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Aloo Bukhara Benefits And Side Effects In Hindi - आलूबुखारा के फायदे और नुकसान

Dr. Sanjeev Kumar Singh 88% (192 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  9 years experience
Aloo Bukhara Benefits And Side Effects In Hindi - आलूबुखारा के फायदे और नुकसान

आलूबुखारा स्वाद और औषधीय गुण दोनों में ही एक बेहतर फल साबित होता है. इसका अंग्रेजी नाम प्लम है. लगभग पूरी दुनिया में अब ये पाया जाता है. विश्व के अलग-अलग जगहों पर इसकी अलग-अलग लगभग 2000 प्रजातियाँ पाई जाती हैं. इसके नियमित सेवन से हम कई बिमारियों जैसे कि रक्त चाप या स्ट्रोक आदि से बच सकते हैं और इससे शरीर में लोहा की मात्रा में भी वृद्धि होती है. इसके सेवन से पुरुषों के शरीर में मजबूती और ताकत आता है. आलूबुखारा में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. विटामिन ए, सी, के और फाइबर से समृद्ध आलूबुखारा के फायदे और नुकसान की विस्तृत जानकारी के लिए निम्लिखित बिन्दुओं का अध्ययन करें.

  • रक्तचाप और ह्रदय रोग के नियंत्रण में: आलूबुखारा में पाया जाने वाला पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करता है. इसके अलावा आलूबुखारा का नियमित सेवन हमारे दिल के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है. इससे दिल के दौरे या स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
  • कैंसर के उपचार में: इसमें पाया जाने वाला एंटीऑक्सिडेंट और कई अन्य औषधीय गुण हमारे शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को पनपने से रोकते हैं. इसमें मौजूद बीटा कैरोटिन भी कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम करता है. यदि आप भी कैंसर के जोखिम को कम करना चाहते हैं तो आलूबुखारा की सहायता ले सकते हैं.
  • शुगर के उपचार में: मधुमेह के खतरे से बचाने के लिए भी आलूबुखारा का प्रयोग किया जाता है. इसके नियमित सेवन से शरीर में शुगर की मात्रा में वृद्धि नहीं होती है. शुगर के मरीज इसे खाएं तो वो शुगर के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं.
  • आँखों के लिए: आलूबुखारा विटामिन ए से समृद्ध होता है. विटामिन ए हमारे आँखों के दृष्टि के लिए काफी अच्छा होता है. इसके सेवन से श्लेष्मा झिल्ली भी स्वस्थ रहती है. इसमें पाया जाने वाला फाइबर जेक्सनथिन रेटिना को मजबूती प्रदान करता है.
  • हड्डियों के लिए: आलूबुखारा में पाया जाने वाला विटामिन के हमारे शरीर की हड्डियों को मजबूती प्रदान करने में समर्थ होता है. विटामिन के, महिलाओं के मिनोपॉज के दौरान होने वाली परेशानियों को भी कम करने का काम करता है.
  • कोलेस्ट्राल के नियंत्रण में: कोलेस्ट्राल के नियंत्रण में भी आलूबुखारा की सकारात्मक भूमिका है. दरअसल इसमें घुलनशील फाइबर पाया जाता है जिससे कि शरीर में बढ़ते हुए कोलेस्ट्राल पर नियंत्रण होता है. इसमें फैट को आसानी से पचाने का भी गुण मौजूद होता है.
  • वजन कम करने में: वजन कम करने के लिए भी आलूबुखारा का इस्तेमाल किया जाता है. दरअसल इसमें सुपरऑक्साइड पाया जाता है जो कि ऑक्सिजन रेडिकल के नाम से जाना जाता है और ये चर्बी को कम करता है. इसके सेवन से फैट भी नहीं बढ़ता है.
  • सर्दी-जुकाम के उपचार में: आलूबुखारा में पाए जाने वाले विटामिन सी का काम हमारे शरीर का प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना होता है. जाहिर है सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियाँ ज्यादातर प्रतिरोधक क्षमता में कमी के कारण ही होती हैं. इसलिए आलूबुखारा का नियमित सेवन हमें सर्दी-जुकाम से बचा सकता है.
  • पाचन में: पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में भी आलूबुखारा का इस्तेमाल किया जाता रहा है. ऐसा इसमें पाए जाने वाले फाइबर की भरपूर मात्रा की वजह से हो पाता है. इसके अलावा इसमें सोर्बिटोल और आईसीटीन भी पाया जाता है जो कि पाचन में सुधार करता है.
  • त्वचा और पेट के लिए: इसमें कई तरह के एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं जिससे कि हमारे त्वचा में निखार आता है. इसके आलावा इसके पत्तों को पीसकर बने लेप से पेट के कीड़े ख़त्म हो सकते हैं और इसका सेवन पित्त दोषों को भी दूर करने का काम करता है.

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