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Last Updated: May 18, 2019
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प्रेगनेंसी मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण - Pregnancy Miss Hone Par Garbhawstha Ke Lakshan!

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Dr. Sanjeev Kumar SinghAyurvedic Doctor • 17 Years Exp.BAMS
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गर्भवती होना हर महिला एक लिए एक सुन्दर सपने जैसा होता है. माँ बनने के ख्याल से ही महिलाओं के अंदर एक सुखद एहसास का अनुभव होता है. जो महिला गर्भ धारण होने की कोशिश कर रही हैं उनके लिए पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण हो सकते हैं. महिलाओं के जीवन में पीरियड का आना एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. हालाँकि, पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण हो, यह जरुरी नहीं है.

आमतौर पर सेक्स के बाद जब गर्भधारण होता है उस दौरान बहुत ही कम महिलाओं को किसी भी तरह के लक्षण महसूस होते हैं, क्योंकि आजकल ज्यादातर महिलाओं प्रेगनेंसी किट की मदद से गर्भवती होने का पता लगा लेती हैं. हालांकि, कई महिलाओं का कहना है की उन्हें सेक्स के बाद ही कुछ लक्षण महसूस होने लगते हैं, जैसे- थकान, निरंतर पेशाब आना, स्तन दर्द होना, बॉडी टेम्परेचर बढ़ना इत्यादि. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जैसे ही आप गर्भ धारण करने लगती है, आपके हार्मोन में परिवर्तन होने लगता है और आपके बॉडी में कई तरह के बदलाव होने लगती है. हालाँकि, ज्यादातर महिलाएं इन लक्षणों को नहीं समझ पाती है. ऐसे में यदि आप कुछ शारीरिक बदलाव पर ध्यान दें, तो आप गर्भधारण का आसान से पता लगा सकती है.

प्रेगनेंसी के शुरूआती लक्षण:
आमतौर पर गर्भावस्था के शुरूआती लक्षण हर महिला में एक जैसे नहीं होते है. हर महिला की शारीरिक बनावट अलग होती है. यहाँ अधिकांश महिलाओं का मानना है की पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण ही शुरूआती सकेंत होते है. लेकिन इसके परे भी गर्भवती के शुरूआती लक्षण होते हैं, जैसे- जी मचलना या उल्टी आना, स्तन में बदलाव होना या अंडे का गर्भाशय में प्रवेश होने के दौरान ब्लीडिंग इत्यादि.

गर्भावस्था के लक्षण कब शुरू होते हैं?
ऐसा माना जाता है गर्भावस्था का पहला सप्ताह महिला के लास्ट पीरियड की तारीख के आधार पर तय होता है. गर्भावस्था होने की पृष्टि प्रेगनेंसी टेस्ट और प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड से ही की जा सकती है. लेकिन ऐसे कुछ शारीरिक संकेत और लक्षण भी है जो आपको गर्भवती होने की पृष्टि करती है. इस बात का ध्यान रखें की आप केवल प्रेगनेंसी टेस्ट की मदद से ही पूरी तरह से सुनाश्चित कर सकती हैं की आप प्रेग्नेंट है या नहीं.

स्पॉटिंग और क्रैम्पिंग है गर्भवती होने के लक्षण-
यह संकेत आमतौर पर भ्रूण के शुरूआती समय में बनने वाले हल्का ब्लीडिंग या स्पॉटिंग होता है. पुरुष में स्पर्म से अंडा फर्टीलाइज होने के बाद जब अंडे से भ्रूण बनना शुरू होता है, तब वह 6 से 12 दिनों में वह यूटेरस से जुड़ जाता है. इस दौरान यूटेरस से ब्लीडिंग होता है. भ्रूण बनने के दौरान इस तरह की ब्लीडिंग सामान्य होती है.इसे ही मेडिकल टर्म में स्पाॅटींग कहा जाता है. इस तरह की स्थिति नुकसानरहित होता है. इसके अतिरिक्त कुछ महिलाओं में ऐंठन का भी अनुभव होता है.

पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण-
यह अक्सर देखा जाता है की प्रेग्नेंट होने पर पीरियड आने बंद हो जाते हैं. प्रेगनेंसी में पीरियड का न आना शुरूआती लक्षणों में से एक माना जाता है. पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण को अधिकांश महिलाएं अनुभव करती हैं. यदि आपके पीरियड नियमित रूप से न आएं, तो इस स्थिति को प्रेगनेंसी के लक्षण समझा जाता है. इसके अलावा पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण को पृष्टि करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट भी करवा सकती हैं.

स्तन में सूजन हैं गर्भावस्था के शुरूआती लक्षण-
प्रेगनेंसी होने के कारण हार्मोनो में भी परिवर्तन होता है. ऐसे में स्तनों में दर्द या सूजन हो सकता है साथ ही कुछ धब्बे भी पड़ सकते हैं. अगर पीरियड मिस होने पर गर्भावस्था के लक्षण को जानने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट भी किया जा सकता है.

गर्भावस्था के लक्षण हैं जी मचलना या पेट दर्द-
गर्भावस्था के बाद सुबह आलस आना या पेट दर्द होता है तो ऐसे में आपका जी मचलता है. यह हार्मोन बदलने के कारण भी होता जिससे महिलाएं असहज महसूस करती हैं.

भूख में वृद्धि:
गर्भावस्था के लक्षण में भूख में वृद्धि भी शामिल है. आपको हर थोड़ी देर में भूख लगेगी और आप हमेशा कुछ ना कुछ खाते रहना चाहती है. पीरियड रुकने से पहलें आपको ऐसे लक्षण जरुर अनुभव होंगे. लेकिन आपको अपने खाने पर कंट्रोल करना होगा, इससे मोटापे का जोखिम पैदा हो सकती हैं.

सिरदर्द भी है गर्भावस्था के लक्षण-
पहले की दिनों में सिरदर्द होना सामान्य नहीं होगा, लेकिन गर्भाधारण करने के बाद सिरदर्द होना एक सामान्य बात बन गयी होगी। ऐसा भी हो सकता है आपके बॉडी में ब्लड वॉल्यूम का बढ़ना और ब्लड फ्लो का काम होना इसकी वजह हो जो प्रेगनेंसी से जुड़ा परिवर्तन है। सिरदर्द का कारण शिशु की वजह से बॉडी पर पड़ने वाला दबाब भी हो सकता है. इन सारे परिवर्तन की वजह से होने वाली टेंशन सिरदर्द में बदल सकती है.

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