Consult Online With India's Top Doctors
Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}

अंडाशय क्या है - Andashay Kya Hai!

Written and reviewed by
Dr.Sanjeev Kumar Singh 92% (193ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri  •  12years experience
अंडाशय क्या है - Andashay Kya Hai!

अंडाशय महिलाओं के प्रजनन प्रणाली में अंगों की एक जोड़ी है. यह गर्भाशय के दोनों हिस्से पर पेल्विक में स्थित होते हैं. महिलायों में दो अंडाशय होते होते हैं जों अंडे के साथ साथ एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का उत्पादन करते है. गर्भाशय खोखले, नाशपाती के साइज़ का होता है, जिसमे एक बच्चा बढ़ता है. प्रत्येक अंडाशय लगभग एक बादाम के साइज़ का होता है. इससे अंडे और महिला हार्मोन का उत्पादन होता है. यह हार्मोन एक केमिकल होते है जिनसे कुछ कोशिकाओं या अंगों की कार्यप्रणाली कंट्रोल होती है. हर महीने, महिला के मासिक धर्म के दौरान ओवरी के अंदर एक अंडा बढ़ता है. यह अंडा फोलिकल नामक एक छोटी सी थैली में बढ़ता है.

जब अंडा परिपक्व हो जाता है, तब वह थैली को तोड़कर बाहर आ जाता है. अंडा फर्टिलाइजेशन के लिए यूटेरस तक फैलोपियन ट्यूब के माध्यम से यात्रा करता है. जब थैली घुल जाती है, खली थैली का पित-पिंड बन जाता है. पित-पिंड वह हार्मोन बनाता है जो अगले अंडे की की तैयारी करने में सहायता करता है.

यह हार्मोन प्रभावित करता है:
* स्तन और शारीरिक बालों का विकास
* बॉडी साइज़
* मासिक धर्म चक्र
* प्रेगनेंसी

ओवेरियन सिस्ट क्या है
ओवेरियन सिस्ट, अंडाशय में बनने वाले सिस्ट होते हैं जो बंद थैलिनुमा साइज़ के होते है और तरल पदार्थ से भरे होते है. ज्यादातर समय तक आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपको एक ओवेरियन सिस्ट हैं. महिलाओं में अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते है और सिस्ट कुछ हफ़्तों या महीनों के अन्दर अपने आप ही डिसाॅल्व हो जाती है. हालाँकि, अगर सिस्ट बढती रहती है तो वह डिसाॅल्व नहीं होती, जिससे पेट में दर्द या दबाब महसूस होती हैं. यह बॉडी में कहीं भी बन सकती है. ओवेरियन सिस्ट विभिन्न प्रकार के होते हैं, जैसे डर्मोइड सिस्ट और एंडोमेट्रियोमा सिस्ट. हालाँकि,इनमे कार्यात्मक सिस्ट ज्यादा प्रमुख होते हैं, जो दो तरह की होती है:

ओवेरियन सिस्ट के प्रकार
* फाॅलिकल सिस्ट-
इस प्रकार की सिस्ट तब बनती है जब थैली अंडे को निकालने के लिए टूट नहीं पाती, तब थैली बढ़ती रहती है. इस तरह के सिस्ट आमतौर पर एक या दो महीने में दूर हो जाती है.

* काॅर्पस लूटम सिस्ट- यह सिस्ट फाॅलिकल डिसाॅल्व नहीं होने पर बनती है. इसके बजाए, अंडे निकलने के बाद बंद हो जाती हैं और फिर इसमें अतिरिक्त द्रव जमा होने लगता है. यह अतिरिक्त द्रव का जमा होने ही काॅर्पस लूटम सिस्ट का कारण बनती है.

ओवेरियन सिस्ट के अन्य प्रकार:
* एंडोमेट्रियोमा-
यह सिस्ट तब बनती है जब गर्भाशय के अस्तर की तरह दिखने वाली टिश्यू गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है. यह टिश्यू अंडे से जुड़कर विकसित हो सकता है. यह सिस्ट सेक्स और मासिक धर्म चक्र के दौरान दर्द पैदा कर सकती है.
* सिस्टाडेनोमास- यह अंडाशय की बाहरी सतह पर विकसित होती है जो कैंसर के कारण नहीं होती हैं. यह अक्सर एक पानी जैसे तरल पदार्थ या गाढ़े, चिपचिपे जेल से भरी होती है.

* डर्मोइड सिस्ट- अंडाशय पर थैलिनुमा स्ट्रक्चर जिनमें फैट, फाइबर और अन्य टिश्यू मौजूद होते हैं.

* पोलिसिस्टिक अंडाशय- यह सिस्ट तब बनती है जब अंडे थैलियों के अन्दर परिपक्व हो जाते हैं, लेकिन निकल नहीं पाते है. यह साइकिल दोहराया जाता है. थैलियों में वृद्धि होती रहती है और दर्द पैदा कर सकती है.

ओवेरियन सिस्ट के लक्षण क्या हैं?
आमतौर पर कई ओवेरियन सिस्ट लक्षण पैदा नहीं करती, लेकिन कुछ ओवेरियन सिस्ट के लक्षण निम्न स्थितियां हो सकती हैं:


* दबाब, सूजन या पेट दर्द
* पेल्विक पेन
* पीठ के निचले हिस्से में दर्द
* पेशाब की समस्याएं
* सेक्स के दौरान दर्द
* वजन बढ़ना
* मासिक धर्म के दौरना दर्द
* उबकाई या उल्टी
* स्तन कोमलता
* पेट में अचानक गंभीर दर्द
* बेहोशी, चक्कर आना या कमजोरी

ओवेरियन सिस्ट का इलाज-
डॉक्टर नियमित पेल्विक चेकअप के दौरना ओवेरियन सिस्ट का पता लगा सकते हैं. आपका डॉक्टर सिस्ट के साइज़ के आधार पर इलाज शुरू करता है, सिस्ट के साइज़ पर निर्भर करता है की डॉक्टर या तो लेप्रोस्कोपी या लेप्रोटोमी कर सकता है.

  • लेप्रोस्कोपी- यदि आपकी सिस्ट छोटी है और अल्ट्रासाउंड पर कैंसरमुक्त लग रही है, तो डॉक्टर नाभि के पास एक छोटा चीरा लगाकर पेट में छोटा सा डिवाइस डालकर सिस्ट निकाल देते हैं.
  • लैप्रोटोमी- यदि आपकी सिस्ट बड़ी है, तो डॉक्टर आपके पेट में एक बड़ा चीरा लगाकर सिस्ट को सर्जरी के माध्यम से निकाल देते हैं. इस स्थिति ममें डॉक्टर बायोप्सी भी कर सकते है और यदि उन्हें लगता है सिस्ट कैंसर का कारण बन सकती है , तो वे आपके अंडाशय और गर्भाशय को हटाने के लिए हिस्टेरेक्टाॅमी कर सकते हैं.
  • बर्थ कंट्रोल पिल्स- यदि में बार-बार सिस्ट हो जाती है तो डॉक्टर नहीं सिस्ट के विकास को रोकने के लिए

बर्थ कंट्रोल पिल्स निर्धारित कर सकते हैं. बर्थ कंट्रोल पिल्स भी ओवरियन कैंसर का जोखिम कम कर सकती है.

2 people found this helpful