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स्वप्नदोष तथा प्रमेह

Dr. B K Kashyap 88% (111 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Sexologist, Allahabad  •  19 years experience
स्वप्नदोष तथा प्रमेह
स्वप्नदोष तथा प्रमेह
सोते समय स्वप्न में यौन क्रीड़ा संबंधी दृश्य देखने पर जननेन्द्रिय में उत्तेजना आती है और शुक्राशय में एकत्रित हुआ शुक्र निकल जाता है, इसे स्वप्नदोष (नाइट फाल) होना कहते हैं, स्वप्नदोष होने का यह भी एक कारण होता है।
हमेशा दिमाग को अच्छे कामों और विचारों में उलझाए रखें।
कब्ज से बचने के लिए अपच से बचें। ये दोनों उपाय करते रहें तो बिना दवा सेवन किए भी स्वप्नदोष होना सदा के लिए बंद हो जाएगा, यह तो हुआ बगैर दवा का इलाज। इस प्रकार की व्याधि के लिए आयुर्वेदिक तरीके से इलाज का तरीका यहाँ दिया जा रहा है-
(1) पालक के पत्ते लगभग 250 ग्राम पानी से खूब धोकर सिल पर बिना पानी के पीस लें। एक मोटे साफ धुले हुए कपड़े को पानी में भिगोकर खूब अच्छी तरह निचोड़ लें, ताकि कपड़े में पानी न रहे। अब इसमें पिसी हुई पालक रखकर कपड़े को दबा-दबाकर पालक का रस एक कप में टपकाएँ। सुबह खाली पेट यह रस, दन्त मंजन करने के बाद पी लें और आधा घंटे तक कुछ खाएँ-पिएँ नहीं। यह प्रयोग रोजाना 6-7 दिन तक करने से स्वप्नदोष होना बंद हो जाता है। यह एक आयुर्वेदिक परीक्षित नुस्खा है।
(2) नीम गिलोय के अंगुलभर आकार के तीन टुकड़े और तीन काली मिर्च सिल पर रखकर कूट-पीसकर खूब बारीक कर लें। इसे सुबह खाली पेट पानी के साथ पिएं। जब स्वप्नदोष होना बिलकुल बंद हो जाए, तब इसका सेवन करना बंद कर दें।
(3) आँवले का चूर्ण और भिंडी की जड़ का चूर्ण समान मात्रा में लेकर मिला लें और खूब बारीक पीस लें। अब इनके बराबर वजन में पिसी हुई मिश्री मिला लें। यह चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले, खाना खाने के 1-2 घंटे बाद पानी के साथ 40 दिन तक लेने से स्वप्नदोष होना बिलकुल बंद हो जाता है।
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