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Kshetrapal hospital Dental department

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Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comfort and care and are considerate of your time. Their focus is you....more
Customer service is provided by a highly trained, professional staff who look after your comfort and care and are considerate of your time. Their focus is you.
More about Kshetrapal hospital Dental department
Kshetrapal hospital Dental department is known for housing experienced Dentists. Dr. Rahul Puri Goswami, a well-reputed Dentist, practices in Ajmer. Visit this medical health centre for Dentists recommended by 58 patients.

Timings

MON-SUN
09:00 AM - 07:30 PM

Location

59 a "upkar" sarveshwar nagar near lohakhan tempo stand ajmer
Panchsheel Colony Ajmer, Rajasthan - 305001
Click to view clinic direction
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Doctor in Kshetrapal hospital Dental department

Dr. Rahul Puri Goswami

MDS Prosthodontics, Certified Implantologist
Dentist
5 Years experience
150 at clinic
₹200 online
Available today
09:00 AM - 07:30 PM
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दांतों का रुट कैनाल ट्रीटमेंट - RCT Of Teeth In Hindi!

दांतों का रुट कैनाल ट्रीटमेंट - RCT Of Teeth In Hindi!

हमारे दाँतों में तीन परतें होती हैं, इनमें से दो परतें सॉलिड होती हैं जो चबाने में सहायक होती हैं, जबकि तीसरी और निचली परत मुलायम होती है. दाँत का सबसे निचले नरम हिस्सा दाँत का पल्प होता है जो एक सोफ्ट टिश्यू है जिसमें नसें और छोटी ब्लड वेसल्स होती हैं. यह पल्प क्राउन के साथ-साथ रूट कैनाल में भी मौजूद होता है. रूट कैनाल एक ट्यूब होती है जो दाँतों के जड़ में मौजूद होती है. जब दाँतों के बाहरी दो परतें में बैक्टीरियल इन्फेक्शन या फ्रैक्चर हो जाती हैं, तो इससे आपके दाँत के पल्प में सूजन और इन्फेक्शन हो सकता है. पहलें डॉक्टर दाँतों में इन्फेक्शन होने पर दाँतों में धातु भरा जाता था या ज्यादा खराब होने पर दाँत निकाल दिया जाता था. लेकिन अब डॉक्टर आपको रूट कैनाल ट्रीटमेंट कराने की सलाह देते हैं, जिसे आरसीटी के नाम से जाना जाता है. यह दाँतों में इन्फेक्शन से बचाने के लिए एक कारगर उपाय के रूप में सामने आया है.

इस आर्टिकल में आरसीटी के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी साझा की गयी है. आरसीटी क्या है, किन परिस्थितियों में यह होता है और कैसे किया जाता है इत्यादि.

रूट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) क्या है?
रूट कैनाल ट्रीटमेंट एक ऐसा उपचार है जिसमे डैमेज या इन्फेक्टेड दाँतों को निकालने की जगह उसकी ट्रीटमेंट की जाती है. इस ट्रीटमेंट के दौरान दाँतों की जड़ से वेंस और पल्प को हटा दिया जाता है. इसके बाद दाँतों की जड़ से सफाई कर के उसे सील कर दिया जाता है.

अगर समय पर इंफ्केशन का निदान नहीं किया जाता है तो आपके दाँत के आस-पास के टिश्यू संक्रमित हो जाएंगे और जो बाद में दाँत को फोङा बन सकते हैं. रूट कैनाल शब्द दाँतों की जड़ के अंदर कैनाल की सफाई से संबंधित है.

रूट कैनाल ट्रीटमेंट क्यों किया जाता है-
रूट कैनाल ट्रीटमेंट की जरुरत इसलिए होती है क्योंकि दाँत का इन्फेक्शन जबड़े की हड्डियों में भी फैल सकता है और रोगी की स्थिति और गंभीर हो जाती है. यदि आपके दाँतों में कैविटी हो गया है या दाँत की पल्प में इन्फेक्शन हो गया है तो ऐसी स्थिति में इन्फेक्शन को हटाने और रूट कैनाल को भरने के लिए रूट कैनाल ट्रीटमेंट की जरुरत पड़ सकती है.

रूट कैनाल कैसे किया जाता है-
आरसीटी एक मल्टी स्टेज प्रकिया है जहां आपको डेंटिस्ट के पास एक ज्यादा बार जाने की जरुरत पड़ सकती है. ट्रीटमेंट शुरू करने से पहलें अपने डॉक्टर के साथ वर्तमान मेडिकल कंडीशन की जानकारी साझा करें. यह किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए किया जाता है. आपके रूट कैनाल ट्रीटमेंट की प्रक्रिया निम्नलिखित बताए गए है:

ट्रीटमेंट शुरू करने से पहले दाँतों की एक्स-रे लेने की सलाह दी जा सकती है. ट्रीटमेंट शुरू करने से पहलें दांतों को सुन्न करने के लिए एनेस्थीसिया का उपयोग किया जाता है. इस प्रक्रिया में दांत को ड्राई रखने और लिप्स से दूर रखने के लिए एक कॉटन के रोल या रबर की शीट का इस्तेमाल किया जाता है. इससे कैनाल की सफाई और भरते समय लार से बचाव के लिए सहायक होता है.

डेंटिस्ट आपके दांतों के पल्प तक पहुँचने के लिए एक दांत के सॉलिड टिश्यू के बिच में रस्ते बनाने के लिए डेंटिस्ट पानी के स्प्रे के साथ एक डिवाइस का भी इस्तेमाल करता है. इससे आपके क्राउन के सभी डैमेज हिस्से बाहर निकल आते है. साथ ही यह आपके दांतों के रूट की सभी रूट कैनाल तक पहुंचने में मदद करता करता है और इन्फेक्शन को गहराई से खत्म करता है.

रुट कैनाल के बाद कैपिंग-
रूट कैनाल ट्रीटमेंट के प्रक्रिया के बाद, दांतों पर कैपिंग की जरुरत पड़ सकती है. यदि आपके नेचुरल क्राउन को ज्यादा हानि नहीं पहुंचती है, तो आपका डेंटिस्ट नुकसान वाले हिस्से को फिल करने के लिए सामने वाले दांतों में दांत के रंग की फिलर वाली सामग्री का इस्तेमाल करते हैं और पीछे के दांतों में सिल्वर रंग की सामग्री का इस्तेमाल करते हैं.

रूट कैनाल ट्रीटमेंट के साइड इफेक्टस-
आमतौर पर रूट कैनाल ट्रीटमेंट के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते हैं, हालाँकि कभी-कभी कुछ लोगों में साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है.

* आपके दांतों में लबें समय तक हल्के दर्द का अनुभव हो सकता है. यह उन परिस्थितियों में होता है जहाँ इन्फेक्शन पहलें जबड़े की हड्डियों में था.
* एक अन्य स्थिति में रूट कैनाल ट्रीटमेंट के बाद इस्तेमाल की जाने वाली इंसेक्टिसाइड के खिलाफ बहुत एंटागोनिस्ट होता है. इसलिए, वे मरते नहीं है या लम्बे समय तक निष्क्रिय रहते है और एक समय के बाद दांत में इन्फेक्शन फिर से शुरू कर देते हैं.

ट्रीटमेंट के बाद दांतों की नियमित सफाई करें और समय पर समय अपने डेंटिस्ट से दांतों का चेकअप करवाते रहें.

दांतों का घिसना कारण और इलाज - Danto Ka Ghisna Karan Aur Ilaj!

दांतों का घिसना कारण और इलाज - Danto Ka Ghisna Karan Aur Ilaj!

वर्तमान समय में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जो दांतों की समस्या से परेशान ना हो. दांत घिसना ऐसे ही एक दांतों की समस्या है. दांत घिसना एक प्रकार का दांत का रोग है. यह एक बड़ी ही अजीब बीमारी है. इस प्रकार की समस्या में लोग दांत को घिसने में आनंद प्राप्त करते है. लेकिन इसकी आदत लग जाने पर रोगी कभी-कभी रात में भी दांत घिसते रहता है. यह आमतौर पर लोग गुस्से या तनाव में दांत को घिसते है जो की भविष्य में बड़ी बीमारी का रूप ग्रहण कर सकते हैं. लेकिन इसके अलावा दांतों को ठीक से साफ न करना और पेट में कीड़ा भी एक कारण है. इस लेख में हम दांत घिसने के घरेलू उपचार के बारे में जानकारी साझा करंगे.

दांत घिसने के कारण-

पेट में कीड़े बनने के कारण भी कुछ बच्चे दांत घिसते रहते हैं. कभी-कभी दांतों पर मैल जाने से भी बच्चे दांत घिसते रहते हैं.

दांत घिसने के घरेलू उपचार-
अब हर समस्या के लिए डॉक्टर के पास जाया जाए, यह जरुरी भी नहीं. कुछ समस्याओं का निदान आप घर बैठ कर भी कर सकते हैं. दांत घिसने के घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं:

1. नीम- नीम के पत्तो का रस निकालकर 5 ग्राम रस को 2 से 4 दिन सुबह पिलाने से दांतों में लगने वाले कीड़े खत्म हो जाते हैं और रोगी दांत घिसना बंद कर देता है.
2. कत्था- कत्था को इस्तेमाल करने के लिए बारीक पीस लें. इसे पीसने के बाद उसमे सरसों का तेल मिक्स कर लें. इस मिश्रण को बच्चों के मसूड़ों पर रगड़ने से दांत घिसना बंद हो जाता है.
3. वायविडंग- दांत घिसने वाले रोगी को लगातार 3 दिन तक वायविडंग का 6 ग्राम चूर्ण को 100 ग्राम दही के साथ मिलाकर सुबह शाम खिलाना चाहिए. इससे खाने से दांत का घिसना ठीक हो जाता है.
4. नमक- नमक में सरसों का तेल मिक्स कर के राजाना दांतो की जङ या गम्स पर रगङने से दांत घिसने की आदत छूट जाती है.
5. एरण्ड- कई बच्चे रात को सोने के दौरान दांत घिसते रहते हैं. इस स्थिति में बच्चे के गुदा में एरण्ड का रस डालें. इस तरह दांत का घिसना ठीक हो जाता है.
6. टमाटर- दांत घिसने वाले लोग को 2 टमाटर का रस निकाल कर उसमे काली मिर्च और काला नमक रोजाना खाली पेट सुबह में पिलाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं और दांत घिसना बंद हो जाता है.
7. इरिमदादि तेल- इस तेल को दांतों की जड़ों पर रगड़ने से दांतों को घिसना बंद हो जाता है.
8. खदिरादि- इस तेल को दातों की जङों पर मलने से दातों का घिसना बंद हो जाता है.
9. फिटकरी- फिटकरी, सेंधा नमक और नौसादार को बराबर मात्रा में लेकर अच्छी तरह से बारीक पीसकर पाॅउडर बनाकर दातों व मसूङो मे रगड़ने से दांतों में लगे कीड़े खत्म हो जाते है और दांत घिसना बंद हो जाता है.
10 अजवायन- इसमें थोडा सा सेंधा नमक मिलाकर रात को सोते समय खाने से रात को दांत घिसने से छुटकारा मिलता है.
11. हल्दी- हल्दी को पीसकर सरसों के तेल में मिलाकर दांतों पर रोजाना रगड़ने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है.

Area around my mouth such as upper lip portion and the chin portion feels burning sensation if I apply any face pack or anything or all of a sudden it starts burning and suddenly a large amount of sweat comes over those place I have an oily skin which I think is one of its reason. Please tell me what's is that and suggest me treatment to get rid of it.

Area around my mouth such as upper lip portion and the chin portion feels burning sensation if I apply any face pack ...
Do this instead you can apply aloe vera juice/gel from its leaf (fresh), not from ready made gels available in market. Remove skin of an aloe vera leaf. Take /scoop out gel. Apply this gel to your skin. Wash with plain water after an hour. Or keep it overnight.
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Keep Smiling!

Keep Smiling!

A smile is the prettiest thing you can wear. For a beautiful smile its not only your white teeth but also properly aligned teeth play an important role. Get that perfect aligned smile by getting braces, few things to know about braces treatment

-There is no age limit to braces all you need to ensure is that your gums and teeth are healthy.

- There are a different type of braces which you can opt for based on your comfort, budget and professional needs

- A little discomfort can be expected especially in the first week, lukewarm water and salt gargle can relieve the discomfort. It will be a manageable one so nothing to worry about.

- You have to give extra time into your teeth cleaning routine, special brushes are there which help ortho patients to manage their oral hygiene.

- Retainer given after the treatment is over is a must. It helps in keeping the teeth stable at their position.

Rest we are just a call away for any query about the treatment or for any help during the treatment. The sooner you treat your teeth, the faster you will be able to flash that million dollar smile. Thanks!

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Dental Health!

Dental Health!

Eating a well-balanced diet gives your gums and teeth the important nutrients and minerals they need to stay strong and resist infections.

 

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What is the best treatment option for ulcers in the terminal ilium I mean 100% curable by which pathy allopathy homeo or ayurvedic.

What is the best treatment option for ulcers in the terminal ilium I mean 100% curable by which pathy allopathy homeo...
Meanwhile follow this 1. Don't take tea empty stomach. Eat something like a banana (if you are not diabetic) or any seasonal fruit or soaked almonds and a glass of water first thing in the morning (within 10 mins of waking up). No only biscuits or rusk will not do. 2. Don't overeat 3. Take your breakfast every day. Don't skip it. U can eat whatever your mother or grandparent eat in bfast. I mean to say whatever is your traditional food. If punjabi eat paratha, if belongs to south then take idli/ dosa etc. 4. Have light meals every 2 hours (in addition to your breakfast, lunch n dinner) e.g. Nariyal paani, chaach, a handful of dry fruits, a handful of peanuts, any fresh n seasonal fruit, a cup of curd/milk etc 5. Finish your dinner at least 2 hours before going to sleep. 6. Maintain active life style7. Avoid fast foods, spicy n fried foods, carbonated beverages 8. Take a lot of green vegetables n fruit. 9. Drink lot of water. 10. Everyday preferably sleep on same time exercise in the form of yoga, cycling, swimming, gym, walking etc.For more details, you can consult me.

Tooth Whitening - How Safe Is It?

Tooth Whitening - How Safe Is It?

Nobody is happy with their teeth and everybody wants whiter, brighter teeth. In the last few decades, tooth whitening is one of the most commonly done cosmetic dental procedures. Majority of these people are in the age of 10 to 25, who are very conscious about their looks.

What needs to be understood is that dental whitening is permissible to a certain extent. Not many people realize this and continue to use the tooth whiteners even after the desired result is achieved in an effort to get it a couple of more shades lighter. This is something that needs to be watched for.

Talking about safety of tooth whitening, some of the supposedly unsafe aspects are listed below:

Most products used currently are tested both on patients and in laboratory and are proven to be completely safe. However, overuse or misuse of these products can lead to issues. The active chemical ingredient in most of these products is hydrogen peroxide - most contain about 10% carbamide peroxide which breaks into hydrogen peroxide and urea. There are claims that this is carcinogenic. However, this is not the case and there is no strong correlation. Also, if the application is done correctly, there is very minimal exposure to hydrogen peroxide directly.

The second issue that most people associate tooth whitening is with tooth sensitivity and gum irritation. Both these symptoms are directly related to the percentage of carbamide peroxide. It is shown that products with more than 10% produce more teeth sensitivity and gum irritation than those that contain less than 10%. Improper tray selection can lead to gum irritation. Also, patients who are overzealous and go about whitening their teeth further can end up with severe sensitivity. The explanation in these cases is the enamel is worn off by the chemical leading to exposed dentinal tubules which, even when exposed due to caries, can cause sensitivity.

Listed below are some ways to avoid or reduce sensitivity -

1. When using the bleaching tray applicator, use it only for the recommended period of time. Do not keep it longer to make the teeth whiter.
2. Use a paste that is meant for sensitive teeth. The potassium nitrate in these will help relieve sensitivity.
3. Use a product with fluoride so that the teeth can remineralize. This can be used before and after tooth whitening for up to 4 minutes.

It is advisable to avoid tooth whitening in some cases like the following - 

1. Pregnancy
2. Breast feeding
3. Ceramic crowns or bridges in the front teeth - these cannot be bleached
4. Gingival disease with gum recession and exposed root - the sensitivity is sure to quite high

To avail the best results, always use clinically proven products under the supervision of a dentist.

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Sir please help me, mera mouth guthka khane se band hogya hai. Please madad kijiye ab kya kare?

Kisie maxillofacial surgeon ko dikhayen aapko osmf ho sakta hai jo precancerous kaha jata hai tobacco band karen.
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My wife f-30 has been detected with grade-i haemorrhoids. Small polyp in anal canal after sigmoidoscopy. How can this be treated in ayurveda.

My wife f-30 has been detected with grade-i haemorrhoids. Small polyp in anal canal after sigmoidoscopy.
How can this...
Don't go for any anal surgery but piles are not cure just eating any medicines, it can give you temporary relief, neither is it better to do modern surgery, your anus grip can be loose after surgery, only ayurvedic kshara sutra therapy is a unique ancient technique, which is proved to be an effective treatment of anorectal disorders. It is commonly recommended in patients suffering from piles. According to world health organisation (who, kshar sutra therapy is better than any modern surgery for piles. Contact us for more details, we will provide you demo video for the procedure.