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Jamalgota Ke Fayde Aur Nuksan In Hindi - जमालगोटा के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  8 years experience
Jamalgota Ke Fayde Aur Nuksan In Hindi - जमालगोटा के फायदे और नुकसान

वानस्पतिक नाम क्रोटन टिग्लियम वाली, जमालगोटा के फायदों और नुकसान दोनों ही ज्यादा हैं. उत्तर-पूर्व और दक्षिण भारतीय राज्यों में पाया जाने वाला जमालगोटा के पेड़ की ऊंचाई 15-20 फीट होती है. इसके फुल के अन्दर लाल-भूरे रंग का जो तेल जैसा पदार्थ होता है उसका औषधीय महत्व काफी ज्यादा है. जमालगोटा की तासीर गर्म होती है इससे शरीर में पित्त बढ़ता है और काफ पतला होता है. आइए जमालगोटा के लाभ और हानि को विस्तारपूर्वक समझें.

1. आंत के लिए
शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक आंत में कई बार कीड़े हो जाते हैं. आंत के इन कीड़ों को भगाने के लिए 20 मिलीग्राम जमालगोटा के बीज को पानी के साथ लेने से आंत के कीड़े ख़त्म होते हैं.
2. कब्ज में
कब्ज से पीड़ित मरीज को यदि सावधानीपूर्वक जमालगोटा दिया जाए तो उसे काफी आराम मिलता है. इसके लिए आपको जमालगोटा के बीज का पाउडर 20-40 मिलीग्राम नियमित रूप से देना होता है. इससे गंभीर कब्ज का इलाज भी संभव है.
3. बालों के लिए
जमालगोटा का प्रयोग बालों की समस्याओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है. इसके शुद्ध बीजों का पेस्ट बनाकर सर में लगाने से गंजापन में सुधार होता है. यानी बालों का झड़ना रोकने में जमालगोटा काफी उपयोगी है.
4. पीलिया में
जमालगोटा की जड़ों के बाहरी छाल को गुड़ के साथ लेने से ऐसा माना जाता है कि इससे पित्त का स्त्राव बढ़ता है. इसे सफ़ेद मल को कम करने और पीलिया के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
5. जोड़ों के दर्द में
जोड़ों का दर्द जिसे गठिया भी कहते हैं, इसके इलाज के लिए भी जमालगोटा का इस्तेमाल किया जाता है. जमालगोटा के बीजों से निकला तेल सूजन, फेफड़े के रोगों, गठिया और क्रोनिक ब्रोंकाइटीस आदि पर लागने से राहत मिलती है.
6. सांप काटने पर
सांप काटने के इलाज के रूप में भी जमालगोटा का उपयोग किया जाता है. इसके बीज के पेस्ट में नींबू का रस मिलाकर दिया जात्ता है. इसके अलावा एक उपाय और है कि जमालगोटा के 100 मिलीग्राम पाउडर में काली मिर्च को पीसकर मिलकर इसे पानी के साथ पिने से उल्टी होकर जहर निकल जाता है.
7. स्तंभन में
जमालगोटा से होने वाले विभिन्न लाभों में से एक स्तंभन दोष में इससे होने वाला लाभ भी है. जमालगोटा के बीज का पेस्ट बनाकर पनील क्षेत्र में लगाने से स्तंभन दोष में राहत मिलता है.
8. फोड़ा के लिए
जमालगोटा और क्रोटन के जड़ की बाहरी छाल के पेस्ट को त्वचा के फोड़े पर लगाया जाता है. जमालगोटा इन फोड़ों के फूटने में मदद करता है.
9. एक्जीमा में
इसका बीज एक्जीमा के उपचार में काफी सकारात्मक भूमिका निभाता है. जमालगोटा के बीज के पाउडर से पेस्ट तैयार करें और इस पेस्ट को एक्जीमा जैसे चमड़े से सम्बंधित किसी भी रोग में लगाने पर उसमें सुधार होता है.
10. बवासीर में
जमालगोटा के जड़ों का पाउडर और छाछ के पेस्ट का उपयोग बाहरी बवासीर के ऊपर करने से बवासीर सिकुड़कर सूखने लगता है. इससे सुजन में कमी आती है और मरीज राहत महसूस करता है.
11. जमालगोटा के अन्य फायदे
कफ रोगों के फायदेमंद जमालगोटा का लाभ पाचन और अवशोषण को सही करने में भी देखा गया है. इसके अलावा ये हमारा खून भी साफ़ करता है. आपको बता दें की पित्त के असंतुलित होने पर स्वाद में कड़वा लगने वाले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए.

जमालगोटा के नुकसान

  • त्वचा पर फफोले और पेट में निर्जलीकरण व दर्द होसकता है.
  • जमालगोटा का विषैला प्रभाव भी देखा गया है.
  • यदि सावधानी न बरतें तो इसके तेल से म्रत्यु भी हो सकती है.
  • गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली महिलाएं इसके इस्तेमाल से बचें.
  • किसी चिकित्सक के सलाह से ही इसका प्रयोग करें.
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