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वुमेन्स मेंस्तुराशनल हाइजीन टिप्स - Women's Menstruational Hygiene Tips In Hindi!

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 91% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri  •  10 years experience
वुमेन्स मेंस्तुराशनल हाइजीन टिप्स - Women's Menstruational Hygiene Tips In Hindi!

किसी भी स्त्री के यौवन की शुरुआत शारीर में कई परिवर्तनों और विकास का सूचक होती है. हालांकि इस बदलाव के साथ ढलने में थोड़ा समय अवश्य लगता है. ये बदलाव सिर्फ शारीरिक और बौद्धिक ही नहीं होता है बल्कि कई बार तो इसकी वजह से स्त्रियों की पूरी दिनचर्या बदल जाती है. माहवारी या मासिक धर्म के दौरान तनाव और दर्द से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि उन दिनों में साफ़-सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए. सैनिटरी नैपकिन्स के इस्तेमाल से लेकर उन्हें सही तरीके से नष्ट करने तक ऐसी कई चीज़ें हैं जो हमें याद रखनी चाहिए. तो आइए इस लेख के माध्यम से हम आपके “महीने के उन दिनों” में हाइजिन रहने के लिए कुछ बहुत आसान से टिप्स बताएं.

1. टैम्पोंज की जगह मेनस्ट्रूवल कप इस्तेमाल करें
टैम्पोंज कीके बदले मेनस्ट्रूवल कप ज़्यादा आरामदायक होते हैं. क्योंकि कप्स ब्लड फ्लो को सोखने की बजाए उसे इकट्ठा करने का काम करते हैं. यानी इसमें लीकेज की संभावना नहीं है और आपको हर आधे घंटे में बदलने के लिए बाथरूम नहीं जाना पड़ता है. इसके अलावा टैम्पोंज आपको पीड़ादायक और शुष्क महसूस करा सकते हैं.इसलिए जिन स्त्रियों को हैवी फ्लो होता है उनके लिए कप्स निश्चित रूप से बेहतर विकल्प हैं.

2. खुजली से बचने के लिए सैनिटरी पैड्स को सही तरीके से लगाएं
यदि आप सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल कर रही हैं तो इससे जुड़े एहतियातों का बेहद सावधानी से अनुसरण करें. पैड्स को सही से पहनने के लिए पर्याप्त समय लें क्योंकि अगर वो सही तरीके से नहीं लगेगा तो खुजली होने होने की संभावना में वृद्धि हो जाती है. इसका कारण ये है कि स्त्री जननांग बहुत गिला होता है. लेकिन याद रहे आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता भी ले लेनी चाहिए.

3. सुरक्षा के लिए जनानंग के बाहरी हिस्से को रखें साफ़
हालांकि ये सही है कि मादा जनांग खुदबखुद साफ़ होता रहता है लेकिन फिर भी कभी-कभी हल्के गुनगुने पानी से इसके बाहरी हिस्से को साफ़ करते रहना आवश्यक है. लेकिन अंदर साबुन का इस्तेमाल न करें. इसके बदले में यदि आप चाहें तो महिलाओं के लिए बाजार से मिलने वाले स्वच्छ उत्पाद ले सकती हैं. यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन से बचने के लिए इस बात का ख्याल रखें की पानी जननांग से एनल एरिया की तरफ जाए न कि इसका उल्टा.

4. पीरियड्स के लिए अलग अंडरवियर रखें “हमेशा”
मेनस्ट्रूएशन के दौरान पैंटीज को दागों से मुक्त रखना मुश्किल है. ऐसा तब और होता है जब काम से बाहर होती हैं या दफ्तर में या कहीं और होती हैं. इसलिए यदि आप दो या अधिक अंडरवियर रखेंगी तो आपको आसानी होगी. हालांकि इन पैंटीज को बाद में गर्म पानी से ठीक से साफ़ करके ही इस्तेमाल करना चाहिए.

5. पीरियड के दिनों में अपनी चादर को बदलते रहें
रात में कभी लीकेज होना सामान्य बात है. गंदगी और संक्रमण से बचने के लिए अपनी चादर बदलती रहें. चादर को धोने के लिए डेटॉल या किसी भी दूसरे सैनिटाईजर का इस्तेमाल करें. इसके अलावा अपने इनरवियर को भी बदलती रहें. जिन लड़कियों को ज़्यादा पसीना आता है, वो जितना ज़्यादा अपना इनर वियर बदलेगी (बजाए उन्हें पूरे दिन पहनने के), उतना ही उन्हें आरामदायक महसूस होगा.

6. कसरत के बाद जननांग की सफाई न भूलें
अगर आप पीरियड के दिनों में योगा या किसी भी प्रकार की माइल्ड कसरत करती हैं, तो कपड़े बदलना और नहाना न भूलें क्योंकि कसरत के कारण पसीना इकट्ठा हुआ होगा, जिससे जीवाणु संक्रमण हो सकता है.

7. खानी पिने से पहले हाथों की ठीक से सफाई करें
पीरियड के दिनों में कुछ भी खाने या पीने से पहले अपने हाथों को साबुन या हैंड सैनिटाईजर से धोना न भूलें. ऐसा करने से आप कई अनावश्यक बीमारियों से बच जाते हैं.

8. सैनिटरी पैड्स या टैम्पोंस को उचित निपटारण करें
सैनिटरी पैड्स या टैम्पून्स को कूड़ेदान में डालने से पहले उन्हें अच्छे से ढकना न भूलें. उन्हें कभी भी फ्लश न करें, चाहें आप कितनी भी जल्दी में हो.

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