Get help from best doctors, anonymously
Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}

Vitamin C Benefits, Deficiency, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन सी के स्रोत, कमी के लक्षण, फायदे और नुकसान

Dr. Sanjeev Kumar Singh 89% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  9 years experience
Vitamin C Benefits, Deficiency, Sources, Side Effects In Hindi - विटामिन सी के स्रोत, कमी के लक्षण, फायदे और नुकसान

विटामिन सी हमारे शरीर की मूलभूत रासायनिक क्रियाओं में यौगिकों का निर्माण और उनके कार्य करने में मदद करता है. हमारे शरीर में विटामिन सी कई तरह की रासायनिक क्रियाओं में मददगार होता है जैसे कि तंत्रिकाओं तक संदेश पहुंचाना या कोशिकाओं तक ऊर्जा प्रवाहित करना. इसके अलावा, हड्डियों को जोड़ने वाला कोलाजेन नामक पदार्थ, कार्टिलेज, रक्त वाहिकाएं, लिगामेंट्स इत्यादि अंगों को निर्मित करने के लिए भी विटामिन सी की आवश्यकता होती है. इसके साथ ही विटामिन सी कोलेस्ट्रॉल के नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ ही इससे एंटी-ऑक्सीडेंट भी प्राप्त होता है. ये शरीर की कोशिकाओं को एकजुट कर के रखता है. इसके एंटीहिस्टामीन गुण के कारण, यह सामान्य सर्दी-जुकाम में दवा के रूप में काम करता है. विटामिन सी के नियमित उपयोग से सर्दी, खांसी व अन्य तरह के इन्फेक्शन होने का खतरा नहीं होता है. इतना ही नहीं विटामिन सी अनेक प्रकार के कैंसर से भी बचाता है और हमें स्वस्थ बनाए रखता है. आइए इस लेख के माध्यम से हम विटामिन सी के स्त्रोत, कमी के लक्षण, फायदे और नुकसान जानें.
विटामिन सी के स्रोत
विटामिन सी के अच्छे स्रोत हैं खट्टे रसदार फल जैसे आंवला, संतरा, अंगूर, टमाटर, नारंगी, नींबू आदि और केला, बेर, अमरूद, सेब, बिल्व, कटहल, शलगम, पुदीना, मूली के पत्ते, मुनक्का, दूध, चुकंदर, चौलाई, बंदगोभी, हरा धनिया और पालक ये सब हमारे शरीर में विटामिन सी की पूर्ति करते हैं. इसके अलावा दालों में भी विटामिन सी पाया जाता है. सूखी दालों में विटामिन सी नहीं पाया जाता है. लेकिन दालों को भीगने के बाद अच्छी मात्रा में दालों से विटामिन सी मिलता है.
विटामिन सी के फायदे
विटामिन सी का उपयोग हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक है. विटामिन सी के रोजाना सेवन से हमारे शरीर को रोगों से लड़ने में मदद मिलता है. विटामिन सी झुर्रियों को ठीक करने में काफी लाभदायक होता है. विटामिन सी हमारे शरीर के सबसे छोटे सेल को एकजुट करके रखता है. यह शरीर के रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाने में मदद करता है. साथ में हड्डियों को जोड़ने वाला कोलाजेन नामक पदार्थ, रक्त वाहिकाएं, लाइगामेंट्स, कार्टिलेज आदि को भी निर्माण के लिए विटामिन सी की आवशकता होती है. विटामिन सी के नियमित उपयोग से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है.
अधिक मात्रा में विटामिन सी लेने से नुकसान
विटामिन सी शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता है. विटामिन सी के उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है. पर विटामिन सी की अत्याधिक मात्रा लेना हानिकारक हो सकता है जैसे पेट खराब, डायरिया, गुर्दे, हृदय और अन्य जगह में पथरी ये सारी समस्या हो सकती है.

विटामिन सी की कमी के लक्षण और नुकसान

विटामिन सी में रोग प्रतिरोधक क्षमता होता है जिसके कारण हमारे शरीर में अनेकों बीमारियों से बचाव होता है. पर विटामिन सी की कमी से आंखों में मोतियाबिंद, आंख, कान व नाक के रोग, हड्डियों का कमजोर होना, खून का बहना, मुंह से बदबू आना, जोड़ो में दर्द, जुकाम, श्वेत प्रदर, सांस लेने में कठिनाई, फ़ेफ़डे में कमजोरी, मसूड़ों से खून व मवाद निकलना, चर्म रोग, एलर्जी, अल्सर, पाचन क्रिया में दोष, भूख न लगना, गर्भपात आदि जैसे रोग होते हैं.
विटामिन सी कितना खाना चाहिए


अनुशंसित आहार भत्ता के अनुसार जन्म से 6 महीने के उम्र के शिशु को 40 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. 9 से 13 साल के बच्चे को 45 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. 14 से 18 साल के पुरुष को 75 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. 14 से 18 साल की महिला को 65 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. 19 से 50 साल के पुरुष को 90 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. 19 से 50 साल की महिला को 75 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए. गर्भवती महिला को 85 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए और स्तनपान कराने वाली महिला को 120 मिलीग्राम के करीब लेना चाहिए.

8 people found this helpful