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Dev Shri Homeo Clinic

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It is important to us that you feel comfortable while visiting our office. To achieve this goal, we have staffed our office with caring people who will answer your questions and help you ......more
It is important to us that you feel comfortable while visiting our office. To achieve this goal, we have staffed our office with caring people who will answer your questions and help you understand your treatments.
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Dev Shri Homeo Clinic is known for housing experienced Homeopaths. Dr. Ramesh Chandarana, a well-reputed Homeopath, practices in Ahmedabad. Visit this medical health centre for Homeopaths recommended by 81 patients.

Timings

MON-SAT
05:00 PM - 09:00 PM 10:00 AM - 01:00 PM

Location

20 Suvas Avenue ICICI Bank Rajsthan Hospital Road Shahibaug Road Ahmedabad - 380004
Shahibaug Ahmedabad, Gujarat - 380004
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Fistula Treatment By Kshar Sutra

B.A.M.S
Ayurveda, Gorakhpur
Fistula Treatment By Kshar Sutra

Anal rectal problem fistula is most common problem at this time. And mostly it is misdiagnosed and people get operated as rectal access.
Most common feature are a boil around anus, pus supurating boil near anus. Musilaginous white or watery discharge near anus. Wet feeling always near anus. Painful protuted boil near anus. Sometimes anorectal abcess.

Now we have to to whom should I contact for this very problem.
First people should go for ayurvedic kshar sutra practitioner who is best for it's cure. Because fistula treatment by other surgical methods or medication, are very recurrent in nature. They again come with same symptoms. In a week, months, years.
And when we treat it with kshar sutra it is 100percent treated. Never comes again. And this kshar sutra method never injure the muscular rings of the anal canal and very safe method. Thanks

FOODS TO BOOST IMMUNITY

Doctor of Medicine (M.D.), MBBS Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery
Internal Medicine Specialist, Bangalore

Natural foods to boost immune system 

Some vitamins and minerals are to consumed regularly to boost our immune system.

Vitamin c: citrus fruits, amla, leafy green vegetables such as spinach, Capsicum (yellow, broccoli, and green chillies. Strawberries, papaya and guava are also excellent sources. 

Vitamin e: almonds, peanuts, hazel nuts, avacado and sunflower seeds are all high in vitamin e. So are spinach and broccoli.

Vitamin b6: foods high in vitamin b6 include bananas, lean chicken, meat fish (tuna, spinach, broccoli, red capsicum, baked potatoes and chickpeas. Pista is also a good source 

Vitamin a: carotenoids a carrots, sweet potatoes, pumpkin, green leafy vegetables, red capsicum and peas are all good options. Whole milk also a good source. Papaya and mango fruits are also a good source.

Vitamin d: you can increase your intake through foods such as fatty fish, mushrooms, cheese, soya products, Sunflower seeds and egg yolk are good sources.Sunlight is best natural source. 

Folate: to get more folate, add more beans and peas to your plate on a regular basis. Leafy green vegetables, broccoli and bhindi are also a good option. Avacado and citrus fruits are also good options 

Iron: Green leafy vegetables, legumes, lentils Pumpkin, and mushrooms. Sesame seeds, cashew and pista also contain good amount of iron. Dark chocolate also a good source.

Selenium: beans, peas, and spinach. Sea food, lean meat, chicken and eggs. Brazil nuts contain good amount of selenium.

Zinc: Pumpkin seeds, chickpeas, spinach and cashews. Meat and poultry are good sources. Stress free life, positive thoughts, yoga, exercises and meditation also boost immune system.

 

Tattoo Banvane ke Nuksan in Hindi - टैटू बनवाने के नुकसान

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Tattoo Banvane ke Nuksan in Hindi - टैटू बनवाने के नुकसान

टैटू का आजकल के युवाओं में काफी ट्रेंड है. इसकी लोकप्रियता आजकल बहुत ज्यादा होती जा रही है. इसकी लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि आजकल महिलाएं और लड़कियाँ भी काफी टैटू बनवा रहे हैं. लेकिन इससे होने वाले नुकसान को कोई नहीं जानता है. यदि आप इससे होने वाले नुकसान को भी ध्यान में रखें तो आप इससे होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं. इसलिए आइए आपको हम टैटू से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताएं.
1. त्वचा की समस्या
ये तो आपको भी पता है कि टैटू आजकल के युवाओं में एक तरह का स्टाइल स्टेटमेंट बनता जा रहा है. आजकल के युवा अपने शरीर पर तरह-तरह के टैटू बनवाने का चलन है जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो गया है. लेकिन आपको ये जानकर हैरानी हो सकती है कि टैटू से गंभीर बीमारियों की आशंका के अलावा त्वचा पर लालिमा, सूजन, मवाद आने के साथ दर्द होना, आदि तरह के त्वचा संक्रमण हो सकते हैं. इसके अलावा इससे बैक्टीरिया स्टाफ या स्ट्रेप के कारण जीवाणुओं का संक्रमण होने का भी डर रहता है. टैटू बनावाने में सावधानी बेहद आवश्यक है. यहाँ तक कि यदि आप नकली टैटू बनवाना चाहते हैं तो भी आपक सावधान रहने की जरुरत है. क्योंकि इससे आपके त्वचा पर एलर्जी जैसी समस्या हो सकती है.
2. चर्म रोग और कैंसर
टैटू बनावाने में और भी कई तरह के डर और समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. जब कोई टैटू बनवाता है तब तो लोग ज्यादा विचार नहीं करते हैं. आपको जानकार हैरानी हो सकती है कि इससे सोराइसिस जैसी बीमारी होने का खतरा भी होता है. दरअसल टैटू बनाते समय जब एक व्यक्ति का नीडल दूसरे व्यक्ति पर इस्तेमाल की जाती है तब चर्म रोग, हेपेटाइटिस और एचआईवी जैसी संक्रमित बीमारियों के होने का खतरा है. यहाँ तक कि टैटू बनवाने से त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ सकता है. लेकिन फिर भी शरीर पर तरह-तरह के टैटू बनवाने का चलन युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है.
3. विषैले तत्वों से खतरा
आपको ये भी जानना चाहिएकि टैटू बनाते समय लिए प्रयोग की जाने वाली स्याही में कई तरह के विषैले तत्व मौजूद होते हैं, जिनसे त्वचा कैंसर का खतरा बना रहता है. आपको बता दें कि टैटू बनाने वालों द्वारा प्रयुक्त नीले रंग की स्याही में कोबाल्ट और एल्यूमिनियम होता है. जबकि लाल रंग की स्याही में मरक्यूरियल सल्फाइड और दूसरे रंगों की स्याहियों में शीशा, कैडमियम, क्रोमियम, निकल, टाइटेनियम और कई तरह की दूसरी धातुएं मिली होती हैं. इन तत्वों से आपके त्वचा पर एलर्जी उत्पन्न होने का खतरा रहता है.
4. मांसपेशियों को नुकसान
टैटू बनाने से हमारे शरीर की त्वचा को होने वाले नुकसान को आज भी समझ नहीं पाते हैं. कुछ डिजाइनों में टैटू उकेरने वाली सूईयों को शरीर में गहरा चुभाया जाता है, जिससे मांसपेशियों तक को नुकसान पहुंचता है. विशेषज्ञ कहते हैं कि शरीर पर तिल वाले स्थान पर टैटू नहीं बनवाना चाहिए. यदि आप अपने शरीर की मांसपेशियों को टैटू बनाने से होने वाले नुकसान को बचाना चाहते हैं तो आपको इन सब बातों का ध्यान रखना चाहिए.
5. बरतें सावधानी
यदि आपको टैटू बनवाना अच्छा लगता है तो आप इससे पहले हेपेटाइटिस बी का टीका लगवा लें. इसके अलावा आप टैटू बनवाने से पहले ये भी जरूर सुनिश्चित कर लें कि टैटू बनाने वाला इसका अच्छा जानकार हो और उसके पास आधुनिक उपकरण और साफ-सफाई का पूरा ध्यान दिया जाता हो. उस जगह पर नियमित रूप से एंटीबायोटिक क्रीम लगाते रहें. इन सब उपायों को करने और इनके बारे में जानने के बाद आप टैटू बनवाएंगे तो आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा बल्कि आप टैटू बनाने के बाद होने वाली परेशानियों से बच सकते हैं.

I am pregnant of 4th month. My doctor gave progesterone tablets. Is it necessary to take those tablets if so upto which month of pregnancy I have to take these tablets.

MBBS, MD - Obstetrtics & Gynaecology, MRCOG(UK - London )
Gynaecologist, Gurgaon
I am pregnant of 4th month. My doctor gave progesterone tablets. Is it necessary to take those tablets if so upto whi...
Studies have shown that in healthy pregnancy you don't need progesterone supplementation. Was there any bleeding during pregnancy. If started, it is generally stopped by 12 weeks of pregnancy.
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Haldi Milk Benefits - हल्दी के दूध के फायदे

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Haldi Milk Benefits - हल्दी के दूध के फायदे

हल्दी और दूध दोनों ही पोषक तत्वों से भरपूर हैं. इसलिए जब हम इन्हें संयुक्त रूप से इस्तेमाल करते हैं तो ये बहुत फायदेमंद होता है. हल्दी और दूध के मिश्रित फायदे से हम कई तरह की परेशानियों से बच सकते हैं. ये पौष्टिक होने के साथ-साथ हमें कई तरह की बीमारियों और परेशानियों से बचाता है. आइए हम आपको हल्दी दुध के फायदों से रूबरू कराते हैं.
1. त्वचा के लिए
हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों से भी लड़ते हैं जो न केवल बीमारी का कारण होते हैं बल्कि उम्र बढ़ने का भी कारण होते हैं. इससे आपकी त्वचा युवा और स्वस्थ रहती है.
2. बेहतर नींद पाने में
हल्दी के गर्म दूध को सोने से एक घंटे पहले पीने से ज्यादा बेहतर नींद आती है. दूध में सेरोटोनिन और मेलाटोनिन है, जो मस्तिष्क रसायन हैं जो आपकी नींद चक्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. हल्दी तनाव कम कर देती है और आपके शरीर को आराम देती है.
3. मासिक धर्म में
हर दिन हल्दी के साथ दूध का एक गिलास पीने से मासिक धर्म की पीड़ा और ऐंठन से भी राहत मिलती है. मासिक धर्म के दौरान महिलाएं इसके इस्तेमाल से काफी राहत महसूस करती हैं. महिलाएं इसका इस्तेमाल करके अपनी परेशानी कम कर सकती हैं.
4. श्वसन प्रणाली से संबंधित बीमारियों
हल्दी दूध रोगाणुरोधी है और बैक्टीरियल संक्रमण और वायरल संक्रमण से लड़ता है. यह मसाला आपके शरीर के ताप को बढ़ाता है और फेफड़ों में कंजैशन और साइनस से जल्दी राहत प्रदान करता है, इसलिए यह श्वसन प्रणाली से संबंधित बीमारियों के उपचार में उपयोगी है. हल्दी दूध अस्थमा और ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए भी एक कारगर उपाय है.
5. सर्दी खांसी में
हल्दी एंटीसेप्टिक और सूजन को कम करने वाले गुणों से समृद्ध है जो संक्रमण के साथ-साथ खाँसी या ठंड के लक्षणों से लड़ने में मदद करते हैं. यह सूखी खांसी के खिलाफ विशेष रूप से प्रभावी है.
6. रक्त परिसंचरण सुधारने में
यह शक्तिशाली मसाला सदियों से आयुर्वेदिक दवाओं में एक रक्त शोधक के रूप में इस्तेमाल किया गया है. यह रक्त परिसंचरण में सुधार करता है. यह आपके लिवर द्वारा आपके पूरे शरीर को डिटॉक्सिफाय करने में भी मदद करता है.
7. बेहतर पाचन में मददगार
यह एक शक्तिशाली एंटीसेप्टिक हैं जो आंत्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है और पेट के अल्सर और कोलाइटिस को ठीक करता है. यह बेहतर पाचन में मदद करता है और अल्सर, दस्त, अपच आदि को रोकता है.
8. वजन कम करने में
हल्दी में पाए जाने वाले तमाम गुणों में से एक ये भी है कि इसमें उपस्थित यौगिक आपके शरीर में वसा को नष्ट कर आपको वजन कम करने में मदद करते हैं. डाइटिंग करने वाले लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.
9. गठिया में
हल्दी में सूजन को कम करने वाले गुणों के साथ गठिया के साथ जुड़े दर्द, सूजन और जलन को शांत करने की क्षमता है. यह पेय आपकी हड्डियों और जोड़ों को मजबूत करता है, साथ ही लचीलेपन में सुधार लाता है.
10. कैंसर को रोकने में
कच्ची हल्दी से बना दूध स्तन, त्वचा, फेफड़े, प्रोस्टेट और पेट के कैंसर को रोकता है और क्योंकि इसमें सूजन को कम करने वाले गुण हैं. यह डीएनए को नुकसान पहुंचाने वाली कैंसर कोशिकाओं को रोकता है और कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को कम कर देता है.
11. प्राकृतिक प्रतिरक्षा को बढ़ाने में
इस मसाले के एंटीवायरल गुण आपकी प्राकृतिक प्रतिरक्षा को बढ़ावा देते हैं और वायरस के बढ़ने को रोकते हैं, ताकि आप हेपेटाइटिस जैसे संक्रमणों से बचे रहें. शोध से यह भी पता चलता है कि हल्दी अल्जाइमर रोग की प्रगति को धीमा कर देती है और यहां तक कि कैंसर होने का खतरा भी कम करती है.

Benefits of Black Coffee in Hindi - ब् लैक कॉफी के फायदे

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Lakhimpur Kheri
Benefits of Black Coffee in Hindi - ब् लैक कॉफी के फायदे

चाय के बाद पिए जाने वाले पेय पदार्थों में कॉफ़ी लोकप्रिय पेय पदार्थ है. कई लोगों को सुबह-सुबह या दिन में कई बार पिने की आदत होती है. कुछ लोग इसे थकान दूर करने या नींद न आने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. कॉफ़ी में भी एक तो होता है नॉर्मल कॉफ़ी और दूसरा है ब्लैक कॉफ़ी जिसे ज्यादातर लोग पसंद करते हैं. दरअसल कॉफ़ी को लेकर कई तरह की अफवाहें भी हैं जिनसे कई बार लोग भ्रमित हो जाते हैं. जबकि ब्लैक कॉफ़ी में मैग्नीज, पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी 5, विटामिन बी 3,राइबोफ्लेविन (विटामिन बी 2) आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इसलिए ये स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है. इसके अतिरिक्त ब्लैक कॉफी में कैफीन की भी मात्रा पायी जाती है जो कि आपकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है. एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर कॉफी पार्किन्सन, अल्जाइमर और यहां तक कि डेमेंटिया जैसे न्यूरोडजेनेरेटिव विकारों के जोखिम को दूर करने में मदद कर सकती है. आइए ब्लैक कॉफ़ी पिने के फायदों को जानें.
1. मूड सही करने में
ब्लैक कॉफ़ी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल मूड को सही करने के लिए ही किया जाता है. ये आपके मूड को सही करती है. जाहिर है जब आपका मूड सही रहेगा तो आप खुद को ताजा और अवसाद को दूर पाएंगे जिससे आप अपना काम ठीक से कर पाएंगे.
2. मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने में
यदि आप नियमति रूप से ब्लैक कॉफ़ी का सेवन करेंगे तो आपके मस्तिष्क की क्षमता में भी वृद्धि होगी. मॉडरेट ब्लैक कॉफ़ी पीने से आपको ध्यान में सुधारने और अपने मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है.
3. शरीर का इन्फ्लेमेशन कम करने में
ब्लैक कॉफ़ी की सहायता से आप अपने बॉडी का इन्फ्लेमेशन काफी हद तक कम कर सकते हैं. इसलिए जो लोग अपने शरीर का इन्फ्लेमेशन कम करना चाहते हैं उन्हें नियमित रूप से कॉफ़ी का सेवन करना चाहिए. 
4. ह्रदय को स्वस्थ रखने में
हमारे स्वस्थ रहने के लिए हमारे ह्रदय का स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है. काली कॉफी की मॉडरेट की खपत हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकती है. इसलिए यदि आप अपने ह्रदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको भी ब्लैक कॉफ़ी का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए.
5. शुगर के उपचार में
कई शोधों में ब्लैक कॉफ़ी को शुगर के उपचार के लिए भी आवश्यक माना गया है. ऐसा देखा गया है कि कॉफी आपको टाइप 2 डायबिटीज़ और कार्डियोवैस्कुलर से जुड़े रोगों से बचाती है. इसके सेवन से आप शुगर के जोखिम को कम कर सकते हैं.
6. तनाव कम करने में
कॉफी में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों और एंटीऑक्सिडेंट ऑक्सिडेटिव तनाव को कम कर सकते हैं. कॉफी में भारी मात्रा में क्लोरेनोनिक एसिड पाए जाते हैं, जो सबसे जरूरी एंटीऑक्सिडेंट्स में से एक है. इसलिए आप भी अपना तनाव कम करने के लिए ब्लैक कॉफ़ी का इस्तेमाल कर सकते हैं.
पिने की सही मात्रा
कहा जाता है कि बिना किसी भी चीज की सही मात्रा का सेवन किए हुए आप उसका उचित लाभ नहीं ले सकेंगे. विशेषज्ञों का सुझाव है कि एक व्यक्ति को एक दिन में 400 मिलीग्राम से अधिक कॉफी नहीं लेनी चाहिए. क्रीम और एडेड शुगर के बिना पीना सबसे अच्छा है. क्योंकि इससे आपको अधिक कैलोरी मिलती है. इसलिए आपको भी चाहिए कि ब्लैक कॉफ़ी का सेवन उचित अनुपात में ही करें.

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AYURVEDIC REMEDIES FOR BURNS

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Bangalore
AYURVEDIC REMEDIES FOR BURNS

Ayurvedic Remedies For Burns

Ghee - Ghee gives a cooling effect on the skin. Apply on the affected area.

  1. Wash with Cucumber Water - Put the affected area under running tap water for a few minutes and wash with cucumber water or rose water. Both of these have astringent properties and help in preventing infection.
  2. Aloe Vera Paste You can also crush Aloe Vera leaves and apply the pulp. If fresh leaves are not easily available, you can use Aloe Vera gel available in stores.
  3. Honey & Coconut Oil Mix equal amounts of honey with plain coconut oil. Use this mixture on the burn area for relief. Instead of coconut oil you can use sesame oil as well.
  4. Plain Honey - Apart from its delicious taste, honey may help heal a minor burn when applied topically. Honey is an anti-inflammatory and naturally anti-bacterial and anti-fungal.

Breast Enhancement With Ayurveda

Bachelor of Ayurveda, Medicine and Surgery (BAMS)
Ayurveda, Bangalore

CAUSES OF SMALL BREASTS

There are several factors involved concerning the issue of a woman’s breast size but heredity is the fundamental one as it determines breast fat tissue distribution. Nonetheless there might be some other factors responsible for small breast size including hormonal factor, described as the lack of female hormone (oestrogen) or excessive production of male hormone which leads to natural breast growth setback.

Natural methods for breast enlargement –

Ayurveda provides a number of simple breast enhancement tips which can help women in their pursuit for perfect proportions of breasts to feel themselves on top. Usually it will require to use various herbal remedies which will to fix the problem:

  • Massage with sesame oil or Tila Taila : Ayurvedic treatment uses massage as one of its essential methods. For massage purposes it is strongly recommended to use sesame seed oil since it is very rich with protein, calcium, iron and phosphorus. You will need to do the massage twice a day to reach the result of bigger and healthy breasts. When doing your massage procedures always make sure you apply the right pressure to prevent your breasts from any damage. In case you want to get the best affordable result it might be a good to use professional masseur services.
  • Lifestyle change: It will require you to consume a lot of water and lots of green vegetables, soy products and everything which have high concentration of oestrogen like
  1. Tempeh - Tempeh is produced from soya beans and it contains oestrogen in high amount.
  2. Tofu. Tofu is the other soy product that can be most helpful to balance the oestrogen levels in the body.
  3. Soybeans.
  4. Soy milk.
  5. Flax seeds.
  6. Sesame seeds.
  7. Sunflower seeds.
  8. Dried apricots.
  9. Alcohol
  10. Dairy products
  11. Dried prunes
  12. Pistacios
  13. Beet roots and beet greens
  14. Chickpeas
  15. alfalfa sprout
  16. Bran - Rye bran, Wheat bran, Oat bran, Barley bran

Health Benefits of Alfalfa

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Health Benefits of Alfalfa

Health Benefits of Alfalfa

Health Benefits Of Ragi

M.Sc. in Dietetics and Food Service Management , Post Graduate Diploma In Computer Application, P.G.Diploma in Clinical Nutrition & Dietetics , B.Sc.Clinical Nutrition & Dietetics
Dietitian/Nutritionist, Mumbai
Health Benefits Of Ragi

Health Benefits Of Ragi

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