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Yash Ultrasound Centre

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698/4A Lane no 17 Adarsh Mohalla (Vijay park main market)Maujpur Delhi
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Yash Ultrasound Centre Radiologist Clinic 698/4A Lane no 17 Adarsh Mohalla (Vijay park main market)Maujpur Delhi
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Our entire team is dedicated to providing you with the personalized, gentle care that you deserve. All our staff is dedicated to your comfort and prompt attention as well....more
Our entire team is dedicated to providing you with the personalized, gentle care that you deserve. All our staff is dedicated to your comfort and prompt attention as well.
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Yash Ultrasound Centre is known for housing experienced Radiologists. Dr. Rahul Malik, a well-reputed Radiologist, practices in Delhi. Visit this medical health centre for Radiologists recommended by 56 patients.

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698/4A Lane no 17 Adarsh Mohalla (Vijay park main market)Maujpur
Delhi, Delhi - 110053
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Dear sir. Dr Operate L3 spinal disc so Left foot muscle very week and ankle movement are nill please so we are unable to stand please prefer me your contact for consult to you Thanks.

BPTh/BPT
Physiotherapist, Bangalore
It's due to foot drop because of common peroneal nerve injury, start physiotherapy asap along with foot muscles strengthening exercises.
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I have anterolithesis grade 1 disc bulge at l3-4 and diffuse disc bulge at l4-5.i have no pain but my both legs get numb while standing and walking for just 2-3 minutes. C.

MBBS
Internal Medicine Specialist, Kendujhar
Hello, Thanks for your query on Lybrate "As" per your clinical history is concerned please take medication as usual and discuss with your physio therapist for a specific exercise plan. If you have already tried then go for surgical treatment to decompress the nerve. Do follow lifestyle modifications like this - 1)Do exercise. Strengthening the trunk muscles helps stabilize and support the spine. 2)Try to maintain good posture. Good posture reduces the pressure on your spine and disks. Keep your back straight and aligned, particularly when sitting for long periods. Lift heavy objects properly, making your legs — not your back — do most of the work. 3)Try to maintain a healthy weight. Excess weight puts more pressure on the spine and disks, making them more susceptible to herniation. Hope that helps
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Treatment Of Lump In The Uterus - बच्चेदानी में गांठ का इलाज

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Treatment Of Lump In The Uterus - बच्चेदानी में गांठ का इलाज

बच्चेदानी में गाँठ, कई महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन जाती है. इस दौरान गर्भाशय की आंतरिक परत की कोशिकाएं आवश्यकता से अधिक मोटी और बड़ी हो जाती हैं. फाइब्रॉइड होने के कारण जो लक्षण प्रकट होते है वो इस बात पर निर्भर करते है की ये किस जगह स्थित  है , इनका आकार कैसा है और इनकी संख्या कितनी है. यदि फाइब्रॉइड बहुत छोटे हों और कम हों तो किसी प्रकार की तकलीफ नहीं होती और मेनोपॉज होने के बाद या अपने आप सिकुड़ कर मिट जाते है. लेकिन यदि फाइब्रोइड बढ़ जाते है इस प्रकार की परेशानी पैदा हो सकती है. गर्भाशय आकार में नाशपाती जैसा होता है. बच्चेदानी, महिलाओं का वो ख़ास अंग है जहां जन्म से पहले बच्चे को रखती हैं. आप इसे दो भागों में बाँट सकते हैं. एक तो है गर्भाशय ग्रीवा का पहला भाग जो योनी में खुलता है, वहीँ दुसरा भाग जो गर्भाशय का उपरी हिस्सा है जिसे कॉर्पस कहते हैं. महिलाओं के गर्भाशय में गाँठ का एक कारण कैंसर भी हो सकता है. आइए बच्चेदानी के गाँठ के कारणों और इसके संभावित उपचारों पर एक नजर डालें.
 

क्या है बच्चेदानी में गाँठ का कारण
हार्मोन

इस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन नामक हार्मोन ओवरी में बनते है. हार्मोन के कारण हर महीने गर्भाशय में एक परत बनती है. जिसके कारण माहवारी होती है. ये हार्मोन ही इन परत के बनने के दौरान फाइब्रॉइड बनने की वजह भी बनते है.
अनुवांशिकता पारिवारिक कारण
यदि दादी, नानी, माँ या बहन को फाइब्रॉइड की समस्या है तो आपको भी यह होने की पूरी संभावना होती है.
गर्भावस्था
गर्भावस्था के समय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन्स का स्राव बढ़ जाता है. इसलिए ऐसे समय फाइब्रॉइड होने संभावना भी बढ़ जाती है.
मोटापा
वजन ज्यादा होने की वजह से भी गर्भाशय में फाइब्रॉइड बनने की संभावना बढ़ जाती है. इसका कारण गलत प्रकार का खान-पान, शारीरिक गतिविधि का अभाव तथा गलत प्रकार की दिनचर्या भी हो सकता है.


क्या हैं इसके लक्षण?

  • माहवारी के समय या बीच में ज्यादा रक्तस्राव जिसमें थक्के शामिल होते है.
  • नाभि के नीचे पेट में दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द.
  • पेशाब बार बार आना.
  • मासिक धर्म के समय दर्द की लहर चलना.
  • यौन सम्बन्ध बनाते समय दर्द होना.
  • मासिक धर्म का सामान्य से अधिक दिनों तक चलना.
  • नाभि के नीचे पेट में दबाव या भारीपन महसूस होना.
  • एनीमिया.
  • पैरों में दर्द.
  • पेट की समस्याएं सूजन.
  • सम्भोग के समय दबाव महसूस होना.
  • फाइब्रॉइड का पता कैसे चलता है

यदि उपरोक्त लक्षण दिखाई दें तो महिला चिकित्सक से जाँच करानी चाहिए. जाँच करने के बाद यदि उन्हें गर्भाशय में गांठ यानि फाइब्रॉइड होने का शक हो डॉक्टर सोनोग्राफी कराने के लिए कह सकते है. सोनोग्राफी से गर्भाशय की सही स्थिति का पता चलता है. कहाँ, कितनी संख्या और कितने बड़े फायब्रॉयड है इसका भी पता चल जाता है. यह सोनोग्राफी दो तरह से होती है – पहली समान्य प्रकार से पेट के ऊपर से और दूसरी योनी के अंदर से जिसे ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासॉउन्ड कहते है.
योनि के अंदर से सोनोग्राफी होने पर फाइब्रॉइड की स्थिति का ज्यादा स्पष्ट रूप से पता चलता है. क्योंकि उसमे मशीन गर्भाशय के ज्यादा पास तक पहुँच पाती है. डॉक्टर के बताये अनुसार सोनोग्राफी कराने से किस प्रकार का इलाज  होना चाहिए यह पता चलता है. इसके अलावा एम.आर.आई., एक्सरे या सीटी स्केन की जरुरत के अनुसार कराने की सलाह दी जा सकती है.
 

क्या है इसका उपचार
यदि फाइब्रोइड के कारण किसी प्रकार की तकलीफ ना हो तो सामान्यतः किसी प्रकार के इलाज की आवश्यकता  नहीं होती है. यहाँ तक की थोड़ा बहुत अधिक रक्तस्राव की स्थिति से निपट सकें तो कोई इलाज ना लें तो चलता है.
मेनोपॉज होने के बाद इसके कारण हो रही तकलीफ कम हो जाती है या कभी कभी बिल्कुल मिट भी जाती है. लेकिन यदि तकलीफ ज्यादा होती है तो इलाज लेना जरुरी हो जाता है.
फायब्रॉइड का इलाज उम्र , शारीरिक स्थिति , फाइब्रॉइड का आकार , उनकी संख्या और उनकी स्थिति के अनुसार तय किया जाता है. हो सकता है कुछ दवाओं से फाइब्रॉइड ठीक हो जाएँ अन्यथा ऑपरेशन की जरुरत भी पड़ सकती है. आपरेशन कई प्रकार से होते है. जिसमें मशीनों की सहायता से फाइब्रॉइड को बिना किसी चीर फाड़ के लेजर से नष्ट किया जाता है.
यदि इसके द्वारा इलाज संभव नहीं हो तो गर्भाशय को निकाल देना पड़ता है. उस स्थिति में माँ बनने की संभावना समाप्त हो जाती है. इस आपरेशन में ओवरी निकाल देनी है या नहीं यह डॉक्टर मरीज की परिस्थिति और जरुरत को देखते हुए निर्णय लेते है.
फाइब्रोइड होने पर डॉक्टर से इस प्रकार के प्रश्न किये जा सकते है. इनके जवाब समझने पर यह निर्णय करना आसान होता है कि अब क्या करना चाहिए. दवा लें या सर्जरी करायें. डॉक्टर की राय भी ली जा सकती है ताकि निर्णय लेना आसान हो जाये.
यदि गर्भाशय में मौजूद गांठ या रसौली प्रारंभिक अवस्था में हो या छोटी हों तो आयुर्वेदिक दवाओं से या होमिओपेथिक दवाओं से इन्हें ठीक करने की कोशिश की जा सकती है. ज्यादा बड़े फाइब्रॉइड होने पर और ब्लीडिंग अधिक होने पर सर्जरी जरुरी हो जाती है. सर्जरी के बाद महीने डेढ़ महीने कुछ परहेज रखने की जरुरत होती है. सर्जरी के बाद सभी तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है.

Breast Cancer - Is There A Way Ayurveda Can Help You?

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Rajgarh
Breast Cancer - Is There A Way Ayurveda Can Help You?

Breast cancer, is a type of cancer, which is common to women, where cancer cells grow on the breasts or the female mammary gland. It starts out with the formation of a small lump in your breast and can spread out to your other organs very rapidly. It generally affects women above forty years of age. Breast cancer can be classified into two types. They can either start forming on the inner linings of your milk ducts ( known as Ductal carcinoma) or in the lobules which supply milk (known as Lobular carcinoma).

There are many causes responsible for breast cancer they are mentioned below

  • Obesity or post -menopausal obesity.
  • Exposure to frequent radiation (X-ray)
  • Consumption of alcohol
  • Being taller than average
  • Start of periods at an early age
  • Late menopause
  • Hormone replacement therapy
  • Consumption of birth control pills

The most common symptoms of breast cancer are as follows

Breast cancer if not diagnosed and treated at an early stage may turn out to be fatal. Ayurveda offers promising cures for breast cancer.

A few of the Ayurvedic remedies are mentioned below

  1. Include foods, which are well supplied with vitamin D in your diet. Researches show that women with less amount of vitamin D in their bodies are more likely to develop breast cancer. Consider including foods like eggs, orange juice, dairy products and fish like salmon in your diet.
  2. Drink more of green tea as it has anti cancer properties.
  3. Exercises like walking, yoga, meditation and certain breast exercises can help you to relax the pain sensation, reduce stress and also get cured.
  4. Incorporate bitter gourd in your diet. Researches show that bitter gourd can kill those cancer cells, which cause breast cancer.
  5. Ayurvedic herbs like Ashwagandha, tulsi, curcumin have certain properties that can destroy cancer cells.

In case you have a concern or query you can always consult an expert & get answers to your questions!

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Breast Cancer - Commonly Asked Questions You Must Be Aware Of!

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MS - General Surgery
Oncologist, Pune
Breast Cancer - Commonly Asked Questions You Must Be Aware Of!

Breast Cancer is one of the most common types of cancer among women. In US, it is the second most common cancer to affect women, the first one being skin cancer. The disease has been such a dreadful one that the first thing which crops up on the minds of those diagnosed with the same, is whether they would survive. Nowadays, medical science has made such rapid progress in diagnosing the disease and then coming up with various treatment options, that ones who are diagnosed with cancer have high chances of survival as compared to those, who had to bear the brunt of the dreaded disease and lose their battles due to lack of advanced medical treatment.

Now, we take a look at some of the most frequently asked questions on breast cancer:
1. Which age group of women is most likely to get breast cancer?
Breast Cancer most often occurs in women who are above 40 years and risk tends to increase with age. There are certain risk factors, some of which can be controlled, which are related to lifestyle, environment, diet, while some factors cannot be controlled, top of which is age.

2. What are the signs and symptoms?
Outward signs of breast cancer are very rare. In case any outward sign does occur, the most probable ones include a lump, area around the nipple having a thickened feeling or skin around the nipple having rashes. Still, even if you come across these signs, they don’t always necessarily mean you have breast cancer, so it is always advisable to consult a doctor as and when you come across these signs.

3. Can breast cancer be prevented?
Unfortunately there is no sure way to prevent breast cancer but precautions on the part of women can definitely reduce the risk of getting engulfed by the disease. Lifestyle and environmental factors play huge role in influencing cancerous cells within a person’s body. So, maintaining healthy lifestyle and staying away from alcohol and fatty, spicy foods would go a long way in ensuring that you do not invite the risk of cancer.

4. How often should I do a breast self exam?
Breast Self Exam should be done at least once a month. You can look for any changes in the tissue, changes related to size, shape or a feeling of lump, inversion of nipple, reddish tinge on the breast skin.

5. Is breast cancer inherited?
All kinds of cancers involved changes in a person’s genes. If a woman’s mother, sister or daughter had suffered from cancer, then there is always a chance that the woman would also suffer from the same.

6. Is there a link between oral contraceptives and breast cancer?
Use of birth control pills for more than five years lead to an increased risk of breast cancer, though due to the low amount of hormones in pills nowadays, the risk is comparatively small.

7. What is preventive mastectomy?
Preventive Mastectomy refers to the removal of one or both breasts so that risk of getting breast cancer is reduced. Women who are at a high risk of breast cancer go for this option.

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Sir, my mother aged 63 years undergone in 2015 surgery for right breast. Her condition is becoming worse day by day. Doctors told cancer is in advanced stage. In breast, liver and skin. Doctors said ERIBULINE chemo medicine may be most suitable medicine for breast cancer. Kindly advise is Eribuline is the best chemo medicine or is there any substitute for ERIBULINE? If Eribuline given. How much life extension we can expect.

MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery, MD - Internal Medicine, DM - Oncology
Oncologist, Mohali
Dear, I am not aware what type of breast cancer your mother has. Whether it is ER (harmone) positive or Her 2 positive, but I understand it is triple negative where your doctor is treating you with eribulin on progression.In such situation it is the correct line of treatment.
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Diffuse disc bulge indenting thecal sac abutting bilateral traversing nerve roots at L4-L5 and L5-S1 levels.

MBBS
General Physician, Mumbai
Plan for symptomatic physiotherapy treatment till recovery and Get your vital parameters of the body checked from a nearby doctor and follow up with findings.
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C5-6diffuse posterior disc bulge causing thecal sac indentation. C6-7 right para central protrusion indenting the right existing nerve root c2-3'c3-4'c4-5-unremarkable. Impression mild degenerative changes my problem is sir due to this problem my both shoulders are paining too much especially. Right one and they have become two weak.

BPTh/BPT
Physiotherapist, Kolkata
Consult with Neuro Surgeon Did you test vitamin (25- Hydroxy. Shelcal 500 OD x 2 months then stop and check your views of eye NE 400 x 4 weeks Vitamin D must 60k once in a week x 6 weeks tab take empty belly and after that no food take 2 hrs MySpaz forte BD with Ocid 20 x 5 days Pan D before X 30 days Therapy USt x 15 days @ 12' min x 15 days Cervical collar using when work Tennis elbow brace use if pain is radiation to hand No bend Avoid AC.
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