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Fat Globules (Serum) Health Feed

Recently on 2nd april I fell off the stairs, my left leg ankle bone was broken (ankle ap joint broken) it's was very normal pain but doctor suggest for small surgery and on 4th april doctor fixed it, with 6 screw and plate. And on this friday they will remove staph and cover this area with plaster for 1 month. 1-can I go to office with plaster? 2-can I live normal life again? Like traveling, bike riding and running etc.

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
Hello Lybrate-user, You can go to office with plaster after a week. And yes mostly you can resume your life with the time. Take homoeopathic treatment side by side for faster and better healing. You can take ruta g 30 thrice. For more details you can consult me at Lybrate.
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My daddy got hip fracture since 15 days he can not stand his age is 90. What can I do.

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
Hello lybrate-user. Hip joint is the weight bearing joint and if it is fractured then it is obvious that the person will not be able to stand up. You will need to take proper treatment. Even he may require hip joint replacement. But being at 90 years of age it is difficult to withstand the strain of surgery. I don't have proper information of his health status so won't be able to give much help. Give homoeopathic medicine symphytum 30 thrice. Calc phos 6x thrice. And consult to an ortho surgeon and take proper advise.
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I am 63 year old ,male. (6 foot /88 kg) on 9th of this month, while having lunch, I missed my chair, and had a fall. X ray shows that there is a very mild fracture at the coccygeal segment. Been taking anti inflammatory + analgesics for the last one week. Kindly suggest what needs to be done. I am an employee/ office work/ approx need to drive 8 km a day.

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
I am 63 year old ,male. (6 foot /88 kg) on 9th of this month, while having lunch, I missed my chair, and had a fall. ...
Hello. It would be more better if you could consult and take proper homoeopathic treatment as we need to change the medicine potency and repeatation according to the change. Still you can start with hypericum 30 thrice. Symphytum 30 thrice.
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हड्डी टूटने पर उपचार - Haddi Tootne Par Upchar!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
हड्डी टूटने पर उपचार - Haddi Tootne Par Upchar!
हड्डियों के टूटने को मेडिकल टर्म्स में बोन फ्रैक्चर कहा जाता है, यह एक चिकित्सकीय स्थिति होती है. जब बॉडी की किसी हड्डी या उसकी स्ट्रक्चर में क्रैक पड़ जाती है या वह टूट जाती है तो उसे बोने फ्रैक्चर कहते हैं. आमतौर पर बोन फ्रैक्चर, हड्डियों पर अत्यधिक प्रेशर या स्ट्रेस पड़ने पर होता है. कुछ अन्य मेडिकल परिस्थियां भी हैं जो हड्डियों को कमजोर बनाती हैं और उनके टूटने का कारण बनती हैं. उदाहरण के लिए ऑस्टियोपोरोसिस, कुछ प्रकार के कैंसर या ऑस्टियोजेनेसिस इंपरफेक्टा, पैथोलोजिकल फ्रैक्चर इत्यादि के कारण भी हड्डियों के टूटने का कारण बनती है. आइए इस लेख के जरिए हम टूटी हुई हड्डियों के उपचार के तरीकों पर एक नजर डालें.

हड्डी टूटने से उत्पन्न विकारों के विभिन्न प्रकार
सिंपल फ्रैक्चर: - जब बॉडी की कोई हड्डी दो टुकड़ों में टूट जाती है, तो इसे सिंपल फ्रैक्चर कहते हैं.

ओपन या कंपाउंड फ्रैक्चर - जब किसी प्रकार के फोर्स या स्ट्रेस के कारण हड्डी का कोई हिस्सा या टुकड़ा त्वचा के अंदर से बाहर निकल जाता है.

क्लोज्ड फ्रैक्चर: जब हड्डी टूट जाए लेकिन ऊपरी की त्वचा में कोई परिवर्तन न हो, तो उसे क्लोज्ड फ्रैक्चर कहते हैं.

स्पायरल फ्रैक्चर: जब किसी वस्तु या मशीन आदि के प्रभाव के कारण हड्डी में घुमाव आ जाता है, तो इसे स्पायरल फ्रैक्चर कहते हैं.

कम्प्रेशन फ्रैक्चर: जब हड्डियां किसी दबाव या बल के प्रभाव में आकर क्रश हो जाएं. जैसे दुर्घटना में स्पाइनल में किसी कशेरूका को धक्का लगना.

ग्रीनस्टिक फ्रैक्चर: - यह आमतौर पर बच्चों में होता है. यह तब होता है, जब किसी प्रकार के प्रेशर के कारण हड्डी एक तरफ से ट्विस्ट है और उसके कारण से दूसरी तरफ से टूट जाती है.

कॉमिन्यूटेड फ्रैक्चर: जब किसी प्रकार की एक्सीडेंट या इंजरी के कारण हड्डी तीन या उससे अधिक हिस्सों में टूट जाए

ट्रांस्वेर्स फ्रैक्चर: जब टूट-फूट हड्डी के किसी बड़े हिस्से में होने की बजाए शरीर के छोटे-छोटे हिस्सों में होती है.

एवल्शन फ्रैक्चर: जब किसी हड्डी के खींचे जाने से हड्डी से जुड़े टेंडन्स और लिगामेंट्स हड्डी से अलग हो जाएं या उनमें टूट-फूट हो जाए.

इंपेक्टेड फ्रैक्चर: यह फ्रैक्चर तब होता है, जब बॉडी की कोई हड्डी अपने सिरों के दोनो तरफ से प्रेशर में आ जाती है.

स्ट्रेन फ्रैक्चर: यह तब होता है, जब शरीर की किसी हड्डी का अधिकतम उपयोग किया जाता है या उससे बार-बार एक ही गति का काम किया जाता है.

हड्डी टूटने के लक्षण या संकेत-
हड्डी टूटने के लक्षण और संकेत रोगी की उम्र, हेल्थ, इंजरी की गंभीरता और किस हड्डी में चोट लगी है इत्यादि के अनुसार दिखाई देते हैं. अगर आपकी हड्डी टूटने पर है, तो आपको हड्डी या उसके आस-पास की जगह में बहुत ज्यादा दर्द और सूजन भी आ सकती है. जब हड्डी में फ्रैक्चर होती है, तो उस समय पॉपिंग या क्रेकिंग की आवाज सुनाई दे सकती है.

अगर हाथों या पैरों की किसी हड्डी टूटने पर हुआ है, तो वह हिस्सा मुड़ जाती है या विकृत रूप से नजर आती है.
साथ ही फ्रैक्चर वाली हड्डी की ऊपरी त्वचा नीली पड़ सकती है या अन्य परिस्थिति में ब्लड भी निकल सकता है.

अगर कंपाउड फ्रैक्चर है, तो हड्डी का कोई हिस्सा त्वचा से बाहर निकला हुआ दिखाई दे सकता है और वहां पर एक बड़ा घाव बन सकता है.

टूटी हुई हड्डी को हिलने में बहुत मुश्किल हो सकता है, अगर फ्रैक्चर अगर पैर की हड्डी में होता है है, तो चलने घुमने में बहुत परेशानी हो सकती है.

टूटी हुई हड्डियों के ट्रीटमेंट का उद्देश्य
आमतौर पर फ्रैक्चर के ट्रीटमेंट का इस उद्देश्य से किया जाता है कि ट्रीटमेंट के बाद बॉडी का चोटिल हिस्सा जितना हो सके उतने अच्छे तरीके से काम कर सके. प्राकृतिक ट्रीटमेंट प्रक्रिया शुरू करने के लिए, ब्रोकन बोन के सिरे आपस में मिलने जरूरी होते हैं, इसे फ्रैक्चर को कम करने के रूप में जाना जाता है. जब फ्रैक्चर को कम किया जाता है, उस दौरान डॉक्टर रोगी को सामान्य बेहोशी की स्थिति में रखते हैं.

स्थिरीकरण: जोड़ने के लिए हड्डियों के सिरों को मिलाया जाता है और ठीक तरीके से जुड़ने तक उनको उसी दशा में रखा जाता है. जिसे निम्न की मदद से किया जाता है- प्लास्टर कास्ट या प्लास्टर के फंक्शनल ब्रेसिज़: ये हड्डी को उसी दशा में बनाए रखते हैं, जब तक वह जुड़ नहीं जाती.
धातु की प्लेट व पेच: - वर्तमान प्रक्रियाएं कम से कम आक्रामक तकनीकों का उपयोग कर सकती हैं
इंट्रा-मेड्यूलरी कील: आंतरिक धातु की छड़ी को लंबी हड्डियों के बीच में डाला जाता है और बच्चों में लचीले तारों का इस्तेमाल किया जाता है. आम तौर पर फ्रैक्चर हुई हड्डी व उसके आस-पास के क्षेत्र का 2 से 8 हफ्तों को लिए स्थिरीकरण कर दिया जाता है. स्थिरीकरण की अवधि इसपर निर्भर करती है कि कौन सी हड्डी टूटने पर हुआ है या फिर कुछ जटिलताओं पर जैसे खून की आपूर्ति में समस्या या संक्रमण.

हड्डी टूटने पर प्राथमिक चिकित्सा
कुछ घरेलु तकनीक है जो आप हॉस्पिटल पहुँचने के पहलें आप इस्तेमाल कर सकते है. यह तरीकें निम्नलिखित बताए गए हैं:
1. इंजरी वाली जगह पर आइस का इस्तेमाल से दर्द और सुजन से राहत मिल सकती हैं.
2. प्रभावित हिस्से को धीरे-धीरे साबुन और पानी के साथ धोनें से घाव के अंदर बैक्टीरिया से बचाव करने में मदद मिलती है.
3. इसके अलावा आप घाव को किसी पट्टी या साफ कपड़े से ढ़क कर रखें.

अगर फ्रैक्चर हाथों या पैरों में होती है, तो एक स्लिंग या स्पलिंट की सहायता से टूटी हुई हड्डी को हिलने से बचाया जा सकता है और स्थिर बना कर के रखा जा सकता है. स्पलिंट बनाने के लिए अखबार या कोई मैग्ज़ीन का इस्तेमाल कर सकते है. अगर संभावित रूप से लगता है कि ऊपरी पैर, स्पाइनल, पेल्विक या कूल्हे की हड्डी टूटने पर है, तो मेडिकल सहायता आने तक वहीं रहना चाहिए और हड्डियों को हिलाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. इसे हिलाने का प्रयास करने से प्रभावित हिस्से को और ज्यादा नुकसान हो सकता है.

My grandfather is above 70 years old and recently diagnosed with bp and cardiovascular issues after it fall which led to the fracture of the hip bone. Right now he is experiencing extreme sweating and his bp is going up and down every time we check. Can we give him bp tablets eptus and valent again now?

MBBS, MS - Orthopaedics
Orthopedist, Delhi
My grandfather is above 70 years old and recently diagnosed with bp and cardiovascular issues after it fall which led...
Fractures of hip bone is a surgical emergency. Sooner it is operated, better it is. Kindly shift him to a hospital & be managed by a team of medicine for his blood pressure & other medical problems.
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Cracks And Fractures - What's The Difference?

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - Orthopaedics, DNB (Orthopedics)
Orthopedist, Nagpur
Cracks And Fractures - What's The Difference?
A fracture separates a single solid object into two or more pieces due to pressure. In medical terms, a fracture refers to a broken bone due to some kind of external trauma. A crack in the bone, on the other hand, does not cause a clean break in the bone - there is only a separation or discontinuity in the bone material. A crack in the bone caused due to repeated stress is often called a 'hairline fracture'.

Here are the basic differences between a crack and a fracture in the bone and the methods to treat them:

1. A crack or hairline fracture is rarely caused by a single injury. It is usually the result of bone fatigue which may be caused due to repeated concentrated stress over a long period of time and thus, it is also called a stress fracture. Other bone fractures are almost always the result of sudden and severe force on the bones.

2. The skeletal system constantly remodels itself. The cells called osteoblasts absorb calcium and secrete bone connective tissue. If a particular site is exposed to recurrent bouts of force (which are individually not impactful enough to cause a crack), over time the osteoblasts in that region malfunction and the crack appears. Muscular exhaustion can also cause cracks in the bones. Fractures are caused due to sudden external single force trauma to the bone. Nutritional problems like deficiencies of calcium, phosphorus and vitamin D and excessive smoking decrease the bone mineral density and increase the chances of both cracks and fractures.

3. The symptoms of a crack are swelling, tenderness and sharp pain in the injured region. The symptoms worsen over time. A fracture has similar symptoms and might also exhibit an external physical distortion. It becomes impossible to move the part of the body where the broken bone is located.

4. An MRI is better for the detection of cracks or crack-prone areas because an X-ray can only detect the crack after it widens somewhat or the bone starts paining because the rays cannot pass through the tiny gap in bone material. A fracture is easily detectable by an X-ray because the rays pass right through the break.

5. Complete rest for six to eight weeks is the most effective way of healing a crack. Using a walking boot in case of cracks in the leg bones in also helpful. Healing fractures require extensive medical intervention. Surgical techniques like bone grafting and insertion of metal plates are used to reposition the broken bone.

Fracture in 3 middle fingers of the right leg and local Dr. Said make a operation. Please tell me how to cure this problem asap.

BPTh/BPT
Physiotherapist, Vadodara
Fracture in 3 middle fingers of the right leg and local Dr. Said make a operation. Please tell me how to cure this pr...
Dear lybrate-user, as you mentioned there is fracture in your right foot and you already consulted locally physician (orthopedic I guess. So there is no doubt that you have to follow his advice because as time goes body start healing process and your bones will also heals even if its not operated. But healing will occur in faulty position and there are possibilities for developing deformities of foot which is difficult to cure. So follow your physicians advice. Yes you can go for second opinion of another orthopedic doctor to make sure your self. Thank you.
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How long can you have a broken bone not being connected to each other before there is permanent damage?

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
It gets connected anyhow. Whether you do it or not. The problem is it gets joined without alignment.
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Hello Doctor, I have a question about my fractured leg my leg was casted by doctor and sometimes when I am sleeping then suddenly I feel dither on my fractured leg so this is a normal thing?

MD - Homeopathy, BHMS
Homeopath, Vadodara
Yes it may not be a major issue. If it increases in intensity or frequency then take proper check up.
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Fracture Pain - How To Deal With It?

MBBS, MD, FIMSA, FIPP, CIPS - Certified Interventional Pain Sonologist
Pain Management Specialist, Delhi
Fracture Pain - How To Deal With It?
A fracture is a complete or incomplete crack, which appears on a bone due to application of intense pressure or force. A fracture results in extreme pain, and the bone becomes immobile. Any kind of movement boosts the pain. Fracture pain occurs in three distinct stages. Acute pain is felt immediately after a fracture while sub acute pain occurs over the weeks that follow after a fracture. The third stage or chronic pain occurs when the fracture and soft tissues around it have healed.

Fracture pain is quite intense in nature and proper precautions should be taken while dealing with them.

Development of fracture pain
When a bone undergoes a fracture, the ligaments and tendons are also damaged. While the bone slowly heals, ligaments and tendons fail to heal equally well or completely. Post fracture pain also develops when the outside of the bone does not heal completely. This usually does not appear in an X-ray.

Treatment of fracture pain
Modern medications can be utilized to treat a fracture pain. Steroid injections and prescribed anti-inflammatory medicines help in treating a fracture pain. However, these remedies cause side effects, which are harmful for the body. Cortisone shots are utilized for the same purpose as well.

Prolotherapy
Prolotherapy is an approach where ligament and tendon strengthening is stimulated along with repairing. This technique ensures complete treatment of the fracture, and the risk of long-term complications like arthritis is absent. In cases of fracture pain, which occurs due to the incomplete healing of the outer part of the bone, Prolotherapy helps in strengthening the fibro-osseous junction at the source of the pain. This will stop the nerve endings from firing. Prolotherapy provides speedy recovery and accounts for making the injured bone stronger than before. This process is often undergone by athletes. The procedure is undertaken only after thorough examinations for detection of the root cause of the pain.

Prolotherapy is considered to be the best treatment for repairing tendons and ligaments, which commonly cause fracture pain. The body is simply stimulated and the painful areas are repaired. This is done by the introduction of a mild inflammatory reaction to the area of the weak tendons and cartilages. The results obtained after Prolotherapy are permanent and the fracture pain is unlikely to reoccur.

Other measures
Splints are utilized to stop the movement of fractured bone and braces can be used to support the bone. Plaster cast also supports and immobilizes the fractured bone. Traction and surgical implants are other treatment measures.

Fracture pain occurs not only because of the broken bone, but also because of the weakened ligaments and tendons around the bone. Fracture pain should be handled very carefully, and proper control measures should be applied.