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Tonsil Treatment, Symptoms - टॉन्सिल का उपचार, लक्षण

Dr. Sanjeev Kumar Singh 88% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  9 years experience
Tonsil Treatment, Symptoms - टॉन्सिल का उपचार, लक्षण

टॉन्सिल्स गले के पीछे स्थित नरम ऊतकों का जोड़ा होता है. टॉन्सिल्स लसीका प्रणाली का हिस्सा होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. संक्रमण से प्रतिक्रिया के आधार पर इनके आकार और सूजन में भिन्नता होती है. टॉन्सिल्स अपने यौवनारंभ के निकट आकर सबसे बड़े आकार तक पहुँच जाते हैं और इसके बाद धीरे-धीरे उनका क्षय होने लगता है. आमतौर पर प्रत्येक टॉन्सिल 2.5 सेंटीमीटर लंबा, 2.0 सेमी चौड़ा और 1.2 सेमी मोटा होता है. टॉन्सिल्स एक रक्षा तंत्र के रूप में कार्य करते हैं. वे संक्रमण से आपके शरीर की रक्षा करने में मदद करते हैं. जब टॉन्सिल्स संक्रमित हो जाते हैं, तो इस स्थिति को 'टॉन्सिलाइटिस' कहा जाता है. टॉन्सिलाइटिस एक बेहद आम प्रकार का संक्रमण है जिसके होने की कोई निश्चित उम्र नहीं होती है. यदि हम टॉन्सिलाइटिस में नजर आने वाले लक्षणों की बात करें तो इसमें बुखार, टॉन्सिल्स में सूजन एवं गले में खराश इत्यादि हैं. यह स्थिति संक्रामक होती है और विभिन्न वायरस और जीवाणुओं के कारण हो सकती है. आइए टॉन्सिलाइटिस के लक्षण और उपचार के बारे में जानें.

टॉन्सिल के लक्षण
टॉन्सिलाइटिस के संकेत और लक्षण टॉन्सिलाइटिस सबसे ज्यादा पूर्व-स्कूली आयु वाले तथा मध्य-किशोरावस्था के बच्चों को प्रभावित करता है. टॉन्सिलाइटिस के साधारण संकेतों और लक्षणों में शामिल हैं

1. लाल और सूजे हुए टॉन्सिल्स टॉन्सिल पर सफेद या पीले रंग का आवरण या धब्बे गले में खराश निगलने में परेशानी या दर्द बुखार गर्दन में उपस्थित मुलायम ग्रंथियों का बढ़ना खरखरी, धीमी या भारी आवाज़ सांसों की बदबू पेट में दर्द गर्दन में अकड़न सिरदर्द
2. बहुत छोटे बच्चों में जो अपनी बातों को कह पाने में असमर्थ होते हैं, उनमें टॉन्सिलाइटिस के ये लक्षण शामिल हो सकते हैं – निगलने में मुश्किल या दर्द होने की वजह से लार टपकाना खाने के लिए मना करना असामान्य रूप से चिड़चिड़ा होना डॉक्टर को कब दिखाएं.
3. यदि आपके बच्चे में ऐसे लक्षण हैं, जो टॉन्सिलाइटिस का संकेत कर सकते हैं तो इसका सटीक निदान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है. अपने डॉक्टर से बात करें अगर आपका बच्चा ये अनुभव कर रहा है.
4. गले में खराश जो 24 से 48 घंटों के दौरान नहीं जाती है निगलने में दर्द या परेशानी अत्यधिक कमजोरी, थकान या चिड़चिड़ापन यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई लक्षण है तो तुरंत ध्यान दें. कई बार लोग इसे हलके में लेते हैं और लापरवाही कर बैठते हैं.
5. इसके कई लक्षणों में से एक ये भी है कि इसमें सांस लेने मे तकलीफ और निगलने में बहुत ज़्यादा तकलीफ होने लगता है. कई बार तो आपको लार टपकाने जैसी समस्याएं भी नजर आ सकती हैं. टोंसिल के ये लक्षण दिखने पर आपको तुरंत किसी चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. ताकि आप अपनी परेशानी से निपट सकें.

क्या है टॉन्सिल का उपचार?

चुकंदर जूस: चुकंदर का जूस गले के दर्द में बहुत प्रभावी होता है. अगर आप टॉन्सिल्स की समस्या से बहुत परेशान है तो आज से ही चुकंदर का जूस पीना शुरू कर दें.

नींबू शहद: नींबू एक बहुत अच्छा घरेलू उपचार है जो टॉन्सिल की समस्या में आराम पहुँचाता है. गुनगुने पानी में नींबू निचोड़ें और शहद मिला कर कुल्ला करें.

हल्दी दूध: एक चुटकी हल्दी पाउडर में उबला हुआ गर्म दूध मिला कर रात में सोने से पहले इसका सेवन करें. यह बहुत ही असरदार होम रेमेडी है.

नमक: उबले हुए पानी में नमक मिला कर उससे कुल्ला करें. इससे आपको बहुत जल्दी आराम मिलेगा.

खीरे से: खीरे में भी चुकंदर की तरह विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने वाले गुण हैं. इस समस्या के लिए यह एक बहुत अच्छा घरेलू उपचार है. आप इसको आसानी से खा सकते हैं और उसके बाद देखिए इसके फायदे.

फिटकरी: फिटकरी के पाउडर को पानी में उबाल लें और फिर इस पानी से कुल्ला करें.

गाजर के जूस से: गाजर का जूस पीने से आपको जल्दी ही टॉन्सिल के दर्द से छुटकारा मिल सकता है.

मेथी बीज: मेथी के बीज के 3 छोटे चम्मच एक लिटर पानी में गर्म करें. फिर इस पानी से दिन में 3 बार गरारे करें. इस समस्या से निजात पाने का, यह एक बहुत अच्छा और आसान तरीका है.

अंजीर: अंजीर को पानी में उबाल कर एक पेस्ट बनाएं. फिर इस पेस्ट को गले के उपर लगा लें. यह आपको गले के दर्द से आराम दिलाएगा.

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