रोहतक में क्लेफ्ट लिप का इलाज
क्लेफ्ट लिप से पाएं छुटकारा, आज ही रोहतक में Lybrate से कराएं क्लेफ्ट लिप का सबसे सही इलाज
Rohtak में क्लेफ्ट होंठ उपचार के लिए 16+ बेस्ट डॉक्टर
Dr. Deepa Aggarwal
Dr. Ved Parkash S
Dr. J P Arora
Dr. Archana
Dr. Vikas Gupta
Rohtak में क्लेफ्ट होंठ उपचार के लिए बेस्ट डॉक्टर
| डॉक्टर का नाम | अस्पताल की फीस | लायब्रेट रेटिंग |
|---|---|---|
| Deepa Aggarwal | ₹ 1,000 | NA |
| Ved Parkash S | ₹ 1,000 | NA |
| J P Arora | Free | NA |
| Archana | ₹ 124,001 | NA |
| Nisha | Free | NA |
| Vikas Gupta | ₹ 300 | NA |
रोहतक में क्लेफ्ट लिप का इलाज पर रोगियों की प्रतिक्रिया
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या क्लेफ्ट लिप अपने आप ठीक हो जाते हैं?
नहीं, क्लेफ्ट लिप बगैर सर्जिकल इलाज के ठीक नहीं हो सकते हैं। क्लेफ्ट एक जन्मजात बीमारी है जो बच्चों को जन्म के समय होती है।
शिशुओं में क्लेफ्ट लिप को कैसे रोक सकते हैं?
क्लेफ्ट लिप जैसी जन्मजात विसंगतियों के साथ पैदा होने वाले बच्चे को रोका नहीं जा सकता है। हालांकि, आप इसके जोखिम को कम करने के लिए कुछ चीजें कर सकते हैं। जैसे प्रेगनेंसी के दौरान सिगरेट, शराब और कुछ दवाओं के सेवन से बचना आदि।
क्लेफ्ट लिप की सर्जरी किस उम्र में की जाती है?
क्लेफ्ट लिप को ठीक करने के लिए अधिकांश सर्जरी शिशु के जीवन के शुरुआती 12 महीनों के भीतर की जाती है।
इलाज न किए जाने पर क्लेफ्ट के क्या जोखिम है?
क्लेफ्ट का इलाज न किए जाने पर व्यक्ति की शारीरिक एवं भावनात्मक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इससे बच्चा अलग-थलग रहने लगता है और उन्हें खाने-पीने, सांस लेने व बोलने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
क्लेफ्ट लिप प्रेगनेंसी के कौन से सप्ताह में बनते हैं?
कटे होंठ और कटे तालु की समस्या गर्भावस्था के शुरुआती दौर में ही शुरू हो जाती है। गर्भ में पल रहे भ्रूण के होंठ गर्भावस्था के 4 से 7 सप्ताह के बीच बनते हैं, और तालु गर्भावस्था के 6 से 9 सप्ताह के बीच बनते हैं। गर्भावस्था की इस अवस्था में महिलाओं को स्वस्थ आहार लेने की सलाह दी जाती है।
क्लेफ्ट लिप को ठीक करने के लिए कितनी सर्जरी करनी पड़ती है?
कटे होंठ की मरम्मत के लिए सर्जरी का चरण आमतौर बच्चे के क्लेफ्ट लिप की गंभीरता और कटाव वाले क्षेत्र पर निर्भर करता है। आमतौर पर यदि बच्चे के होंठ ज्यादा कटे-फटे नहीं है तो इसे एक ही सर्जरी की मदद से ठीक किया जा सकता है। लेकिन गंभीर स्थिति में एक से अधिक सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
