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स्लिप डिस्क का इलाज - Slip Disk Ka Ilaj!

Written and reviewed by
Dr. Sanjeev Kumar Singh 92% (193 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurvedic Doctor, Lakhimpur Kheri  •  11 years experience
स्लिप डिस्क का इलाज - Slip Disk Ka Ilaj!

स्लिप डिस्क हमारे शरीर में रीढ़ की हड्डियों को सहारा देने वाली छोटी-छोटी गद्देदार डिस्क होती हैं. इनका काम रीढ़ की हड्डी में मौजूद हड्डियों (कशेरुका) को सहारा देने के के साथ ही उन हड्डियों को झटकों से बचाने और उसे लचीला रखने का भी होता है. परंतु जब किसी कारणवश एक डिस्क क्षतिग्रस्त हो जाती है तो यह सूज या टूट कर खुल सकती है जिसे स्लिप डिस्क कहते हैं. स्लिप डिस्क का मतलब यह नहीं होता है कि डिस्क स्थान से खिसक जाती है इसका मतलब है कि डिस्क अपनी सामान्य सीमाओं से आगे बढ़ जाती है या सूज जाती है या फिर डिस्क की बाहरी दीवार छिज्ज जाती है जिससे उसमें मौजूद फ्लूइड (न्यूक्लियस पल्पोसस) का लीकेज स्पाइन या नज़दीकी नर्व पर हो जाता है. स्लिप डिस्क के कारण एक हाथ या पैर में कमज़ोरी हो सकती है. आइए इस लेख के माध्यम से हम स्लिप डिस्क के इलाज पर एक नजर डालें ताकि इस विषय में लोगों में जागरूकता बढ़ाई जा सके.
स्लिप डिस्क के स्टेज
स्लिप डिस्क के चार मुख्य स्टेज हैं –
1. पहला स्टेज:
उम्र बढ़ने के साथ, डिस्क का डिहाइड्रेशन शुरू हो जाता है जिससे उसका लचीलापन कम होने लग जाती है और वह कमज़ोर हो जाती है.

2. दूसरा स्टेज: डिस्क की फाइबर लेयर में दरार आने लगती है जिससे उसके अंदर का फ्लूइड बाहर आने लगता है या उससे बबल्स बनने लगता है.

3. तीसरा स्टेज: इस स्टेज में न्यूक्लिअस का एक हिस्सा टूट जाता है लेकिन फिर भी वह डिस्क के अंदर ही रहता है.

4. चौथा स्टेज: अंत में, डिस्क के अंदर का फ्लूइड (न्यूक्लियस पल्पोसस) हार्ड बाहरी लेयर से बाहर आने लगता है और स्पाइन में उसका लीकेज होने लगता है.

स्लिप डिस्क के लक्षण
स्लिप डिस्क स्पाइन के किसी भी हिस्से में हो सकती है (गर्दन से लेकर पीठ के निचले हिस्से तक), लेकिन यह सबसे सामान्य पीठ के निचले हिस्से में है. स्पाइन, नर्व और ब्लड वेसल्स का एक जटिल जाल-तंत्र होता है. स्लिप डिस्क नर्व और मसल्स पर और इनके आस-पास असामान्य रूप से प्रेशर डालती है. स्लिप डिस्क के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं -
1. शरीर के एक साइड दर्द होना.
2. हाथ या पैरों तक दर्द का फैलना.
3. रात के दौरान दर्द बढ़ जाना या कुछ एक्टिविटी में असहनीय दर्द होना.
4. खड़े होने या बैठने के बाद दर्द का बढ़ना.
5. थोड़ी दूरी पर चलते समय दर्द होना.
6. मांसपेशियों की कमज़ोरी.
7. प्रभावित क्षेत्र में झुनझुनी, दर्द या जलन.

इलाज-
1. स्लिप डिस्क का ट्रीटमेंट आपकी सहजता और अनुभव के स्तर पर निर्भर करता है. ज्यादातर लोग डॉक्टर द्वारा बताए गए ऐसे एक्सरसाइज कर के स्लिप डिस्क के दर्द को सुधार सकते हैं जो पीठ और आस-पास की मसल्स को मज़बूत बनाते हैं.
2. केमिस्ट के पास मिलने वाली पेन किलर टैबलेट के इस्तेमाल और भारी चीज़ें न उठाने से स्लिप डिस्क के दर्द में राहत मिल सकती है.
3. यदि पेन किलर टैबलेट आपके लक्षणों पर असर नहीं करती हैं तो आपके डॉक्टर आपको अन्य दवाएं लेने के लिए भी सलाह दे सकते हैं, जैसे- मसल्स को राहत देने के लिए मेडिसीन; दर्द को दूर करने के लिए मादक द्रव; गाबापेंटीन या ड्युलोकसेटाईन जैसी तंत्रिका के लिए दवाएं.

दर्द के लिए दवाएं.-
अगर आपके लक्षण 6 सप्ताह में नहीं सुधरते या आपकी मांसपेशियों की गतिविधियों पर स्लिप डिस्क का प्रभाव पड़ता है तो आपके डॉक्टर आपको सर्जरी का उपाय भी दे सकते हैं. आपका सर्जन पूरे डिस्क को हटाए बिना केवल डिस्क के क्षतिग्रस्त भाग को निकाल सकता है. इसे माइक्रोडिसकेक्टमी कहा जाता है. अधिक गंभीर मामलों में, आपका डॉक्टर एक आपकी पहले वाली डिस्क को बदल कर एक कृत्रिम डिस्क लगा सकते हैं या डिस्क को निकालकर कशेरुकाओं को एक साथ मिला सकते हैं

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