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पान के पत्ते के फायदे - Betel Leaf Benefits in Hindi

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri  •  11 years experience
पान के पत्ते के फायदे - Betel Leaf Benefits in Hindi

अगर आयुर्वेद की बात करें तो हमारे आसपास जितनी भी प्राकृतिक वनस्पति या संसाधन मौजूद है उनके अनेकों लाभ इस औषधी विज्ञान में बताए गए है. उसी श्रृंखला में से एक वनस्पति का नाम पान के पत्तें भी है. इनसे होने वाले लाभ हमें कई तरह की परेशानियों से बचाते है. अगर पान के पत्ते के फायदे के बारे में बारे में बात करें तो कई धार्मिक प्रयोजनों में भी इनका इस्तेमाल किया जाता हैं.

पान के पत्ते - Betel leaf in hindi

लेकिन पान के पत्ते का सबसे आम और सार्वजनिक इस्तेमाल तंबाकू, चुना, कत्था और सुपारी आदि लगाकर इसे खाने के लिए किया जाता है, ऐसा करने की भी एक लंबी परंपरा रही है. काफी लोगों का मानना है कि इससे भी कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं.

पान के पत्ते के फायदे - Benefits of paan leaf in hindi

इसमें पाए जाने वाले तमाम औषधीय गुणों के आधार पर आप कह सकते हैं कि यह एक अद्भुत जड़ी-बूटी है. जिसमें विटामिन सी, प्रोटीन और बहुत सारे लाभदायक पदार्थों की मौजूदगी होती है. सभी जरूरी प्रदार्थों की मौजूदगी के कारण अनेक प्रकार के रोगों में पान के पत्ते के फायदे काफी अधिक होते है, जो इस प्रकार है:

सर्दी खांसी में - betel leaf for cough in hindi

सर्दी खांसी के दौरान छाती और फेफड़ों में परेशानी होने लगती है. इस दौरान कई बार श्वसन से संबंधित समस्याएं भी हो सकती है. इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए आप पान के पत्ते पर सरसों का तेल लगाकर इसे गर्म करने के बाद, ग्रसित व्यक्ति की छाती पर रख सकते हैं. ऐसा करने से सर्दी खांसी में काफी राहत मिल सकती है.

ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में - betel leaf for diabetes in hindi

शुगर जैसी महत्वपूर्ण बीमारियों में भी पान के पत्तों की सकारात्मक भूमिका होती है. दरअसल पान की पत्तियां ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित कर सकती हैं. यदि आप पान की पत्तियों का अर्क नियमित रूप से लें, तो इसमें मौजूद एंटी डायबिटिक गुण आपके ब्लड शुगर के लेवल को कम कर सकते हैं.

मूत्रवर्धक के रूप में - betel Leaves for Water Retention in hindi

पान की पत्तियों को पीसकर उसे निकाला हुआ रस और इसमें थोड़ा पतला दूध मिलाकर सेवन करने से शरीर में पानी की अवधारण क्षमता में सुधार आता है. ऐसा करने से पेशाब की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों को काफी राहत मिलती है. इसलिए पान के पत्तों को एक अच्छा मूत्रवर्धक भी माना जाता है.

भूख को बढ़ाने में - betel leaf for appetite in Hindi

भूख से संबंधित समस्याओं या पेट खराब होने की स्थिति में पान के पत्ते के फायदे भी देखे जाते है. दरअसल, पान के पत्ते भूख लगने वाले हार्मोन को ट्रिगर कर करने में सक्षम होते हैं. जिससे कि आपकी भूख न लगने की समस्या दूर होती है. साथ ही पान के पत्ते आपके पेट से तमाम विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर आपकी भूख बढ़ाने में मदद करते है.

पाचन से संबंधित समस्याओं में - betel leaf for digestion in hindi

पान के पत्ते चबाने से आपकी लार ग्रंथि सक्रियता में सुधार होता है. इसलिए अब जब भी आप कुछ खाते हैं तो उसमें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लार मिल पाता है. जिससे कि लार में पाए जाने वाले एंजाइम खाद्य पदार्थों को अच्छे से तोड़ पाते हैं इस वजह से पाचन बहुत आसान हो जाता है.

गैस की समस्या में - betel leaf for acidity in hindi

आज की तारीख में गैस्ट्रिक संबंधित परेशानियां कई लोगों में देखी जाती है. यह परेशानियां पाचन से संबंधित समस्याओं के कारण भी हो सकती हैं. पान के पत्ते नियमित सेवन करने से एसिडिटी की समस्या में राहत मिलती है. जिससे कि आपकी गैस्ट्रिक की समस्या काफी हद तक दूर हो जाती है.

घाव के उपचार में - betel leaf for wound healing in hindi

कटने, छिलने आदि घाव पर पान की पत्तियों का रस निकालकर लगाने से घाव में संक्रमण नही होता है क्योंकि पान के पत्तों में घाव और संक्रमण को दूर करने के गुण पाए जाते हैं. आप इसे प्रभावित क्षेत्रों में लगा कर इसे किसी कपड़े से बांध लें. यह विनाशकारी रोगाणुओं के विकास को भी बाधित करता है.

मुहांसों को दूर करने में - betel leaf for acne in Hindi

पान के पत्ते में रोगाणुरोधी गुण पाए जाते हैं इस वजह से पान के पत्ते मुहांसे, ब्लैक स्पॉट, खुजली, एलर्जी आदि समस्याओं का इलाज करने में सक्षम होते हैं. पान की पत्तियों के रस में हल्दी मिलाकर मुंहासों पर या एलर्जी वाले स्थानों पर लगाने से यह समस्या खत्म होती है. यही नहीं पान के पत्ते का रोगाणुरोधी गुण आपकी त्वचा को संक्रमण से भी बचाता है.

मुंह की समस्या व मसूड़ों के लिए - betel leaves for mouth ulcer in hindi

पान के पत्तों को चबाने से आपके मुंह में स्थित तमाम जीवाणु जो कि आपके लिए हानिकारक हो सकते हैं, खत्म होते हैं. इस तरह से पान के पत्ते चबाने से आपका मुंह साफ होता है, मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. पान के पत्ते अक्सर मुंह में होने वाले रक्त स्राव को भी रोक सकते हैं.

बालों के लिए पान के पत्ते का इस्तेमाल - betel leaf for hair in hindi

बालों से जुड़ी समस्याओं की बात करें तो पान के पत्ते का उपयोग बालों के झड़ने से संबंधित मुद्दों के लिए किया जाता है. इसके लिए आपको पान के पत्ते को पीसकर इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर पेस्ट बनाना होगा, फिर इसे अपने स्कैल्प पर लगाया जा सकता है.

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए - betel leaf for erectile dysfunction in hindi

काफी सारे लोगों को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होती है तो ऐसे में वह 1 चम्मच केसर, इलायची, सूखे हुआ नारियल के टुकड़े, किशमिश और मिश्री को पान के पत्ते में बांधकर भोजन के बाद लेने से यह समस्या दूर हो सकती है. काफी सारे नव विवाहित जोड़ो को रात को दूध के साथ यह वाला पान दिया जाता है जिससे वह सेक्स का अच्छा अनुभव कर सकते है.

कब्ज के लिए - betel Leaves for Constipation in hindi

पान के पत्ते का नियमित रूप से सेवन करने पर पाचन में सहायता मिलती है क्योंकि यह एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते है जो हमारे शरीर से फ्री रेडिकल को दूर करते है और शरीर में पीएच लेवल को सामान्य करते है. इसका सेवन करने के लिए इसकी पत्तियों को मैश कर लें और रातभर के लिए पानी में रखें. अगली सुबह इसी पानी का सेवन करने से कब्ज से राहत मिलती है.

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