लौंग खाने के फायदे - Laung Khaane Ke Fayde!
तमाम औषधीय गुणों से भरपूर लौंग का प्रयोग कई बिमारियों के उपचार में किया जाता है. लौंग के फायदे कई परेशानियों को दूर करने में सहायक होते हैं. लौंग का प्रयोग प्राचीन काल से ही होता रहा है. भारतीय और चीनी सभ्यताओं में इनके इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है. यहाँ तक कि अब भी बहुत सारे चीनी और भारतीय व्यंजनों में लौंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीमाइक्रोबियल, लोहा, एंटीफंगल और उतेजक गुण मौजूद हैं. इसके अलावा इसमें विटामिन ए, सी और कई खनिज जैसे कि फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, लोहा और हाइड्रोक्लोरिक एसिड पाए जाते हैं. लौंग से कई विकारों को दूर किया जाता है. आइए लौंग के फायदे और नुकसान को जानें.
1. प्रतिरक्षा तंत्र की मजबूती में-
लौंग में प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने की क्षमता होती है. इसमें मौजूद एंटीवायरल गुणों और रक्त को शुद्ध करने की क्षमता के कारण ये कई बीमारियों से बचाता है. इसके अलावा लौंग में एंटीऑक्सिडेंट भी पाया जाता है जो कि मुक्त कणों को शरीर से बाहर निकालने का काम करते हैं.
2. कान दर्द के उपचार में-
कान दर्द के उपचार में भी लौंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए गर्म लौंग में तिल का तेल मिलाकर कान में डालना होता है. ऐसा करने से तुरंत लाभ मिल सकता है. इसलिए कानदर्द में लौंग का इस्तेमाल किया जा सकता है.
3. दांतों के लिए-
लौंग का इस्तेमाल दांतों के लिए प्राचीन काल से ही होता आ रहा है. इसका तेल दांतों को दर्द, माउथ अल्सर और किटाणुनाशक के रूप में काफी उपयोगी साबित होता है. इसमें कैविटी के विरुद्ध और जलन को कम करने का गुण भी होता है.
4. पाचन के लिए-
लौंग के अनेकों फायदों में से एक ये भी है कि इससे मोशन सिकनेस, अपच, पेट का फुलना और हिचकी जैसी समस्याओं का निदान किया जा सकता है. इसे कई खाद्य पदार्थों में मिलाकर खाने के लिए इस्तेमाल भी किया जाता है.
5. रक्त शर्करा के नियंत्रण में-
रक्तशर्करा के नियंत्रण में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसलिए ये शुगर से पीड़ित लोगों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होता है. इसे एकाग्रता बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. इसके इस्तेमाल से आप अपनी परेशानी कम कर सकते हैं.
6. त्वचा के लिए-
इसमें त्वचा से संबंधित कई समस्याओं से बचाने की क्षमता भी होती है. ये त्वचा पार आने वाले झुर्रियों को ख़त्म करने और त्वचा के रक्त प्रवाह को बढ़ाने में भी काफी मददगार होता है. इससे बढ़ते उम्र के लक्षणों को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है.
7. तनाव से मुक्ति में-
स्वभाव से कामोत्तेजक लौंग का तेल एक अच्छे तानव उन्मुलक के रूप में कार्य करता है. इससे मानसिक थकान को दूर करने के साथ ही मन को ताजा किया जा सकता है. अनिद्रा और अवसाद से पीड़ित लोगों के लिए ये काफी लाभदायक है.
8. रक्तपरिसंचरण में-
रक्तपरिसंचरण में वृद्धि होने से अंग प्रणालियों का ऑक्सिजनिकरण भी बढ़ता है. जिससे शुगर जैसी बिमारियों में भी राहत मिलती है. इससे विषाक्तता को दूर करने में भी मदद मिलती है. उपापचय को भी बढ़ाने का काम करता है.
9. संक्रमण के उपचार में-
लौंग में कट्स, फंगल संक्रमण, खुजली और घाव आदि के उपचार की क्षमता होती है. इसे डंक के उपचार में भी प्रयोग किया जा सकता है. इस प्रकार ये कई तरह के संक्रमणों से बचाने का काम करता है.
10. मतली और सरदर्द में-
उल्टी, मतली या सरदर्द जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए भी लौंग का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इसे आप अरोमाथेरेपी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे मोर्निंग सिकनेस में भी आराम मिलता है.

