट लक्षणों के अन्तर्गत आते हैं. इन्हें कई प्रकार के कैंसरों के रूप में देखा जाता है, जिनमें लंग कैंसर भी शामिल है. इन लक्षणों में हमें वजन घटना, कमजोरी और थकान आदि दिखाई पड़ सकते हैं. इसके अलावा कुछ मनोवैज्ञानिक लक्षण, जैसे – अवसाद और मनोदशा में होने वाले परिवर्तन भी आम हैं.
4. मेटास्टेसिस से सम्बन्धित लक्षण
मेटास्टेसिस का मतलब है कि कैंसर जिस अंग से शुरू हुआ था, उससे बढ़कर अन्य अंगों तक पहुँच चुका है. फेफड़ों का कैंसर हड्डियों में फैलकर उनके जोड़ों में असहनीय दर्द पैदा कर सकता है. मस्तिष्क में कैंसर के फैलने पर कई न्यूरोलॉजिक लक्षण भी उत्पन्न हो सकते हैं. इनमें धुंधली दृष्टि, सिर दर्द, दौरे या स्ट्रोक के लक्षण जैसे कि शरीर के कुछ हिस्सों में होने वाली सनसनी का कम या खत्म हो जाना शामिल हैं.
5. कोई लक्षण न होना
कई बार ऐसा भी हो सकता है कि इसके लक्षण हमें प्रत्यक्ष रूप से नजर न आएं. या बेहद कमजोर नजर आएं. ऐसे में लक्षणों का सामने न आना खतरनाक हो सकता है. इसलिए आपको समय-समय पर जांच कराते रहना होगा. फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित को नियमित रूप से छाती के एक्स-रे या सीटी स्कैन द्वारा एक छोटे घाव से कराते रहना चाहिए. द्विआयामी एक्स- रे या सीटी स्कैन द्वारा परीक्षण करने पर ये गोल ट्यूमर एक सिक्के की तरह लगता है. जिन रोगियों में पहली बार लंग काकनेर का निदान कॉइन लेशन से किया जाता है, उनमें लंग कैंसर पाए जाने के समय अक्सर कोई लक्षण दिखाई नहीं देते.
 

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