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Spirulina Benefits and Side Effects in Hindi - स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  8 years experience
Spirulina Benefits and Side Effects in Hindi - स्पिरुलिना के फायदे और नुकसान

सुपरफ़ूड के नाम से मशहूर स्पिरुलिना झीलों और प्रकृति झरनों आदि में पाया जाता है. इसलिए इस जलीय वनस्पति भी कहा जाता है. गहरे नीले-हरे रंग का स्पिरुलिना में कई आश्चर्यजनक रूप से सभी खाद्य पदार्थों से ज्यादा पोषक तत्व पाए जाते हैं. तो जाहिर है स्पिरुलिना के बहुत सारे फायदे हैं. जाहिर है कुछ नुकसान भी होंगे, तो आइए देखते हैं-

1. दिल को रखे स्वस्थ
ये आपके खून से कोलेस्ट्राल का लेवल कम करके रक्तचाप को नियंत्रित करता है. इसमें पाए जाने वाली तमाम पोषक तत्वों में कई ऐसे हैं जिनसे ह्रदय में रक्त संचार प्रभावी ढंग से बढ़ता है. इसकी सहायता से ह्रिदय के तमाम जोखिमों को कम किया जा सकता है.
2. प्रेगनेंसी में
आयरन की प्रचुर मात्रा स्पिरुलिना को गभाव्स्था के दौरान एक आवश्यक आहार बनाता है. इसकी सहायता से अनीमिया को दूर किया जा सकता है. कब्ज वगैरह के लिए भी ये बेहद कारगर साबित होता है.
3. त्वचा के लिए
स्पिरुलिना में त्वचा के स्वास्थ्य के लिए जरुरी विटामिन ए, बी-12, ई, फास्फोरस, लोहा और कैल्शियम आदि पाए जाते है. अपने इन तत्वों की बदौलत स्पिरुलिना आपकी त्वचा को टोंड और चमकदार बनाती है. यही नहीं ये आँखों के निचे के धब्बे और ड्राई आईज के उपचार में भी लाभदायक है.
4. शुगर में
मधुमेह के मरीजों के लिए भी स्पिरुलिना काफी काम का साबित होता है. इसे नियमित रूप से लेने से आपका शुगर कम होता है. ये सूजन को कम करके रक्तचाप और कोलेस्ट्राल का स्तर भी निचे लाता है.
5. अल्सर में
उच्च गुणवत्ता वाली प्रोटीन, सिस्टीन और एमिनो एसिड की इसमें उपस्थिति इसे ड्यूइडनल अल्सर और गैस्ट्रिक के उपचार में बेहद प्रभावी बनाता है. इसके अलावा इसमें पाया जाने वाला क्लोरोफिल इसे पाचन को भी दुरुस्त करने की क्षमता देता है.
6. कैंसर में
अनेकों पोषक तत्वों से परिपूर्ण स्पिरुलिना कैंसर के रोकथाम में भी सकरात्मक भूमिका निभाती है. ये  एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में ये हमारे शरीर से फ्री रेडिकल्स को नष्ट करता है. जाहिर है फ्री रेडिकल्स कैंसर का कारण बनते हैं. इसके अतिरिक्त इसमें फिनोलिक नामक यौगिक भी उपस्थित रहता है जो कि कार्सिनोजेनेसिस पर रोक लगाता है.
7. वजन कम करने में
जिनका वजन बहुत ज्यादा है उनके लिए इसका सेवन राम बाण साबित होता है. क्योंकि इसमें फैटी एसिड, बीटा कैरोटिन, क्लोरोफिल और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये सब मिलकर आपके शरीर में पोषक तत्वों की उपथिति को बनाए रखते हुए आपका भूख कम करते हैं. जिससे कि आपका वजन कम होता है.
8. लीवर को दुरुस्त रखने में
स्पिरुलिना में प्रचुर मात्रा में मौजूद फाइबर और प्रोटीन आपके लीवर के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं. लीवर के सामान्य कामकाज को बढ़ाने के अलावा यह लीवर को पुराने हेपेटाईटिस के मरीजों के लिए लाभकारी साबित होता है.
9. आँखों के लिए
कई शोधों में स्पिरुलिना को आँखों के लिए भी लाभदायक बताया गया है. आँखों के कई बीमारियों जैसे कि जेराट्रिक मोतियाबिंद, नेफ्रैटिक रेटिनल क्षति मधुमेह रेटिनल क्षति आदि के उपचार में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा गया है.
10. प्रतिरक्षा तंत्र को करे मजबूत
स्पिरुलिना को लेकर कई शोध हुए हैं. इनमें से कई शोधों में ये पता चला है कि इसके सेवन से प्रतिरक्षातंत्र मजबूत होता है और कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ाने में भी ये सहायक सिद्ध होता है.
11. वायरल संक्रमण में
स्पिरुलिना का इस्तेमाल वायरल इन्फेक्शन के उपचार में सहायक के रूप में होता है. इसमें सूजन को कम करने वाले तत्व मौजूद होते हैं. ये हानिकारक मुक्त कणों को नष्ट करके वायरल संक्रमण के असर को कम करता है.
12. मस्तिष्क के लिए
तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क को दुरुस्त रखने के लिए इसमें फोलेट और विटामिन बी-12 पाया जाता है. इसके अलावा भी इसमें पाए जाने वाले अन्य तत्व संज्ञानात्मक कार्यों में आपकी मदद करते हैं. कुल मिलाकर ये मस्तिष्क के लिए भी लाभदायक है.
13. मानसिक तनाव में
इसमें मौजूद फोलिक एसिड मस्तिष्क के पोषण के लिए काफी फायदेमंद बताया जाता है. इसका काम ऊर्जा और रक्त कोशिकाओं का का उत्पादन करना है. इस तरह ये अवसाद में आपकी भरपूर मदद करता है.

क्या हैं स्पिरुलिना के नुकसान
* ऑटो इम्यून से पीड़ित व्यक्ति को इसके इस्तेमाल से बचना चाहिए क्योंकि ये इसमें एक अड़चन के रूप में काम करता है.
* प्रतिरक्षा सुप्प्रेसेंट दवा पर इसके उपयोग से बचना चाहिए क्योंकि ये दवाओं का असर कम करता है.
* इसका लम्बे समय तक सेवन करने से आँतों के अंगों मसलन किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचता है. 
* किसी विशेषज्ञ से मशवरा करने के बाद ही इसे लें.
 

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