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Last Updated: Apr 01, 2019
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Triphala Benefits, Side Effects and How to Take in Hindi - त्रिफला के फायदे और नुकसान, लेने के नियम

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Dr. Sanjeev Kumar SinghAyurvedic Doctor • 15 Years Exp.BAMS
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जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि त्रिफला तीन फलों का संयोग है. यानी त्रिफला तीन फलों, आंवला, हरड़ और बहेरा के आयुर्वेदिक रसायन का मिश्रण है. इसे बनाने के लिए एक भाग हरड़, दो भाग बहेरा और एक चौथाई भाग को धुप में सुखाकर बारीक पीस लें. इसे और ज्यादा बारीक बनाने के लिए इसे कपड़े से छान लें फिर इसे शीशी में भरकर रख लें. त्रिफला की खासियत ये है कि इसमें कड़वा, खट्टा, मीठा और नमकीन सभी रस समाहित होते हैं. यह अपने अद्भुत पाचक गुण के कारण सर्वरोगनाशक माना गया है. त्रिफला का चूर्ण स्वास्थ्यवर्धक, रक्तवर्धक, दृष्टिवर्धक और आयुवर्धक माना गया है. इसे कोई भी व्यक्ति बिना किसी बीमारी के आधे से लेकर 15 ग्राम तक के मात्रा में दूध या पानी के साथ रोज ले सकता है. इसे आयुर्वेद की महान दें कहा जाता है.
आइए इससे होने वाले फायदों पर एक नजर डालते हैं-

1. पाचनतंत्र को मजबूती देता है
आँतों की सफाई में भी त्रिफला चूर्ण की भूमिका महत्वपूर्ण है. आपको बता दें कि त्रिफला चूर्ण एक विरेचक की तरह काम करता है. जाहिर है कि पाचन सम्बन्धी समस्याओं के कारण कई परेशनियाँ उत्पन्न होती हैं. इसलिए जब आपका पाचन ठीक होता है तब साथ में कई बिमारियों की संभावना ख़त्म हो जाती है.

2. कब्ज को दूर करता है त्रिफला
कब्ज में त्रिफला अत्यंत लाभकारी है. रात्रि में सोने से पहले 5 ग्राम त्रिफला का चूर्ण यदि आप गुनगुने पानी अथवा दूध के साथ लें तो इससे कब्ज में राहत मिलती है. यदि आप इससे और ज्यादा लाभ पाना चाहते हैं तो आपको इसबगोल के साथ दो चम्मच त्रिफला चूर्ण लेना चाहिए.

3. आँखों के लिए लाभदायक है
त्रिफला का चूर्ण हमारे आँखों के लिए भी बेहद लाभदय है. आँखों के लिए ताम्बे या मिट्टी के बर्तन में 2 चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को भिगोकर रख दें. सुबह उठने के बाद उसे कपड़े से छानकर उसी पानी से आँख धोएं. इससे आँखें स्वस्थ तो रहती ही हैं साथ ही आँखों का जलन, लालिमा आदि तमाम परेशानियों से मुक्ति मिलती है. अतिरिक फायदे के लिए त्रिफला चूर्ण को गाय के घी और शहद के साथ लें. आप चाहें तो एक ग्लास पानी में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण 10-15 मिनट तक उबालकर उसका काढ़ा बना लें. फिर इसे छानकर इससे आँख धोएं.

4. बालों को भी मजबूती देता है
बालों को फायदा पहुँचाने में इसका रक्तशोधक गुण फायदेमंद साबित होता है. जाहिर है त्रिफला में विटामिन सी की प्रचुरता होती है. त्रिफला की लुगदी को बालों में आधे घंटे तक लगाकर बाल धो लेने से आलों को मजबूती और कालेपन दोनों मिलते हैं. इसका और ज्यादा फायदा लेने के लिए इसे 2-3 ग्राम की मात्रा में लेना थी रहता है.

5. वजन भी कम करता है
त्रिफला का चूर्ण आपके शरीर में उपापचय की क्रिया को सुचारू बनाता है. लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने में और शरीर से अनचाहे फैट को हटाने में भी इसकी भूमिका होती है. त्रिफला का काढ़ा बनाकर इसमें शहद डालकर पिने से वजन कम होता है.

6. दांतों के लिए भी फायदेमंद
इसकी सहायता से आप अपनी दांतों को भी मजबूत बना सकते हैं. सुबह मंजन करने के बाद इसके चूर्ण को कुछ देर तक मुंह में भरकर रखें फिर थोड़ी देर बाद इसे बाहर निकाल दें. इससे दांतों और मसूड़ों को मजबूती मिलने के साथ ही मुंह के दुर्गन्ध और छालों से भी मुक्ति मिलती है.

7. त्वचा के लिए भी गुणकारी
जैसा कि हमने उपर बताया कि त्रिफला चूर्ण में स्क्तशोधक गुण पाया जाता है. इस गुण के कारण ही ये त्वचा के लिए भी लाभदायक बन जाता है. यह त्वचा से दूषित पदार्थों को दूर करता है. इसमें पाए जाने वाले विटामिन सी के कारण ये त्वचा पर से झुर्रियां हटाने में भी मददगार है.

8. अतिरिक्त लाभ भी हैं
त्रिफला का काढ़ा घावों को जल्दी भरने में मदद करता है.
सरदर्द में आधा छोटा चम्मच त्रिफला चूर्ण लेने से राहत मिलती है.
शरीर में बढ़े हुए कफ, पित्त और आयु को संतुलित करता है.
बुरे कोलेस्ट्राल को कम करने में भी मदद करता है.
पेशाब के संक्रमण में इसे घी, शहद और गर्म पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है.
डायबिटीज और दिल की बिमारियों में इसे नियमित रूप से लेने से फायदा मिलता है.
पीलिया के मरीज त्रिफला, चिरायता, कुटकी, निम, छाल, गिलोय और वासा की बराबर मात्रा का काढ़ा बनाकर पियें तो लाभ मिलता है.
सोने से पहले आधा चम्मच त्रिफला लेने से इम्युनिटी बढ़ती है. इससे एलर्जी और काफ कंजेशन कम होता है.
क्या हैं त्रिफला के नुकसान?

1. जिन बच्चों का उम्र छः साल से कम है उन्हें त्रिफला चूर्ण नहीं देना चाहिए.

2. जिन लोगों को ज्यादा दिनों तक इसका सेवन करना है उन्हें इसकी कम से कम मात्रा लेनी चाहिए.

3. इसे प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी न लें.

4. कई लोग त्रिफला चूर्ण के सेवन से ज्यादा नींद आने की शिकायत करते हैं.

5. कई बार इसके सेवन के परिणामस्वरूप कुछ लोगों को अत्यधिक मूत्र विसर्जन की आवश्यकता होती है. इसलिए जहां तक हो सके इसे रात में लेने से बचें.

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