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Bachon ki Khansi ka ilaj

Dr. Sanjeev Kumar Singh 89% (52 ratings)
Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri  •  9 years experience
Bachon ki Khansi ka ilaj

बहुत आम पर हालत बिगाड़ देने वाली आम बीमारियों में से एक है खांसी। खांसी अगर गम्भीर रूप में हो जाए तो हेल्दी हेल्दी व्यक्ति भी थक हार कर सुस्त पड़ जाता है। शरीर का हर हिस्सा दर्द महसूस करने लगता है क्योंकि खांसते समय इसका असर केवल गले पर ही नही बल्कि सीना पेट हाथ पैर सब पर इफ़ेक्ट पड़ता है। बड़े तो फिर भी अपनी तकलीफ बयान कर भी लेते हैं और उसका इलाज भी कर लेते हैं पर सोचने की बात है कि बच्चों को खांसी होने पर उनका क्या हाल होता होगा। क्योंकि ना वो बता पाते हैं ना खुदसे अपनी मदद कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हमें पूरी जानकारी हो बच्चों को होने वाली खांसी की वजह और उसके इलाज के लिए घरेलू नुस्खों के बारे में।

दरसलश्लेम यानी म्यूकसको बाहर निकालने की कोशिश में या फिर गले और वायु मार्ग में सूजन होनेकी वजह से शिशु खांसता है।खांसी की वजह बहुत सी होती हैं, मगर आमतौर पर यह सर्दी-जुकाम या फ्लू का लक्षण होता है। ऐसे में हम अक्सर दवाओं का सहारा लेते हैं पर आपको यह बात पता होनी चाहिए कि सर्दी, जुकाम, खांसी जैसी बीमारियों में दवा देने की बजाय होम रेमेडीज अपनानी चाहिए। क्योंकि इन बीमारियों का नेचुरल तरीके से इलाज करना जितना बेहतर होता है उतना ही अंग्रेजी दवाओं से इलाज करना नेगेटिव साइड इफ़ेक्ट से भरपूर। तो आइए आज हम जानेंगे शिशुओं को होने वाली खांसी कारण और इससे राहत दिलाने वाले कुछ घरेलू नुस्खे।

खांसी के कारण

1. सर्दी-जुकाम
अगर आपके शिशु को सर्दी-जुकाम की वजह से खांसी हो रही हो, तो उसे साथ में बंद नाक, बहती नाक, गले में खारिश, आंखों में पानी और बुखार जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। जुकाम की वजह से बनने वाले अतिरिक्त श्लेम को निकालने के लिए आपका शिशु खांसता है।

2. फ्लू
फ्लू के लक्षण सर्दी-जुकाम की तरह ही लग सकते हैं। अगर, आपके शिशु को फ्लू हो, तो उसे बुखार, नाक बहना और कई बार दस्त (डायरिया) या उल्टी भी हो सकती है। मगर फ्लू की वजह से होने वाली खांसी, जुकाम वाली खांसी से अलग होगी। यह बलगम वाली खांसी की बजाय सूखी खांसी होगी। इसका मतलब यह है कि आपका शिशु खांसी के साथ काफी कम बलगम निकाल रहा होगा।

3. क्रूप
अगर शिशु को क्रूप हो, तो उसे वायु मार्ग में सूजने होने की वजह से खांसी होगी। शिशुओं का वायु मार्ग काफी संकरा होता है और आपसे काफी छोटा होता है। इसलिए इनमें सूजन होने पर शिशु के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। छह माह और तीन साल के बीच के बच्चों को क्रूप होने की संभावना ज्यादा होती है। क्रूप खांसी मे भौंकने जैसी आवाज निकलती है। जो कि अक्सर रात में शुरु होती है।

4. काली खांसी 
काली खांसी या कुक्कर खांसी एक बैक्टिरियल इंफेक्शनहै। यह काफी संक्रामक होती है। काली खांसी में बहुत ज्यादा और खुश्क खांसी होती है। इसमें बहुत सारा श्लेम निकलता है और खांसते समय सांस लेते हुए उच्च स्वर या ध्वनि निकलती है।

5. दमा
शिशु को दमा की वजह से भी खांसी हो सकती है। अस्थमा से ग्रस्त शिशु की सांस लेते व छोड़ते समय श्वास फूलती है। उनकी छाती भी कस जाती है और सांस की कमी होने लगती है।

6. तपेदिक 
लगातार रहने वाली खांसी टी.बी. का लक्षण हो सकता है। टी.बी. की खांसी दो सप्ताह से ज्यादा जारी रहती है। टी.बी. से ग्रस्त शिशु की खांसी में खून आ सकता है, उसे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है और भूख लगना कम हो सकती है। शिशु को बुखार भी हो सकता है।

बच्चों की खांसी के उपचार के लिए घरेलू नुस्खे 

1. गर्म तरल चीजें पिलाएं
बच्चे को ठंडे की बजाय गर्म पानी और बाकी चीज भी गर्म तासीर वाली ही पिलाएं जिससे गले की सूजन को आराम मिलेगा।

2. वाष्पित्र या वेपोरब का इस्तेमाल करें
वेपोरब २ साल के बच्चे को भी खॉँसी में तेजी से राहत देता है। इस जादुई रगड़ में मेन्थॉल, कपूर और नीलगिरी जैसी सामग्री हैंबच्चे को आराम दिलाती है।

3. सिर ऊंचा कर के सुलाएं
बलगम नाक से गले में टपक सकता है, जिसके परिणाम में गंभीर खाँसी हो सकती है। शरीर की ऐसी मुद्रा बहाव को प्रेरित कर सकती है। इसलिए बच्चे को उंचे स्थान पर सिर रखकर सोने से बहाव न होने में मदद होगी।

4. हल्दी की मदद लें
गर्म दूध के साथ आधी चम्मच हल्दी पाउडर मिलाए और बेहतर राहत पाने के इस मिश्रण को गरम ही पिलाएं। या फिरगर्म पानीमें एक चुटकी हल्दी पाउडर और नमक मिलाकर बच्चे से गरारा करवाने की कोशिश करें।

5. शहद अपनाएं
रात के समय सूखी खांसी से राहत के लिए बच्चे को सुलाने के पहलेउसे गर्म दूध में मिलाकर पिलाएं।

6. अदरक
एक कप पानी में अदरक के टुकड़ों को ड़ाल कर इस मिश्रण को आधि मात्रा होने तक उबालकर छान के इसमे एक चम्मच शहद डालकर बच्चे को पिलाएं।

7. तुलसी
तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर बच्चे को पिलाएं।

8. अंगूर का जादू
अंगूर प्राकृतिक कफोत्सारक हैं और वे आपके फेफड़ों से कफ निकाल देते हैं। इन फलों के रस में शहद मिलाए और इस रसको बच्चे सोने से पहले थोड़ा सा पिलाएं।

9. एलोवेरा
बड़ों की खांसी हो या बच्चे की खांसी एलोवेरा का रस और शहद के मिश्रण काफी असरदार नुस्खा है।

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