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बच्चों को क्या खिलाएं - Bachhon Ko Kya Khilayen!

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 92% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri  •  10 years experience
बच्चों को क्या खिलाएं - Bachhon Ko Kya Khilayen!

हम अक्सर देखते हैं कि छोटे बच्चे खाने को लेकर बहुत परेशान करते हैं. कई मां-बाप की तो यहाँ तक शिकायत होती है कि उनका बच्चा तो कुछ खाता ही नहीं है. बच्चे को सिर्फ खाना खिलाने और उसकी शारीरिक व मानसिक जरूरत के हिसाब से उसके आहार का चुनाव करने में काफी अंतर होता है. बच्चे की जिंदगी के शुरुआती वर्षों में पौष्टिक आहार का खास महत्व है. हल्की सी लापरवाही बच्चे के लिए भारी पड़ सकती है. स्वास्थ्यवर्धक खाद्यपदार्थ किसी भी बच्चे के दिमागी विकास, दांत, हड्डियां मजबूत तथा सुदृढ़ मांसपेशियां केवल तभी बन सकती हैं जब बच्चे को नियमित रूप से पौष्टिक आहार मिलता रहे. ऐसा भी नहीं है कि केवल विटामिन की गोलियां या टॉनिक पिलाने मात्र से ही किसी भी बच्चे को स्वस्थ रखा जा सके. समय पर दी गई अच्छी खुराक उसके अच्छे स्वास्थ्य का भविष्य निर्धारित करती है. बच्चे का आहार तय करते समय बहुत सावधानी की जरूरत होती है. बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ रखने के लिए माता-पिता को उनके आहार के बारे में जानकारी होना जरूरी है. आइए इस लेख के माध्यम से जानें कि छोटे बच्चे को क्या खिलाएँ?

बच्चों को किस तरह के आहार की है जरूरत-
जो बच्चे 1 से 4 साल के होते हैं उन्हें कैलोरी और पौष्टिक तत्व की बहुत ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि बच्चों का शरीर पौष्टिक तत्व और खाने-पीने की आदतें पर निर्भर होती हैं. इसलिए जरूरी है कि उसे पौष्टिक और अच्छे खाने की आदत को विकसित किया जाए. बच्चे को संतुलित आहार देने की ओर ध्यान दें. सूखे मेवे, साबुत अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, विभिन्न रंगों के फल और सब्जियां (काले अंगूर, बेर, चुंकदर, आलूबुखारे आदि). खाने में तरह-तरह की चीजों को शामिल करने से सभी प्रकार के पोषक तत्व प्राप्त हो जाते हैं. आहार में प्राकृतिक रुप से रंगों की जितनी विविधता होगी पोषण के लिहाज से उतना ही अच्छा होगा. आइए जानें बच्चों को किस तरह के आहार देने चाहिए.

सोडियम का सेवन-
जो तरल पदार्थ का सेवन नहीं करते हैं उन्हें सोडियम का सेवन जरूर करना चाहिए. यह बॉडी में तरल पदार्थ का संतुलन बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद होता है. इसके अलावा ब्लड का पी.एच. लेवल नियमित करने के लिए महत्वपूर्ण है.

मैंग्नीज हड्डियां को मजबूत करता है-
बच्चों की हड्डियों को मजबूत और उसके निर्माण के लिए बहुत महत्वपूर्ण तत्व है. इसके अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट के मेटाबोलिज्म में सहायक होता है. इसलिए खाने में मैंगनीज की आवश्यक मात्रा को भी ध्यान में रखना पड़ता है.

हार्ट के लिए फायदेमंद है मैग्नीशियम-
हार्ट रेट को नियमित करने के लिए मैंगनीशियम बहुत महत्वपूर्ण है. यह ब्लड में मौजूद शुगर को एनर्जी में परिवर्तित करने में सहायक होता है. इसके साथ ही कैल्शियम और विटामिन-सी जैसे माइक्रो न्यूट्रीएंटस तत्वों के मेटाबोलिज्म के लिए महत्वपूर्ण है.

आयरन तत्व बढ़ाए ब्लड-
लिंफोसाइट्स के निर्माण के लिए आयरन तत्व बहुत महत्वपूर्ण है. रेड ब्लड सेल्स बॉडी में ऑक्सिजन की आपूर्ति के लिए बहुत मददगार होती हैं. इसके लिए आपको खाने में आयरन वाले खाद्य पदार्थों जैसे कि पालक आदि की सहायता लेनी होगी.

आयोडिन भी है जरुरी-
बच्चों के डाइट में आयोडीन की मात्रा शामिल करना भी बहुत महत्वपूर्ण है. आयोडिन की उचित मात्रा बच्चों को थायराइड से बचाव में मदद करता है. थायरॉइड ग्लैंड के कार्य और विकास के लिए जरुरी होता है. यह एनर्जी के उत्पादन और शरीर के विकास के लिए सहायक है.

क्लोराइड भी शामिल करें-
यह सेल्स में पानी और इलेक्ट्रोलाइट के लेवल को नियमित करने के साथ ही सेल्स का पी.एच. लेवल बनाए रखने में सहायक है. इसलिए क्लोराइड को भी अपने बच्चों के डाइट चार्ट में शामिल करें.

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