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गठिया रोग के लक्षण - Gathiya Rog Ke Lakshan!

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  10 years experience
गठिया रोग के लक्षण - Gathiya Rog Ke Lakshan!

जॉइंट्स की सूजन जो गंभीर होने पर गठिया का रूप ले लेती है. इसके कारणों में से एक कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली का होना है. आयुर्वेद के अनुसार, मानव शरीर तीन बिंदुओं पर काम करता है, जिसमें वात, पित्त और कफ शामिल है. वही बात करें गठिया रोग की, तो इसे मुख्यतः मानव शरीर में वात दोष के कारण माना जाता है. गठिया को इसके मूल कारणों और वात दोष के आधार पर एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं या पेन किलर्स आपके गुर्दे, पेट, लिवर और हृदय पर गंभीर दुष्प्रभाव छोड़ सकती हैं. वहीं आयुर्वेद दवाएं काफी सुरक्षित हैं और वह रोग के मूल कारणों को कम करके रोग का इलाज करती है.

अमा जिसे ख़राब पाचन के कारण पैदा हुए विषाक्त पदार्थ के रूप में भी जाना जाता है. यह पूरे शरीर में फैलकर कमजोर जोड़ों पर जमा होती है. इसके बाद वात तीव्र हो जाता है. जिसके कारण जॉइंट्स की सूजन आदि समस्या देखने को मिलती है. जो आखिर में गठिया या आमवात में परिवर्तित हो जाती है.

अगर डॉक्टर की भाषा में बात करें तो इस रोग को अर्थराइटिस भी कहा जाता है. इसे कुछ फूड्स का नियमित सेवन करके दर्द में आराम मिल सकता है. हालांकि, यह बीमारी ज्यादातर वृद्ध लोगों में देखने को मिलती है. लेकिन बदलती हुई लाइफस्‍टाइल के कारण इस रोग को युवाओं में भी देखा जा सकता हैं. आइए इस लेख के माध्यम से हम गठिया रोग के लक्षणों के बारे में जानें -

1. जोड़ों में दर्द
अर्थराइटिस जिसे आम भाषा में संधिशोथ भी कहा जाता है. जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन को इसके सबसे प्रमुख लक्षणों में देखा जाता हैं. इसके अलावा बहुत से मामलों में देखने को मिलता है कि गठिया के दौरान रोगियों के प्रभावित अंग लाल पड़ जाते हैं. साथ ही इस रोग के दौरान मरीज़ की चलने की गति भी कम हो जाती है. कुछ लोगों में गठिया के लक्षण सुबह के समय ज्यादा प्रभावी होते हैं.

2. जोड़ों में सूजन का अनुभव
आप घुटने, कूल्हे, कंधे, हाथ या पूरे शरीर के किसी भी जोड़ में गठिया दर्द का अनुभव कर सकते हैं. रुमेटॉइड गठिया में आपको थकान हो सकती है. साथ ही बहुत से मामलों में देखा जाता है कि प्रतिरक्षा प्रणाली की गतिविधि धीमी पड़ने के कारण सूजन होने के अलावा भूख में कमी महसूस भी कर सकते हैं.

3. एनीमिया
इससे प्रबावित बहुत से रोगियों में एनीमिया के मामले भी देखे जाते है - जिसमें शरीर में खून की मात्रा कम हो जाती है. साथ ही कभी-कभी गठिया के तीव्र आक्रमण से रोगी को बुखार आदि भी देखने को मिलता है.

4. रुमेटी
गंभीर रुमेटॉइड गठिया का अगर सही समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह जॉइंट्स के खराब होने का कारण बन सकता है.

5. हाथ-पैर में गाँठें
गठिया रोग में हाथों-पैरो में गांठे बन जाती है और इलाज में देर होने से यह गंभीर रूप ले सकती है जिससे बालों में कंघी करना, सीढियों पर चढ़ना यहां तक की चलना भी मुश्किल हो जाता है.
 

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