Common Specialities
{{speciality.keyWord}}
Common Issues
{{issue.keyWord}}
Common Treatments
{{treatment.keyWord}}
Call Clinic
Book Appointment

Dr.Rau's clinic

  4.4  (26 ratings)

General Physician Clinic

402, Shefali centre, near Paldi cross roads, Ahmedabad
1 Doctor · 1 Reviews
Book Appointment
Call Clinic
Dr.Rau's clinic   4.4  (26 ratings) General Physician Clinic 402, Shefali centre, near Paldi cross roads, Ahmedabad
1 Doctor · 1 Reviews
Book Appointment
Call Clinic
Report Issue
Get Help
Reviews
Services
Feed

About

Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and fin......more
Our goal is to provide a compassionate professional environment to make your experience comfortable. Our staff is friendly, knowledgable and very helpful in addressing your health and financial concerns.
More about Dr.Rau's clinic
Dr.Rau's clinic is known for housing experienced General Physicians. Dr. Ramesh Rau, a well-reputed General Physician, practices in Ahmedabad. Visit this medical health centre for General Physicians recommended by 58 patients.

Location

402, Shefali centre, near Paldi cross roads,
Paldi Ahmedabad, Gujarat - 380006
Click to view clinic direction
Get Directions

Doctor in Dr.Rau's clinic

Dr. Ramesh Rau

MD
General Physician
88%  (26 ratings)
38 Years experience
View All
View All

Services

Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
Get Cost Estimate
View All Services

Submit Feedback

Submit a review for Dr.Rau's clinic

Your feedback matters!
Write a Review

Patient Review Highlights

"Very helpful" 1 review

Reviews

Popular
All Reviews
View More
View All Reviews

Feed

Nothing posted by this doctor yet. Here are some posts by similar doctors.

Erectile Dysfunction - Know The Causes Behind It

MD - Ayurveda
Ayurveda, Thane
Play video

There is a general misconception about impotence and erectile dysfunction being two separate conditions. In fact, impotence is just another term for erectile dysfunction. If you have a problem in achieving an erection more than 70% of the times when you want to have sex, you are suffering from erectile dysfunction.

Know The Types Of Sexually Transmitted Diseases (STD)

MD - Ayurveda
Ayurveda, Thane
Play video

It is always better to ensure caution and stay protected against possible infections, which are caused by intimate contact amongst partners. Sexually Transmitted Diseases or STDs are common occurrences for many people all over the world. These many range in intensity and type, and may also happen due to various causes.

Premature ejaculations and erectile dysfunction both problem so can I use viagra to increase my sex drive so viagra can work long sex tell me.

BHMS
Homeopath, Hyderabad
Premature ejaculations and erectile dysfunction both problem so can I use viagra to increase my sex drive so viagra c...
Viagra can only help you last longer in bed if your problem is losing your erection too quickly – viagra can’t help with the following problems: coming too early (premature ejaculation) – you might need premature ejaculation treatment instead low libido (sex drive) – medication can’t help here. You may benefit from sex therapy or lifestyle changes getting tired during sex – apart from caffeine before sex, the best way to stop from getting tired is to raise your physical fitness level.
1 person found this helpful

Dear sir / mam I am 17 years old. I am having problem with my sexual anxiety. I feel so horny some times. And now my sperm's quantity has been decreased .what should I do to make its quantity as it was earlier!

BHMS
Homeopath, Chennai
Dear sir / mam I am 17 years old. I am having problem with my sexual anxiety. I feel so horny some times. And now my ...
There are effective medicines in homeopathy to improve your sperm's quality and sperm count. Kindly consult me online for the prescription.

यूरिन इन्फेक्शन का इलाज - Urin Infection Ka Ilaj!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
यूरिन इन्फेक्शन का इलाज - Urin Infection Ka Ilaj!

देर तक पेशाब रोकने से पेशाब के थैली (ब्लैंडर) में बैक्टीरिया जमा हो जाने से पेशाब में कई तरह के इन्फेक्शन हो जाते हैं इसे ही यूरिन इन्फेक्शन या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन या यूटीआई (Urinary Tract InfectionUTI) कहते हैं. अधिकांश यूरिन इन्फेक्शन बैक्टीरिया के कारण होता है पर कभी-कभी या फंगस या वायरस द्वारा भी फैलता है. पुरुषों के अपेक्षा महिलाओं में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. यूरिन इन्फेक्शन का असर मूत्राशय, किडनी व मूत्र नली पर भी होता है. यूरिन इन्फेक्शन बने रहने से किडनी खराब भी हो सकती है. अतः यूरिन इन्फेक्शन को नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए बल्कि इसका उचित इलाज किया जाना चाहिए. आइए हम यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण, कारण व इलाज पर चर्चा करते हैं.

यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण-

यूरिन इन्फेक्शन में कई तरह के लक्षण देखने को मिलते हैं. यूरिन इन्फेक्शन में पेशाब में जलन के साथ-साथ पेशाब करते समय दर्द भी हो सकता है. यूरिन इन्फेक्शन में बार-बार पेशाब या थोड़ा-थोड़ा पेशाब होता है या पेशाब करके आने पर फिर ऐसा लगता है कि फिर पेशाब होगा. यूरिन इन्फेक्शन में पेशाब में बदबू भी आ सकती है. कभी-कभी पेशाब में खून भी आता है. पेशाब का रंग गाढ़ा पीला हो जाता है. यूरिन इन्फेक्शन में पेट या नाभि के नीचे दर्द भी हो सकता है तथा इन्फेक्शन का असर किडनी तक पहुँच जाने पर तेज बुखार भी आ सकता है.

यूरिन इन्फेक्शन का कारण-
यूरिन इन्फेक्शन होने के कई कारण हैं. पेशाब आने पर तुरत पेशाब नहीं करना व पेशाब को रोके रखना इसका मुख्य कारण है. पेशाब रोके रखने से पेशाब के ब्लैंडर में बैक्टीरिया जमा हो जाता है और फिर इस बैक्टीरिया से संक्रमण या इन्फेक्शन हो जाता है. यूरिन इन्फेक्शन के अन्य कारण भी हैं. पानी कम पीने से भी यूरिन इन्फेक्शन होता है. इसके अलावा प्रोजेस्ट्रोन हर्मोन का बढ़ने या एस्ट्रोजन हर्मोन का कम होने से भी यूरिन इन्फेक्शन होता है. रीढ़ की हड्डी स्पाइनल कार्ड में चोट लागने से भी यूरिन इन्फेक्शन होता है. मधुमेह के मरीज को भी यूरिन इन्फेक्शन होने की संभावना अधिक रहती है. इसके अलावा यूरिन इन्फेक्शन आनुवांशिक भी होता है. जननांग क्षेत्र में साफ-सफाई का ध्यान न रखना भी यूरिन इन्फेक्शन का कारण होता है. लड़कियों या महिलाओं में महवारी के समय यूरिन इन्फेक्शन के संभावना बढ़ जाती है.

यूरिन इन्फेक्शन का इलाज
बेकिंग सोडा:
- यूरिन इन्फेक्शन में आधा से एक चम्मच बेकिंग सोडा को एक गिलास पानी में मिलाकर दिन में एक या दो बार पीना चाहिए. इससे शरीर में एसिड का लेवल बना रहता है व पेशाब का इन्फेक्शन भी दूर होता है.

खूब पानी पीना: - यूरिन इन्फेक्शन में खूब पानी पीना चाहिए. अधिक पानी पीने के कारण अधिक पेशाब आने से पेशाब के थैली (ब्लैंडर) का बैक्टीरिया पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर आ जाते हैं और इन्फेक्शन भी ठीक हो जाता है.

छाछ या दही: - यूरिन इन्फेक्शन में छाछ पीना फायदेमंद होता है. छाछ पीने से ब्लैंडर में पनप रहे बैक्टीरिया बाहर हो जाते हैं. छाछ के स्थान पर दही भी लिया जा सकता है.

क्रेनबेरी (Cranberry): - क्रेनबेरी फल का जूस यूरिन इन्फेक्शन में बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली होता है. क्रेनबेरी फल का जूस को सेब के जूस के साथ मिलाकर पीया जा सकता है. इसके प्रयोग से कुछ ही दिन में इन्फेक्शन ठीक हो जाता है.

अन्नानास: - अन्नानास में ब्रोमेलाइन नमक एक एंजाइम होता है जो किडनी व पेशाब के इन्फेक्शन में फायदेमंद होता है. अतः यूरिन इन्फेक्शन में रोज अन्नानास खाना चाहिए या अन्नानास का जूस पीना चाहिए.

सेब का सिरका: - एक गिलास पानी में एक चम्मच सेब का सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लेना चाहिए. अच्छे परिणाम के लिए इसमें नींबू का रस व शहद भी मिला लेना चाहिए. फिर इस सिरका को रोज दो बार पीना चाहिए. इससे इन्फेक्शन दूर होता है.

लहसुन: - लहसुन जीवाणुरोधी माने जाते हैं. अतः इसके सेवन से बैक्टीरिया को नष्ट किया जा सकता है. यूरिन इन्फेक्शन में लहसुन के 3-4 कली खाने चाहिए. लहसुन के दुर्गंध से दिक्कत हो तो लहसुन का पेस्ट बनाकर इसे मक्खन के साथ प्रयोग किया जा सकता है.

प्याज: - प्याज शरीर से फ्री रेडिकल्स व विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक है. इसलिए यूरिन इन्फेक्शन में सलाद के रूप में या जूस के रूप में प्याज का सेवन से इन्फेक्शन जल्द ठीक होता है.

खट्टे फल: - यूरिन इन्फेक्शन में ब्लैंडर के बैक्टीरिया को साइट्रिक एसिड द्वारा दूर किया जा सकता है. अतः यूरिन इन्फेक्शन में खट्टा फल नींबू, संतरा इत्यादि खूब खाना चाहिए. नींबू पानी पीने से भी जल्दी लाभ होता है.


नोट: -
यूरिन इन्फेक्शन यदि जल्द ठीक न हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए बल्कि चिकित्सक के परामर्श से उचित इलाज कराना चाहिए क्योंकि इन्फेक्शन बने रहने से अन्य बीमारी या किडनी पर प्रभाव भी हो सकता है. इन्फेक्शन किडनी तक पहुँच जाने पर किडनी खराब भी हो सकती है.

1 person found this helpful

हार्ट अटैक से बचने के उपाय - Heart Attack Se Bachne Ke Upay!

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
हार्ट अटैक से बचने के उपाय - Heart Attack Se Bachne Ke Upay!

इस बदलते जीवनशैली में बिमारियों से खुद को दूर रखना एक बहुत ही मुश्किल कार्य प्रतीत होता है. अब ऐसी ही एक बीमारी हार्ट अटैक है. हार्ट अटैक हमारे बदलते जीवनशैली का परिणाम है. हार्ट अटैक के कारण ज्यादातर लोग अपनी जान गवां रहे हैं. दुनियाभर की बात करें तो सबसे ज्यादा मौतें हार्ट अटैक के कारण होती है. इसलिए इस बीमारी के बारे में सही जानकारी रखना बहुत महत्वपूर्ण है. यदि आप दिल का दौरा पड़ने पर पहले 15 मिनट में उपचार का प्रबंधित करते है तो रोगी को आसानी से जान बचाई जा सकती है. लेकिन अगर उपचार में 12 घंटे से अधिक समय लग गये तो एंजीयोप्‍लास्‍टी भी काम नहीं करती है.

हार्ट अटैक होने पर-
हार्ट अटैक होने पर आपको फ़ौरन ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है, यह एक इमरजेंसी स्थिति है. यदि आपके ऐसी किसी परिस्थिति में होते है या आपके साथ कोई दिल का मरीज है तो घबराने के बजाय उसका ट्रीटमेंट करना चाहिए. दिल के दौरे का लक्षण देखते ही 15 मिनट में अगर व्‍यक्ति सही तरह का ट्रीटमेंट मिल जाये तो स्थिति गंभीर होने से बचाया जा सकती है और मरीज को जाना जाने से बचायी जा सकती है.

लक्षणों को पहचानें-
सबसे महत्वपूर्ण होता है की आपको दिल का दौरा पड़ने से पहलें लक्षणों को पहचानें. यह आपको किसी प्रकार के वहम की स्थिति में नहीं रखता है. दिल के दौरे पर पड़ने वाले लक्षणों में सीने में जकड़न और बेचैनी, तेजी से सांसों का चलना, कंधों और जबड़ों में दर्द, चक्कर के साथ पसीना आना, नब्ज कमजोर पड़ना और मतली आना जैसे प्रमुख लक्षण हैं.

मरीज को लिटायें-
हार्ट अटैक आने पर सबसे पहलें मरीज को आराम की मुद्रा में लिटायें और मरीज को अगर उपलब्ध हो तो एस्प्रीन टेबलेट चूसने को दें. एस्प्रीन टैबलेट चूसने से हार्ट अटैक से मरने की संभावना 15 प्रतिशत तक कम हो जाती है. क्‍योंकि यह दवा ब्लड क्लॉट बनने को रोकती है है जिससे नसों और मांसपेशियों में खून नहीं जमता है.

इमरजेंसी फोन करें-
मरीज को लिटाने के दौरान ही आपको शीघ्र ही इमरजेंसी नंबर पर फ़ोन कर के अपने स्थिति के बारे में अवगत करा कर तुंरत बुलायें. जरुरी है की आप किसी अच्‍छे अस्‍पताल से संपर्क करें.

सीने को दबायें-
हार्ट अटैक आने से हार्ट रेट बंद हो सकती हैं. यदि अचानक हार्ट अटैक पड़ता हो और कार्डियो पल्मोनेरी के लक्षण हो जहां हार्ट रेट बंद होने लगती है तो सीने को दबाकर सांस चालू करने की कोशिश करें. यह बहुत आसान है और इससे धड़कने फिर से शुरू हो जाती हैं. इसे सीपीआर तकनीक कहते हैं.

सीपीआर कैसे दें-
सीपीआर तकनीक से बंद हुई हार्ट रेट फिर से शुरू हो जाती हैं. इसे करने के लिए रोगी को कमर के बल लिटाना चाहिए. इसके बाद अपने हथेली से मरीज के सीने को जोर से दबाए, जिससे मरीज का सीना एक से लेकर आधा इंच तक निचे जाए. ऐसा प्रति मिनट सौ बार करें और तब तक करते रहे जब तक मरीज को अन्य मदद नहीं मिल जाती है.

कृत्रिम सांस दीजिए-
हार्ट अटैक आने पर मरीज को शीघ्र ही कृत्रिम श्वांस देने की व्यवस्था करना चाहिए. मरीज को सीधा कर के लिटा दें. इससे सांस की नली का अवरोध कम हो जाता है, और कृत्रिम सांस में कोई अवरोध नहीं होता है.इसके बाद मरीज की नाक को उंगलियों से दबाकर रखिये और अपने मुंह से कृत्रिम सांस दें. नथुने दबाने से मुंह से देने वाली सांस सीधे लंग तक जा सकेगी. लंबी सांस लेकर अपना मुंह मरीज के मुंह में चिपकायें, जिससे हवा मरीज के मुंह से किसी तरह से बाहर न निकल सकें. मरीज के मुंह में धीरे-धीरे सांस छोड़ें, 2-3 सेकेंड में मरीज के लंग में हवा भर जायेगी. ऐसा दो से तीन बार कीजिए. अगर मरीज सांस लेना बंद कर दे तब सांस न दें.

Hi, I have sprained my ankle nearly 2 months ago, but I visited a doctor after 1 month when pain didn't subsided. I did xray which reveals nothing. Doc plastered for 2 weeks and after I started a little exercise and hot and cold water fomentation, elevating etc. It's been 3 weeks. Pain isn't subsiding .can I go to office with anklet on or should I take another week rest?

Erasmus Mundus Master in Adapted Physical Activity, MPT, BPTh/BPT
Physiotherapist, Chennai
Hi, I have sprained my ankle nearly 2 months ago, but I visited a doctor after 1 month when pain didn't subsided. I d...
Treating a sprained ankle promotes recovery and prevents further discomfort. It’s important not to put weight on the injured area while you’re recovering from an ankle sprain. Home treatments you may be able to treat mild sprains at home. Recommended home care treatments include: •using elastic bandages (such as an ace bandage) to wrap your ankle, but not too tightly •wearing a brace to support your ankle •using crutches, if needed •elevating your foot with pillows as necessary to reduce swelling •taking ibuprofen (such as advil) or acetaminophen (such as tylenol) to manage pain •getting plenty of rest and not putting weight on your ankle it’s also helpful to apply ice to the injured area as soon as you can to reduce swelling. On the first day, you should apply ice every 20 to 30 minutes, three to four times per day. Afterward, apply ice every three to four hours for the next two days. Your doctor may tell you to stay off of your injured ankle until the pain subsides. For mild sprains, this may take a week to 10 days, while more severe sprains may take up to several weeks to heal. Shop for elastic bandages. How can I prevent an ankle sprain? You can lower your risk for future sprains by: •wrapping the affected ankle in an elastic bandage •wearing a brace, if necessary •performing strengthening exercises •avoiding high heels •warming up before exercising •wearing sturdy, quality footwear •paying attention to surfaces you’re walking on •slowing or stopping activities when you feel fatigued call your doctor right away if you think you’ve sprained your ankle again. When left untreated, an ankle sprain can lead to long-term pain and instability in the ankle. Shop for ankle braces.

I am in my thirties needed a diet plan. which can be easily followed, since I am away from my home?

Masters In Clinical Nutrition & Dietitics
Dietitian/Nutritionist, Bangalore
I am in my thirties needed a diet plan. which can be easily followed, since I am away from my home?
Hello user sure ,we will help you we have a diet plan for bachelor's, which not only help to stay fit and healthy but also easy to follow. But before prescribing any thing we need some information like. Vitals.purpose. Medical history. Family history. Occupation.physical activity. Daily routine and many more so, if you want to contact us, you can contact us directly thru Lybrate.

Fungal Nail Infection - 9 Symptoms Of It!

MBBS, DDVL, Fellowship In Medical Cosmetology & Aesthetics
Dermatologist, Bangalore
Fungal Nail Infection - 9 Symptoms Of It!

Fungal infection in the nails is caused by an overgrowth of fungi in your nails. When the growth of fungus happens on the fingernails or toenails, it is known as onychomycosis or tinea unguium.

Here are the probable causes of why you might get a fungal nail infection:

  1. Diabetes
  2. Problems in your circulatory system
  3. Age
  4. Artificial nails
  5. Swimming in public pools
  6. Nail injuries
  7. Skin injuries surrounding the nail
  8. Fingers or toes, which have been moist for an extended period of time
  9. Immune system problems
  10. Wearing shoes which have enclosed toes

It is also worth noting that fungal infections happen much more frequently in your toenail as compared to your fingernails, this is because of two main reasons. Firstly, that the fungi can grow very easily on your toenails because of the position as your shoes are dark, warm and moist and therefore, perfect for the growth of fungi.

The second reason for more fungal infections on your toenails as compared to your fingernails is because toes have less blood flow than fingers, thus making it harder for the immune system to fight off the infection.

Fungal infections in your nails are one of the easier infections to diagnose. This is because there are several symptoms which indicate you have this condition.

Here are some of those symptoms:

  1. Scaling underneath your skin
  2. White or yellow streaks on your nails
  3. Corners of the nail may crumble
  4. Flaky surface of the nail
  5. Yellow spots at the bottom of the nails
  6. Loss of nail
  7. A nail breaking off from the rest of the nail
  8. An odor from the nail
  9. Brittle or thick nails
4 people found this helpful

Homeopathic Remedies For Controlling Migraine!

BHMS, N.D.D.Y., P.G.D.H.A., Diploma in Nutrition and Health Education (DNHE)
Homeopath, Gurgaon
Homeopathic Remedies For Controlling Migraine!

Migraines are characteristically throbbing, intrusive and sometimes, prolonged headache accompanied by sensitivity to sound and light and the feeling of nausea. They are fairly common and usually treatable with home remedies and allopathic drugs. The word migraine has been derived from another word ‘hemicranias’ which means one sided headache. Headaches resulting from migraines tend to occur in episodes rather than being regular. Additionally, the intensity of a migraine will also vary with some attacks being very severe while other attacks will be a lot more moderate. The pain is often accompanied by nausea or vomiting.
Homeopathy may play an efficient role in the treatment of migraines. Homeopathic medicines are prescribed based on the type, duration and intensity of the migraine attacks and are most often helpful in their treatment.

Homeopathy aims to cure the headache from its very root without attracting side effects. Some of the common homeopathic medicines include:

  1. Belladonna: This is one of the most common homeopathic drugs prescribed for migraines. This medicine aims to cure the throbbing character of the migraine in the temporal region, which is further induced by light and sound.
  2. Spigelia: This is useful to treat headaches arising from the left hemisphere of the brain that is fairly common among individuals experiencing migraines. Additionally, there would be an occurrence of severe pain in the eyeballs which might be worsened by excess movement of the eyes.
  3. Glonoinum: This medicine works fairly well with congestive headaches which are accompanied by a constant feeling of blood rushing to the head. You might also feel shocks in your head.
  4. Sanguinaria Canadensis: This is prescribed in case of headaches that form from the back of the skull and settle prominently in the right hemisphere of the skull. The eyes also tend to throb; another symptom that is remedied by the use of this medicine.
  5. Natrum Muriaticum: this is usually prescribed to women who complain of their migraines worsening during their menses. The headaches can be accompanied by temporary loss of vision.
View All Feed

Near By Clinics

  4.4  (26 ratings)

Dr.Rau's clinic

Paldi, Ahmedabad, Ahmedabad
View Clinic

REHABEDGE+

Paldi, Ahmedabad, AHMEDABAD
View Clinic

Dhanak Dental Hospital

Ashram road, Ahmedabad, Ahmedabad
View Clinic

DR Deepak D Parikh Clinic

Paldi, Ahmedabad, Ahmedabad
View Clinic