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Dr. Archana

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I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning....more
I pride myself in attending local and statewide seminars to stay current with the latest techniques, and treatment planning.
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Dr. Archana is a renowned Gynaecologist in Thane West, Thane. Doctor is currently practising at Highway Hospital in Thane West, Thane. Book an appointment online with Dr. Archana on Lybrate.com.

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Mai shadishuda hu or meri umar 25 saal ki hai or abi bachhe nhi krna chahti hu pr ye chinta h k bachhe k liye jada time to nhi ho jayega agr me krib 2 se 3 saal ruk gyi to .please help me.

BASM, MD, MS (Counseling & Psychotherapy), MSc - Psychology, Certificate in Clinical psychology of children and Young People, Certificate in Psychological First Aid, Certificate in Positive Psychology, Positive Psychiatry and Mental Health
Psychologist, Palakkad
Mai shadishuda hu or meri umar 25 saal ki hai or abi bachhe nhi krna chahti hu pr ye chinta h k bachhe k liye jada ti...
Dear Lybrate user. Do theen saal agar bacha nahi chahthe ho tho aisa hi karo. Koi ghadbad nahi hoga. Take care.
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Chocolate Benefits and Side Effects in Hindi - चॉकलेट खाने के फायदे और नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Chocolate Benefits and Side Effects in Hindi - चॉकलेट खाने के फायदे और नुकसान

बहुत सारे लोग चॉकलेट जो एक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ है, के सबसे दिलचस्प तथ्यों के बारे में कुछ नहीं जानते हैं. चॉकलेट छोटे-बड़े सबको पसंद है. कुछ लोग चॉकलेट को जंक फूड समझते हैं इसीलिए रोजाना चाकलेट खाने से बचते हैं. लेकिन चॉकलेट खाना बुरा नहीं है यदि आप इसका रोज सिमित मात्रा में सेवन करें. और आप यह जानकर हैरान होंगे कि आपके पसंदीदा कोकाआ का उपयोग 3000 से अधिक वर्षों से किया जा रहा है. चॉकलेट के तीन आवश्यक घटक कोकाआ, दूध और चीनी होते हैं और यह आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. चॉकलेट के स्वास्थ्य लाभों में स्वस्थ हृदय के कार्य, मूड को अच्छा रखना, उचित मस्तिष्क और तंत्रिका के कार्य और तनाव से राहत आदि शामिल है. तो आइये जानें कि चॉकलेट के फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं.
1. उच्च रक्त चाप के नियंत्रण में
कोकाआ में फ्लेवोनोइड पॉलीफेनोल होते हैं जैसे कटेचिंस, एपकेचिन और प्रोसीडिन, जो कि खून में नाइट्रिक ऑक्साइड स्तर को बढ़ाते हुए देखा जाता है, जो उचित रक्तचाप को बनाए रखने में मदद करता है. नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त के घनत्व या जमावट को रोकने और द्रवत्व को बनाए रखने में विशेष रूप से उपयोगी है जिससे धमनियों और नसों पर दबाव कम होता है.
2. मूत्र वर्धक के रूप में
इसमें थियोब्रोमाइन नामक एक और यौगिक होता है जिसमें मूत्रवर्धक गुण होते हैं. यह पेशाब को बढ़ाने में मददगार होता है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने में भी मदद करता है. कोकाआ में मौजूद पोटेशियम हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में भी सहायक है. दूसरी तरफ, कम रक्तचाप से पीड़ित लोगों के मामले में, कैफीन और थियोब्रोमाइन जैसे उत्तेजक रक्तचाप को बढ़ाने में मदद करते हैं.
3. खांसी और ठंड के दौरान
इसमें मौजूद विटामिन सी, एल्किलॉइड और फ्लेवोनोइड खांसी और सर्दी से राहत देते हैं. फैटी एसिड जैसे कि स्टेरिकिक एसिड, पाल्मिक एसिड और ऑलीइक एसिड में लगातार खांसी और सर्दी के कारण हो रहे गले में दर्द से राहत मिलती है.
4. हृदय को रखे स्वस्थ
एपकेचिन और गैलिक एसिड जैसे फ्लेवोनोइड, हृदय को स्वस्थ रखने में बहुत प्रभावी होते हैं, विशेष रूप से उम्र और तनाव के खिलाफ. कोकाआ में पाए जाने वाले संतृप्त फैटी एसिड होने के बावजूद स्टैरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नहीं बढ़ाता है और दिल के दौरे की संभावना भी कम कर सकता है. फ्लेवोनोइड के एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मुक्त कणों द्वारा दिए गए नुकसान के खिलाफ दिल की रक्षा करते हैं.
5. तंत्रिका तंत्र के लिए
चॉकलेट में विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट फ्लैनोनोइड होते हैं, जिनके मुख्य घटक पोलीफेनॉल्स होता है जैसे कटेचिंस, एपकेचिन और प्रोसीडिन जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को उम्र के साथ सुस्त होने से रोकते हैं. साथ ही साथ मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को मुक्त कणों द्वारा क्षति से बचाते हैं. ये मस्तिष्क में सेरोटोनिन के स्तर को भी बढ़ाते हैं जिससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ जाती है, इसे सक्रिय और तेज रखते हुए. ये तंत्रिका तंत्र विकारों के इलाज में भी सहायक होते हैं, जैसे अल्जाइमर रोग.
6. अवसाद रोकने में
कोकाआ में कैफीन होता है जो कि एल्कालोइड, थियोब्रोमाइन और फेनिलेथाइलमाइन सभी प्रकृति में उत्तेजक होते हैं. ये मूड को सुधारते और अवसाद को कम करने में बहुत प्रभावी होते हैं. कोकाआ में ट्रिप्टोफैन भी शामिल है जो तनाव को कम करने में बहुत ही प्रभावी पाया गया है.
7. मधुमेह के नियंत्रण में
 कैफीन जैसे अल्कलॉइड की उपस्थिति के कारण डार्क और शुगर फ्री चॉकलेट शायद आपको टेस्ट में ज्यादा अच्छे न लगें. इन अल्कलॉइड्स की कड़वाहट खून में चीनी को बेअसर कर देती है. इसके अलावा, प्रकृति में उत्तेजक होने के कारण, ये पित्त और इंसुलिन के स्राव को प्रोत्साहित करते हैं, जो डायबिटीज़ के स्तर को कम करने में मदद करते हैं.
8. ऊर्जा के लिए
फैटी एसिड जैसे स्टैरिकिक एसिड और पाल्मिक एसिड (दोनों संतृप्त) और ओलिक एसिड (असंतृप्त) कोलेस्ट्रॉल जमा होने के जोखिम के बिना, वजन को कम करके ऊर्जा प्रदान करते हैं. जब कोको से चॉकलेट बनाया जाता है, तो कोलेस्ट्रॉल की मात्रा दूध के प्रकार और दूध उत्पादों पर निर्भर करती है. चॉकलेट में चीनी भी ऊर्जा और शरीर को आराम देता है.
9. कोलेस्ट्रॉल को कम करे
चॉकलेट का सेवन कम-घनत्व वाले लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है, जिसे "खराब वसा" भी कहा जाता है. चॉकलेट का नियमित सेवन, कोलेस्ट्रॉल को कम करके और रक्तचाप में सुधार करके हृदय संबंधी स्वास्थ्य में मदद कर सकते हैं. फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने पाया है कि चॉकलेट के सेवन से स्ट्रोक से पीड़ित होने का खतरा कम होता है.
10. कैंसर से बचाव में
कोकोआ कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है. इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों के कैसर को उत्पन्न करने वाले प्रभावों को बेअसर करने में भी मदद करते हैं. पॉलीफेनोल जैसे कैटेचिन, एपटेकिन, प्रोक्सीडिन और विटामिन सी कोको में मौजूद बहुत अच्छे एंटीऑक्सिडेंट होते हैं. ये मुक्त कणों के प्रभाव को कम करके खतरनाक सेलुलर बायोप्रोडक्ट्स के कारण हुए नुकसान को भरते हैं. ये एंटी एजिंग में भी प्रभावी होते हैं.
चॉकलेट के नुकसान
* चॉकलेट में चीनी की बड़ी मात्रा से दांत क्षय हो सकता है.
* चॉकलेट खराब अस्थि संरचना और ऑस्टियोपोरोसिस का कारण हो सकता है.
* चॉकलेट्स में मौजूद एल्कालोड्स सिरदर्द, माइग्रेन, न्यूरोटिक गड़बड़ी, एलर्जी और कब्ज पैदा कर सकता है. * अधिक मात्रा में सेवन करने पर इसमें मौजूद कैफीन अन्य दवाओं को बेअसर करता है.
* इसमें मौजूद कैफीन और अन्य अल्कलॉइड और अमाइन के कारण इसकी लत लग सकती है.

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I am 6 months pregnant and had abortion through medicines on 1st July. Bleeding stopped after 10-12 days. When should my normal periods Start again? I have Pcos. And from when can I start normal exercise and workouts ?

MBBS, DGO, MD, Fellowship in Gynae Oncology
Gynaecologist, Delhi
I am 6 months pregnant and had abortion through medicines on 1st July. Bleeding stopped after 10-12 days. When should...
Hello, You will have normal periods in next month which will be probably a heavy period. If you do not have bleeding and you are not anemic, then you can continue with your exercise routine.
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I am a pcod patient. I tried my best to reduce my weight like exercise dieting etc but I failed. Pls help how can I reduce my weight. And my second prob. Is I have a lots of facial hair on my chin .Please tell me how can I get rid of this problem. Pls help.

BSc, Pg Diploma In Food Science & Nutrition, Sensory Evaluation of Food, Certified Diabetes Educator
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
I am a pcod patient. I tried my best to reduce my weight like exercise dieting etc but I failed. Pls help how can I r...
Hi lybrate-user, Thanks for the query. You must be doing right as per your knowledge but nutritionist can help you out in much better way. PCOS can be only managed by weight loss & good lifestyle these two are only solution. Since its syndrome it can't be cured. Facial hair is symptom of PCOS caused by hormonal imbalance it can be managed by customised balanced diet plan as per need. To help you book your appointment with us.
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She got her periods and then she's getting diarrhea after intercourse, is there a chance of pregnancy?

MBBS, MD - Obstetrtics & Gynaecology
Gynaecologist, Gurgaon
She got her periods and then she's getting diarrhea after intercourse, is there a chance of pregnancy?
No there is no chance of pregnancy, you may do a urine pregnancy test to clear doubts on pregnancy.
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Husbands penis is not entering my vagina hence full penetration and conception not happening. Have tried everything.

MD-Ayurveda, Bachelor of Ayurveda, Medicine & Surgery (BAMS)
Sexologist, Haldwani
Hello- A man is considered impotent if he cannot achieve or maintain an erection adequate for normal sexual intercourse. Erectile dysfunction may be chronic, which occurs frequently, or accidental, as in a single, isolated incident. Fortunately, your husband can restore his sexual potency by treating the underlying medical conditions with natural remedies.
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I had sex with my girlfriend and now her vagina is paining and she is getting loo many times. How to stop this and pain. please suggest.

DHMS (Hons.)
Homeopath, Patna
Hello, Lybrate user, she should tk, homoeopathice medicine:@Arnica month 200-6 pills thrice. Tk care.
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I had operation (ureterocele incision) after 10 days of operations. Whenever I walked its pain in my left kidney side and leaking blood in urine with blood pieces .all Reports are normal but still pain. What should I do?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS), MD - Ayurveda
Ayurveda, Mumbai
I had operation (ureterocele incision) after 10 days of operations. Whenever I walked its pain in my left kidney side...
It must be excision, get a CT Urography done, stenting would help please consult your urologist. You can try having a cold infusion made of Chandan, Haldi, Amla. All powders to be taken in a glass of water and hot water to be added to it and allowed to cool. After straining you drink the same, twice day should help you.
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Irregular Menses - Reasons Behind It!

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist,
Irregular Menses - Reasons Behind It!

For young girls who have attained their puberty and have started with their menstruation cycle, it is not uncommon to see irregularity in the patterns of their cycles. Irregularities might be of various kinds like missing the cycle suddenly and resuming from the month after, less discharge of blood than normal, heavy discharge than normal and the likes. There are several causes of these irregularities that are faced by women. Some of the causes of irregular menstrual cycles are explained below. 

The main and commonest reason for irregular menses is the “immaturity of the hormonal pattern”. At puberty, certain new hormones start circulating in your body which cause changes in your reproductive organs namely the ovary and uterus. As these hormones are being set into a routine pattern, irregular cycles are common, and these are predominantly seen just after puberty uptll 21 years and in women nearing menopause, ie. After 40 years of age. In some, the irregularity also remains all throughout life. This is Normal too. The ONLY worry of irregular cycles is about excessive bleeding, or very irregular cycles which could be due to some local physical problems in ovary ( cysts ), uterus (excess lining development, polyps, uterine fibroids etc.) or hormones (thyroid deficiency, high prolactin, etc.) But the most common causes of irregular cycles are as below: 

  1. High-Stress Level: Stress has a direct effect on your body when it comes to experiencing your cycles. Excessive stress levels in your body lead to the release of certain hormones in brain and body which interfere in the functioning of normal hormones and this cause an abnormal menstrual cycle. Hence, it is often said that stress, anger and anxiety should be reduced in order to lead a healthy life as well as to experience normal menstrual cycles. 
  2. Diet: Consumption of food must be taken care of when you enter your puberty. Diet has an effect on your body. You must not either indulge into excessive fatty or oily foods on one hand, or you must not enter into a crash diet or start starving yourself, on the other. Both these extreme cases affect the normal flow of your menstrual cycle, by creating a hormonal imbalance
  3. Weight Loss: Your weight must be maintained in synchronization with your height. Overweight and underweight are both harmful in their own accord. If you are trying to reduce weight, then the procedures should be a mixture of balanced diet and proper exercise. In fact, it is best to take help of a dietician for such purposes. Self-practiced weight loss, extreme starvation diets at times can go out of hand and this might cause an irregularity in your menstrual cycle. 
  4. Exercise: Exercise is a daily requirement for maintaining proper health. But exercise should also be undertaken under a trainer or proper guidance. Excessive exercise would lead to a release of stress hormones in the body which would start interfering with not only your menstrual cycles but also other health conditions. Hence, exercise is required but not too much of it which would spoil the balance of the body. 

In case you have a concern or query you can always consult an expert & get answers to your questions!

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Tadpol Endoscope

MBBS, MD - Internal Medicine
Internal Medicine Specialist, Faridabad
Tadpol Endoscope
The new device called the tadpole endoscope (te) takes inspiration from the mechanics that tadpoles use to swim and is like a micro-robot fish with a camera which is swallowed by the patient.

The tadpole endoscope stands out from existing wireless capsule endoscopes with its addition of a soft tail that allows it to be guided around the stomach remotely by a doctor, allowing for more comprehensive imaging and accurate location of problems within the body.

Cancers of the gastrointestinal (gi) tract, including esophagus cancer, stomach cancer and colon cancer, rank as the second most prevalent among all types of cancers in the world.

Three procedures are required for the traditional method of diagnosing cancers in the gi tract: esophagus cancer and stomach cancer can be diagnosed using gastroscopy; intestinal cancer can be diagnosed using capsule endoscopy; and colorectal cancer can be diagnosed using colonoscopy. All of these diagnostic procedures are expensive and put a lot of stress on the human body.

Created by engineers from the institute of precision engineering at the chinese university of hong kong, the te attempts to improve these existing methods by offering a reliable, non-invasive diagnosis procedure for the gi tract.

The process will work by the patient going to the hospital and swallowing the te which starts working immediately. Once the te is in the stomach, the doctor can control the te to swim around to gather images. By adjusting the posture of the patient, the doctor can view the whole stomach.

The te will then move into the lower gi tract depending on natural peristalsis. The patient can then be sent home wearing a sensor pad to record these images which the doctor can subsequently use to make a diagnosis.

So far, the te has been tested in a stomach model and a pig stomach without the image system. The authors hope that the viability of the propulsion model will take one step closer to the next stage of experiments before the device can be used in a working medical context. The research was published in the journal hkie transactions.
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Dr. Parag Patil

MD - Obstetrtics & Gynaecology, MBBS
Gynaecologist
PHOENIX CLINIC, 
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