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Stevia Benefits and Side Effects in Hindi - स्टीविया के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  8 years experience
Stevia Benefits and Side Effects in Hindi - स्टीविया के फायदे और नुकसान

उत्तर और दक्षिण अमेरिका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में उगने वाले स्टीविया के कई फायदे हैं. वैज्ञानिक नाम स्टेविया रेबउडियाना वाली स्टेविया की पत्तियां स्वाद में मीठी होती हैं. सूरजमुखी परिवार का यह पौधा झाडी और जड़ी-बूटी के प्रजातियों में प्रमुख है. इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक जैसे कि फ्लावोनोइड्स, टैनिन, काम्पेरोल, ट्राईटरपेनस, कैफिक एसिड, और क्वैक्सेटीन आदि पाए जाते हैं. इसमें पाए जाने वाले तत्वों में लोहा, फाइबर, सोडियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन ए और सी प्रमुख हैं. स्टीविया के फायदों और नुकसान को विस्तार से समझने का प्रयास किया जाना चाहिए.

1. त्वचा की देखभाल में
हमारा त्वचा बाहरी पर्यावरण के सीधे संपर्क में रहता है. इसलिए उचित देखभाल न करने से इसमें कई तरह के विकार आने की संभावना लगातार बनी रहती है. त्वचा पर होने वाले एक्जीमा और डर्मेटाइटिस जैसे विकारों को ठीक करने में स्टीविया मददगार साबित होता है. स्टेरॉयड के रूप में काम करते हुए ये जीवाणुओं को फैलने रोकता है.
2. कैंसर में
इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक जैसे कि फ्लावोनोइड्स, टैनिन, काम्पेरोल, ट्राईटरपेनस, कैफिक एसिड, और क्वैक्सेटीन आदि पाए जाते हैं. ये सभी कैंसर के उपचार में एक आदर्श आहार पूरक हैं. फ्रीरेडिकल्स को ख़त्म करके ये स्वस्थ को कोशिकाओं को कैंसर कोशिकाओं में बदलने से रोकते हैं.
3. मधुमेह के उपचार में
हमारे शरीर में स्टीविया के कई फायदे हैं. इसका सबसे महत्वपूर्ण काम ये है कि ये रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित कर सकता है. स्टीविया में स्टेवियोसाइड नामक यौगिक पाया जाता है, जिसे एक गैर कार्बोहाईड्रेट ग्लाइकोसाइड यौगिक के रूप में जाना जाता है. इसका मीठापन मधुमेह के मरीजों या कार्बोहाईड्रेट नियंत्रित आहार खाने वाले लोगों के लिए आम तौर पर मिलने वाली चीनी के बदले एक बेहतर विकल्प है. इसलिए वो लोग इसे बिना किसी चिंता के खा सकते हैं.
4. मुंह को स्वस्थ रखने में
मुंह के स्वास्थ्य का मतलब है दांतों आदि की देखभाल करना. इसमें स्टीविया की भूमिका मुंह में जीवाणुओं को पनपने से रोकने में है. हमारे दन्तमंजनों में भी इसका प्रयोग किया जाता है. कैविटी और मसूड़ों के सूजन को ठीक करने में इसकी भूमिका होती है.
5. हड्डियों को मजबूत बनाने में
स्टीविया पर होने वाले कई शोधों में एक शोध मुर्गी पर भी किया गया है. इसमें स्टीविया खाने वाली मुर्गियों के अंडे में औसतन अण्डों की तुलना में ज्यादा मात्रा में कैल्शियम पाई गई. हलांकि अभी तक ये शोध मनुष्यों पर नहीं किया गया है लेकिन संभावना जताई जाती है कि ये मनुष्यों पर भी कारगर होगा.
6. वजन घटाने में
स्टीविया चीनी से ज्यादा मीठी होने के बावजूद कम कैलोरी वाली होती है. यानी आप इसके मीठेपन से अपने पसंद की तमाम चीजें जैसे कि कैंडीज, केक और कुकीज आदि बनाकर बिना किसी टेंशन के खा सकते हैं. इससे आपका वजन नहीं बढ़ेगा.
7. उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में
उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में भी स्टीविया के फायदे नजर आते हैं. स्टीविया में स्टेवियोसाइड के अलावा भी कई प्रकार के ग्लाइकोसाइड पाए जाते हैं. दरअसल ग्लाइकोसाइड्स रक्त वाहिकाओं को आराम पहुँचाने, पेशाब में वृद्धि करने और हमारे शरीर से सोडियम को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इससे उच्च रक्तचाप नियंत्रण में रहता है.
8. ह्रदय के विकारों में
स्टीविया में पाए जाने वाले ग्लाइकोसाइड्स के गुणों के कारण ये हमारे दिल का भी ख्याल रखता है. ग्लाइकोसाइड्स, कार्डियोवैस्कुलर प्रणाली पर दबाव कम करके हमारे ह्रदय को कई विकारों जैसे कि दिल के दौरे, एथेरोस्क्लेरोसिस, स्ट्रोक से हमारी रक्षा करता है.

 क्या हैं स्टेविया के नुकसान?
* कुछ लोगों पर स्टीविया के कई नुकसान नजर आते हैं जैसे कि सूजन और ऐंठन आदि के अलावा कुछ लोगों में सरदर्द भी देखा गया है.
* कई लोगों को मैरीगोल्ड, रैग्वेड और डेजी सम्बंधित पौधों से एलर्जी होती है, ऐसे लोगों को स्टीविया से भी एलर्जी हो सकती है.
* इन नुकसानों को देखते हुए आपको किसी विशेषज्ञ के सलाह से ही स्टीविया का सेवन करना चाहिए.
 

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