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बच्चेदानी के रोग - Cervical Diseases!

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 92% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  10 years experience
बच्चेदानी के रोग - Cervical Diseases!

महिलाओं के शरीर में बच्चेदानी या गर्भाशय के रूप में एक विशेष अंग होता है. इसका काम गर्भस्थ शिशु के लिए एक सुरक्षित और पोषण से युक्त स्थान निर्मित करना होता है. गर्भधारण के पश्चात लगातार नौ महीने तक शिशु बच्चेदानी में ही रहता है. इसलिए इस अंग का महत्त्व विशेष है. इसका स्वस्थ और सुरक्षित रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है. लेकिन कई बार अलग-अलग कारणों से इसमें विभिन्न समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं. बदलते हुए मौसम का गर्भाशय पर अत्यधिक प्रभाव देखा गया है. इसके प्रभाव में आने पर महिलाएं हल्का सरदर्द, कमर दर्द, पेट दर्द या हल्के बुखार का अनुभव करती हैं. ऐसा भी देखने में आता है कि इसमें उत्पन्न छोटी सी समस्या पर ध्यान न देने के कारण आगे चलकर गंभीर बिमारी में बदल गई. यानी इस विषय में जागरूकता की भी घोर कमी है. इसलिए आइए इस लेख के माध्यम से हम बच्चेदानी के रोग और उसे दूर करने के कुछ उपायों पर एक नजर डालें.

बच्चेदानी में रोग के कारण
 

प्रसव के दौरान की गई लापरवाही

प्रसव एक बेहद जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया है. इस दौरान महिलाओं को कोई होश नहीं रहता. इसलिए उनकी देख-रेख करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है. यदि आप प्रसव के दौरान आवश्यक सावधानी नहीं बरतते हैं तो बच्चेदानी में सूजन उत्पन्न हो सकती है. ये सूजन कई बार आपको परेशानी में दाल सकती है.

पेट के मांसपेशियों की कमजोरी

गर्भावस्था के दौरान पेट का आकार सामान्य से काफी ज्यादा हो जाता है. इसलिए इसके कारण भी आपको कई सावधानी बरतने की जरूरत होती है. इसक दौरान आपके पेट की मांसपेशियों में आने वाली कमजोर घातक सिद्ध हो सकती है. इससे बचने के लिए आप किसी चिकित्सक के परामर्श से व्यायाम कर सकती हैं.

भूख से अधिक भोजन

बच्चेदानी में कई कारणों से समस्याएं उत्पन्न होती हैं. इसके लिए कई बार आवश्यकता से अधिक भोजन भी जिम्मेदार होता है. आपको भोजन करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए. चूँकि पेट में भोजन अधिक होने के कारण इसका आकार सामान्य से अधिक हो जाता है इसलिए ये नुकसानदेह साबित होता है.

तंग कपड़े

ये तो सामान्य बात है कि गर्भावस्था के दौरान पेट का आकार सामान्य से काफी अधिक होता है. इसलिए ऐसे में इस बात को समझना चाहिए कि आप इस दौरान तंग कपड़े न पहनें. तंग कपड़े पहनने से आपका पेट संकुचित हो जाता है और इस वजह से कई परेशानियाँ उत्पन्न होने लगती हैं.

पेट की समस्याएं

पेट में भी कई तरह की उत्पन्न समस्याओं से गर्भाशय में परेशानी होने लगती है. पेट की कुछ कॉमन समस्याएं जैसे कि गैस बनना या कब्ज होने के कारण भी आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

आवश्यकता से अधिक सहवास

बच्चेदानी की समस्या के कारणों में से एक आवश्यकता से अधिक सहवास भी है. जाहिर है आवश्यकता से अधिक सहवास के कारण और भी कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसलिए इस बात को भी ध्यान में रखना आवश्यक है.

औषधियों का आवश्यकता से अधिक सेवन

औषधियों का आवश्यकता से अधिक सेवन के कारण भी बच्चेदानी में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. गर्भाशय की सुरक्षा के लिए आपको इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि ज्यादा मात्रा में औषधियों का सेवन न करें. वरना इससे भी कई अन्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
 

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